Hindi Diwas 2019: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी क्यों बनाना चाहते थे हिंदी को राष्ट्रभाषा, जानिए कौन थे उनके हिंदी दूत
स्वतंत्रता आंदोलन में जब महात्मा गांधी संपूर्ण भारत का दौरा कर रहे थे, तब उन्हें कई बार हिंदी की ताकत का अहसास हुआ, क्योंकि यही एक भाषा थी, जो पूरे देश को एकसूत्र में जोड़ सकती थी. यही वजह थी कि ब्रिटिश सरकार से मुक्ति मिलने के पश्चात देश को एक राष्ट्रभाषा चुनने का प्रश्न उठा तब गांधी जी ने हिंदी को आगे करते हुए बताया कि हिंदी के बिना संपूर्ण आजादी की कल्पना भी बेमानी होगी.