Hariyali Amavasya 2023: काल-सर्प, पितृ-दोष एवं धन-संकट से मुक्ति के लिए ऐसे करें शिव जी की पूजा एवं अचूक उपाय!
हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष श्रावण मास की अमावस्या को हरियाली अमावस्या के नाम से मनाया जाता है, क्योंकि मान्यताओं के अनुसार इस दिन प्रत्येक व्यक्ति को पांच तरह के पौधे अवश्य लगाने चाहिए, जिससे पितृदोष, शनिदोष, कालसर्प एवं एवं कुंडली के अन्य दोषों से मुक्ति मिलती है, इसलिए इसे हरियाली अमावस्या कहा जाता है...