Maha Kumbh Stampede Update: कांग्रेस ने केंद्र और योगी सरकार पर ‘‘आधे-अधूरे’’ प्रबंध करने का आरोप लगाया
कांग्रेस ने संगम में ‘‘भगदड़ जैसी’’ स्थिति को लेकर बुधवार को केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए मांग की कि महाकुंभ का प्रबंधन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से किसी ‘‘बेहतर प्रशासक’’ को सौंपा जाए तथा वहां वीवीआईपी लोगों की आवाजाही रोकी जाए.
नयी दिल्ली, 29 जनवरी : कांग्रेस ने संगम में ‘‘भगदड़ जैसी’’ स्थिति को लेकर बुधवार को केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए मांग की कि महाकुंभ का प्रबंधन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से किसी ‘‘बेहतर प्रशासक’’ को सौंपा जाए तथा वहां वीवीआईपी लोगों की आवाजाही रोकी जाए. अधिकारियों ने बताया कि महाकुंभ के दौरान बुधवार को संगम पर ‘‘भगदड़ जैसी’’ स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसमें कई लोगों के हताहत होने की आशंका है. मौनी अमावस्या पर पवित्र स्नान के लिए लाखों तीर्थयात्री महाकुंभ में उमड़े. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि महाकुंभ के दौरान तीर्थराज संगम के तट पर हुई भगदड़ से कई लोगों के हताहत होने का समाचार बेहद हृदयविदारक है.
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं और हम घायलों के शीघ्र अति शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं.’’ खरगे ने कहा, ‘‘इसके लिए आधी अधूरी व्यवस्था, वीआईपी लोगों की आवाजाही, प्रबंधन से ज्यादा स्व-प्रचार पर ध्यान देना और बदइंतजामी जिम्मेदार हैं. हजारों करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद ऐसी व्यवस्था होना निंदनीय है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अभी कई महत्वपूर्ण शाही स्नान बचे हैं. केंद्र और राज्य सरकारों को अब चेत जाना चाहिए और व्यवस्था को सुधारना चाहिए ताकि आगे ऐसी अप्रिय घटनाएं न हों.’’ उन्होंने कहा, ‘‘श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, प्राथमिक चिकित्सा तथा आवाजाही आदि की व्यवस्था में सुधार करना चाहिए और वीआईपी लोगों की आवाजाही पर लगाम लगानी चाहिए. यही हमारे साधु-संत भी चाहते हैं.’’ यह भी पढ़ें : महाराष्ट्र : नाबालिग लड़के का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में मदरसे के शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज
खरगे ने कहा, ‘‘कांग्रेस के हमारे कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि पीड़ितों को हर संभव मदद करें.’’ कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि जिस तरह की भीड़ और आधी-अधूरी व्यवस्था है, उससे इस तरह की दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी. खेड़ा ने ‘एक्स’ के जरिए कहा कि प्रयागराज में कुंभ स्नान के दौरान मची भगदड़ में कई श्रद्धालुओं के हताहत होने की खबर बेहद दुखदाई है. उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह की भीड़ और आधी-अधूरी व्यवस्था थी उससे इस तरह की दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अभी कई महास्नान बचे हुए हैं. ऐसे में आवश्यक है कि वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे जाएं और योगी आदित्यनाथ की जगह मेले को संचालित करने की जिम्मेदारी किसी अन्य बेहतर प्रशासक को देकर वीवीआईपी की आवाजाही बंद की जाए.’’
मेले के लिए विशेष कार्य अधिकारी आकांक्षा राणा ने कहा, ‘‘संगम पर अवरोधक टूटने के बाद कुछ लोग घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हमें अभी तक घायलों की सही संख्या नहीं पता है.’’ मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान महाकुंभ का सर्वाधिक महत्वपूर्ण आयोजन होता है और इसमें करीब दस करोड़ लोगों के गंगा में डुबकी लगाने की संभावना है.
इस वर्ष, 144 वर्षों के बाद 'त्रिवेणी योग' नामक एक दुर्लभ खगोलीय संयोग बन रहा है, जो इस दिन के आध्यात्मिक महत्व को और बढ़ा रहा है. आधी रात के बाद लगभग दो बजे कुंभ मेला क्षेत्र में लाउडस्पीकर से गूंजते मंत्रों और श्लोकों के निरंतर उच्चारण के बीच संगम की ओर दौड़ती एम्बुलेंस और पुलिस वाहनों के तेज सायरन की आवाजें गूंज उठीं. घायलों को मेला क्षेत्र में बने केंद्रीय अस्पताल में ले जाया गया. कई घायलों के रिश्तेदार भी वहां पहुंचे, साथ ही कुछ वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी वहां पहुंचे. त्रिवेणी संगम - गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम - हिंदुओं द्वारा सबसे पवित्र माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि महाकुंभ के दौरान और विशेषकर मौनी अमावस्या जैसी विशेष स्नान तिथियों पर इसमें डुबकी लगाने से लोगों के पाप धुल जाते हैं और उन्हें मोक्ष मिलता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 29, 2025 10:10 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

