गाजा युद्ध रोकने के लिए पश्चिमी देशों ने उठाई मांग
दो दर्जन से ज्यादा पश्चिमी देशों ने गाजा में जंग तुरंत रोकने की मांग की है.
दो दर्जन से ज्यादा पश्चिमी देशों ने गाजा में जंग तुरंत रोकने की मांग की है. इन देशों का कहना है कि गाजा के लोगों की तकलीफें नई "गहराइयों तक पहुंच" गई हैं. इस्राएल ने दाइर अल- बालाह में अपना सैन्य अभियान तेज किया है.पश्चिमी देशों का कहना है कि 21 महीने से ज्यादा समय से चली आ रही गाजा की जंग, वहां के 20 लाख लोगों के लिए भयानक मानवीय त्रासदी बन गई है. इस्राएल के सहयोगी देश फ्रांस, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा समेत 21 देशों और यूरोपीय संघ ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा है, "जंग अब जरूर रुकनी चाहिए." संयुक्त बयान पर दस्तखत करने वाले देशों का कहना है, "गाजा में आम लोगों की मश्किलें नई गहराई पर पहुंच गई हैं."
इन देशों ने युद्ध विराम पर समझौता करने, फलस्तीन के कब्जे में मौजूद बंधकों को रिहा करने और राहत सामग्री की निर्बाध आपूर्ति की मांग की है. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी थी कि गाजावासियों की "आखिरी जीवनरेखा" भी बिखर रही है. फ्रांस ने गाजा में वर्ल्ड प्रेस को जाने की अनुमति देने की भी मांग की है.
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इस्राएल के विदेश मंत्री गिडेओन सार ने इन देशों के इस संयुक्त बयान की कड़ी निंदा की है. उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव हमास पर होना चाहिए. उधर अमेरिका के राजदूत माइक हुकाबी ने संयुक्त बयान को, "घृणित" बताया है. हालांकि संघर्षविराम में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले मिस्र ने बयान का समर्थन किया है.
मंगलवार को 15 लोगों की मौत
गाजा की सिविल डिफेंस एजेंसी का कहना है कि मंगलवार, 22 जुलाई को 15 लोग इस्राएली हमलों में मारे गए. इससे कुछ ही घंटे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन, डब्ल्यूएचओ ने कहा था कि इस्राएल की सेना ने जमीनी अभियान का विस्तार करने के दौरान उसके केंद्रों को निशाना बनाया है. डब्ल्यूएचओ के गोदाम और स्टाफ क्वार्टर में इस्राएली सेना के घुसने की बात कही जा रही है.
पश्चिमी देशों का संयुक्त बयान सोमवार को दाइर अल-बालाह में तेज गोलीबारी के बाद आया है. इस्राएल की सेना ने एक दिन पहले यहां के लोगों से यह जगह खाली करने को कहा था. उन्होंने वहां सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी. इस इलाके में इससे पहले इस्राएली सेना ने अपना अभियान नहीं चलाया था. जिस वक्त इसे खाली करने का आदेश दिया गया उस वक्त वहां 50-80 हजार लोग मौजूद थे. यह अनुमान संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता एजेंसी ओसीएचए के हैं.
दाइर अल-बालाह के निवासी अब्दुल्लाह अबू सलीम ने सोमवार को समाचार एजेंसी एएफपी से कहा, "रात के वक्त हमने इलाके में एक बड़ा और ताकतवर धमाका सुना जिससे पूरा इलाका ऐसे हिला जैसे भूकंप आया हो." सलीम ने यह भी कहा, "हम बहुत चिंतित और भयभीत हैं कि सेना यहां जमीनी कार्रवाई की योजना बना रही है."
भोजन लेने गए लोगों की मौत
संयुक्त बयान में पश्चिमी देशों ने इस्राएल की सहायता पहुंचाने के मॉडल की भी आलोचना की है. इस बारे में कहा गया है कि यह, "खतरनाक था जिसने अस्थिरता बढ़ाई और गाजा के लोगों को मानवीय गरिमा से वंचित किया." आए दिन भोजने लेने जाने वाले लोगों पर गोलीबारी हो रही है.
संयुक्त राष्ट्र ने गाजा में मई के आखिर से भोजन लेने गए लोगों में अब तक 875 लोगों की मौत दर्ज की है. तब इस्राएल ने गाजा की घेरेबंदी में थोड़ी ढील देने की शुरुआत की थी. गाजा की ज्यादातर आबादी इस जंग में कम से कम एक बार विस्थापित जरूर हुई है.
इस्राएल पर अक्टूबर 2023 में हमास के हमले के बाद से इस्राएल की जवाबी कार्रवाई में हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 59,029 लोगों की मौत हुई है. हमास के हमले में 1,219 लोगों की मौत हुई और 251 इस्राएली लोगों को बंधक बनाया गया. इनमें से अब भी 49 लोग हमास की कैद में हैं. इस्राएली सेना का कहना है कि बंधकों में 27 लोगों की मौत हो चुकी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 23, 2025 10:10 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

