Who After Khamenei in Iran? तेहरान पर हुए हालिया सैन्य हमलों के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता आयतोलला अली खामेनेई की मृत्यु ने इस्लामी गणराज्य में एक गंभीर सत्ता संघर्ष और नेतृत्व का शून्य पैदा कर दिया है. ईरान के संविधान के अनुसार, अब 'विशेषज्ञों की सभा' (Assembly of Experts) को अगले सर्वोच्च नेता का चुनाव करना है. इस उच्च-स्तरीय पद के लिए कई प्रभावशाली हस्तियां उभरकर सामने आई हैं, जो ईरान के भविष्य की दिशा तय कर सकती हैं.
मोजतबा खामेनेई: संस्थागत निरंतरता के प्रतीक
दिवंगत सर्वोच्च नेता के 56 वर्षीय दूसरे बेटे, मोजतबा खामेनेई को सत्ता के उत्तराधिकार में सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है. उन्होंने दशकों तक अपने पिता के कार्यालय में काम किया है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के साथ उनके गहरे संबंध हैं. यह भी पढ़े: Ayatollah Ali Khamenei Dies: US-इजरायल के हमले में ईरान के ‘सुप्रीम लीडर’ खामेनेई की मौत, ईरान में 40 दिनों के शोक की घोषणा
हालांकि, उनकी उम्मीदवारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती वैचारिक है. ईरान की धार्मिक स्थापना के भीतर कई लोग 'वंशानुगत उत्तराधिकार' का विरोध करते हैं, क्योंकि 1979 की क्रांति राजशाही को खत्म करने के लिए ही हुई थी. इसके बावजूद, सैन्य-सुरक्षा विंग का समर्थन उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाता है.
आयतोलला अलीरेज़ा अराफी: पारंपरिक और सुरक्षित विकल्प
67 वर्षीय अराफी ईरान के पारंपरिक धार्मिक और प्रशासनिक अभिजात वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं. देशव्यापी मदरसा प्रणाली के निदेशक और गार्जियन काउंसिल के सदस्य के रूप में, उनके पास वह धार्मिक योग्यता है जो अन्य उम्मीदवारों के पास कम है. उन्हें व्यवस्था के प्रति वफादार लेकिन व्यावहारिक माना जाता है. हाल के महीनों में उनकी मॉस्को की कूटनीतिक यात्राओं ने संकेत दिया था कि उन्हें एक बड़ी भूमिका के लिए तैयार किया जा रहा है.
मोहम्मद महदी मीरबाघेरी: कट्टरपंथी गुट के मार्गदर्शक
64 वर्षीय मीरबाघेरी ईरानी व्यवस्था के सबसे रूढ़िवादी और कट्टरपंथी धड़े के नेता हैं. वह पश्चिमी विकास मॉडलों के कड़े विरोधी हैं और पूरी तरह से धार्मिक समाज की वकालत करते हैं. यदि उनका चयन होता है, तो यह ईरान की विदेश नीति में अधिक टकराव और घरेलू स्तर पर और अधिक सख्ती का संकेत होगा. हालांकि, प्रशासनिक अनुभव की कमी उनके लिए बाधा बन सकती है.
गुलाम हुसैन मोहसेनी-एजेई: सुरक्षा और न्यायपालिका का अनुभव
ईरान के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश, 69 वर्षीय एजेई के पास उच्च-स्तरीय शासन का सबसे व्यापक अनुभव है. वह खुफिया मंत्री और अभियोजक जनरल रह चुके हैं. युद्ध और संक्रमण के इस दौर में उनकी सुरक्षा मामलों पर पकड़ को एक बड़ी संपत्ति के रूप में देखा जा सकता है. वह धार्मिक प्रतिष्ठान और सुरक्षा बलों के बीच एक सेतु का काम कर सकते हैं.
हसन खुमैनी: सुलह और समझौते का 'वाइल्ड कार्ड'
इस्लामी गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्ला खुमैनी के 53 वर्षीय पोते, हसन खुमैनी एक महत्वपूर्ण नाम हैं. हालांकि उन्हें कट्टरपंथियों द्वारा वर्षों से किनारे रखा गया है, लेकिन उनके परिवार का नाम उन्हें अद्वितीय प्रतीकात्मक वैधता देता है. उन्हें एक ऐसे उम्मीदवार के रूप में देखा जा सकता है जो जनता के असंतोष को शांत करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक उदार रुख अपनाने में मदद कर सके.











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