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छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखंड सरकार का फैसला, छात्रवृत्ति की राशि को 250 रूपये से बढ़ाकर 1500 रूपये की

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के 200 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम का शुभारंभ किया.मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न विद्यालयों के छात्र छात्राओं, अभिभावकों व अध्यापकों से वर्चुअल संवाद भी किया.

छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखंड सरकार का फैसला, छात्रवृत्ति की राशि को 250 रूपये से बढ़ाकर 1500 रूपये की
सीएम पुष्कर सिंह धामी (Photo: Facebook)

 देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने राज्य के 200 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम का शुभारंभ किया.मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न विद्यालयों के छात्र छात्राओं, अभिभावकों व अध्यापकों से वर्चुअल संवाद भी किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी विद्यालयों में छात्राओं के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने शिवानंद नौटियाल छात्रवृत्ति की राशि को 250 रूपये से बढाकर 1500 रूपये करने और साथ ही इसके लाभान्वितों की संख्या को 11 से बढाकर 100 करने की घोषणा की. उन्होंने श्रीदेव सुमन राज्य मेधावी छात्रवृत्ति की राशि को 150 रूपये से बढाकर 1000 रूपये करने की भी घोषणा की. यह भी पढ़े: Vatsalya Yojana: उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, कोरोना महामारी के चलते बेसहारा हुए बच्चों के लिए शुरू की ‘वात्सल्य’ योजना

*1 से 14 सितम्बर तक प्रवेश पखवाडा और 15 सितम्बर को नवप्रवेशित बच्चों के लिए स्वागोत्सव*

मुख्यमंत्री ने अटल उत्कृष्ट विद्यालयों सहित सभी शासकीय विद्यालयों में 1 से 14 सितम्बर 2021 तक प्रवेश पखवाडा एवं 15 सितम्बर 2021 को नवप्रवेशित बच्चों के लिए स्वागोत्सव मनाये जाने की भी घोषणा की.

*व्यावसायिक शिक्षा में 8 ट्रेड प्रारंभ*

मुख्यमंत्री ने सभी को शुभकामनायें देते हुए कहा कि माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम में 8 ट्रेड प्रारंभ किये गये हैं. इससे हमारे बच्चों का स्किल डेवलपमेंट होगा जो कि उनके कैरियर में सहायक होगा. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रारंभ नई शिक्षा नीति में भी स्किल डेवलपमेंट पर बल दिया गया है.

*आम बच्चों तक क्वालिटी एजुकेशन की पहुंच*

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के लिये अच्छे से अच्छा जो भी हो सकता है, सरकार कर रही है, कोशिश है कि आम बच्चों तक क्वालिटी एजुकेशन की पहुंच बने. कोविड काल में आनलाईन एजुकेशन की महत्ता बढी है। सरकार राज्य के राजकीय विद्यालयों के 10 वीं और 12 वीं के छात्र छात्राओं को प्री लोडेड कंटेंट के साथ मोबाईल टैबलेट जल्द उपलब्ध कराएगी,500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लास की स्थापना की गई है जबकि 600 और विद्यालयों में वर्चुअल क्लास प्रस्तावित हैं. सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य की गई हैं, 189 विद्यालय सीबीएसई मान्यता के साथ इंग्लिश मीडियम में प्रारंभ किये गये हैं.

*पूर्ण मनोयोग से करें परिश्रम तो सफलता मिलेगी*

मुख्यमंत्री ने वर्चुअल संवाद करते हुए कहा कि अपनी रूचि के अनुसार कैरियर का चयन करें और फिर पूरे मनोयोग से परिश्रम करें. सामान्य परिस्थितियों से उठे लोगों ने अपने संघर्ष से आसमान को छूआ है। स्वर्गीय डाॅ एपीजे अब्दुल कलाम ने रामेश्वरम से राष्ट्रपति पद तक का सफर तय किया. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का जीवन भी हम सभी के लिए अनुकरणीय है, परिश्रम, संकल्प और दृढ इच्छाशक्ति हो तो कोई काम असम्भव नहीं है. विकल्प रहित संकल्प होना चाहिए. भगवान भी उसी का साथ देते हैं जो खुद का साथ देते हैं. कहा भी गया है कि मन के जीते जीत है, मन के हारे हार. स्वामी विवेकानन्द जी ने कहा है कि मनुष्य की सीमाएं अनंत हैं.

शिक्षा मंत्री श्री अरविंद पाण्डेय ने कहा कि वर्ष 2017 से उत्तराखण्ड में स्कूल एजुकेशन मे काफी काम किया गया है। विषयवार अध्यापकों की नियुक्ति की गई है, अतिथि शिक्षकों का वेतन 15 हजार रूपये से बढाकर 25 हजार रूपए करने का निर्णय लिया गया है, नई शिक्षा नीति के अनुरूप कौशल विकास पर बल दिया जा रहा है,नीति आयोग द्वारा शैक्षिक गुणवत्ता मे उत्तराखण्ड को चौथे स्थान पर रखा गया है.

कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र छात्राओं, अभिभावकों व अध्यापकों ने भी अपनी बात रखी. इस अवसर पर सचिव श्रीमती राधिका झा, महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा श्री बंशीधर तिवारी, निदेशक श्रीमती सीमा जौनसारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 27, 2021 11:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).