कश्मीर पर तनाव के बीच पाकिस्तान का बड़ा बयान, कहा- बाबा गुरु नानक जी की 550वीं जयंती पर खुलेगा करतारपुर कॉरिडोर
करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान ने एक बड़ा बयान दिया है. पाकिस्तान इसी साल नवंबर में बाबा गुरु नानक जी की 550वीं जयंती के मौके पर करतारपुर कॉरिडोर खोल सकता है, जिसके बाद सिख समुदाय के श्रद्धालु बिना वीजा के पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब मत्था टेकने के लिए जा सकेंगे.
जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान की बौखलाहट बढ़ गई है और कश्मीर मुद्दे (Kashmir Issue) को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव (India-Pakistan Tension) बढ़ गया है. भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े इस तनाव को लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि कहीं पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर (Kartarpur Corridor) के काम को रोक न दे, लेकिन कुछ समय पहले ही पाकिस्तान ने साफ किया था कि इसका काम जारी रहेगा और अब गुरुवार को करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान ने एक बड़ा बयान दिया है. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के मुताबिक, पाक इसी साल नवंबर में बाबा गुरु नानक जी की 550वीं जयंती (550th Birth Anniversary of Baba Gurunanak) के मौके पर करतारपुर कॉरिडोर खोलने के लिए प्रतिबद्ध है. इस कॉरिडोर के खुल जाने के बाद सीमावर्ती गलियारे से सिख श्रद्धालु बिना वीजा के पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब मत्था टेकने के लिए जा सकेंगे.
पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फैसल ने नवंबर महीने में इस गलियारे के खुलने संबंधी जानकारी देते हुए कहा कि इस मसले पर जल्द ही एक बैठक बुलाई जाएगी. उन्होंने ने कहा कि बाबा गुरु नानक जी की 550वीं जयंती पर करतारपुर कॉरिडोर खोल दिया जाएगा.
बाबा गुरु नानक जी की 550वीं जयंती पर खुलेगा करतारपुर कॉरिडोर-
Pakistan's Foreign Office: Pakistan committed to open the #Kartarpurcorridor in Nov on 550th birth of Baba Gurunanak. Pak sticking with its plan to open 1st visa-free border crossing with India to facilitate Sikh pilgrims despite brewing tensions b/w the 2 neighbors over Kashmir pic.twitter.com/BmlmlEjzR9
— ANI (@ANI) August 22, 2019
दरअसल, सिखों के बेहद पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक करतारपुर साहिब गुरुद्वारा पंजाब के गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. 1539 में गुरु नानक जी के निधन के बाद रावी नदी के पास स्थित करतारपुर साहिब में इस पवित्र गुरुद्वारे का निर्माण कराया गया था. भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के बाद यह गुरुद्वारा पाकिस्तान के हिस्से में चला गया था. यह भी पढ़ें: कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान का बड़ा बयान, कहा- जारी रहेगा करतारपुर साहिब कॉरिडोर का काम
गौरतलब है कि भारत-पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरिडोर को लेकर हुए समझौते के मुताबिक, पंजाब के डेरा बाबा नानक से अंतर्राष्ट्रीय सीमा तक 2 किलोमीटर के गलियारे के निर्माण की जिम्मेदारी भारत की है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय सीमा से नारोवल जिले में गुरुद्वारे तक 2 किलोमीटर के गलियारे का निर्माण पाकिस्तान कर रहा है. खास बात तो यह है कि भारत-पाकिस्तान के तनाव के बावजूद इस साल नवंबर में सिख समुदाय के लोगों को करतारपुर कॉरिडोर की सौगात मिलने वाली है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 22, 2019 06:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

