विज्ञान के तमाम चमत्कारी खोजों में एक है भ्रूण वैज्ञानिकों द्वारा शोधित विट्रो फर्टिलाइजेशन (In Vitro Fertilization), जिसके माध्यम से बांझ महिलाओं को भी मातृत्व सुख का गौरव दिलाया जा सकता है. यह दिवस विशेष प्रजनन चिकित्सा और सहायक प्रजनन तकनीकों (Assisted Reproductive Technology) में भ्रूणविज्ञानियों के महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता देता है. भ्रूण वैज्ञानिकों के इस महान योगदान को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक वर्ष 25 जुलाई को विश्व भ्रूण विज्ञान दिवस मनाया जाता है. आइये जानते हैं कि क्या है भ्रूर्ण विज्ञान और 25 जुलाई को ही यह दिवस क्यों मनाया जाता है, साथ ही जानेंगे इससे जुड़े कुछ रोचक फैक्ट
क्यों मनाया जाता है भ्रूण विज्ञान दिवस?
विश्व भ्रूण विज्ञानी दिवस लुईस ब्राउन के जन्म की स्मृति में मनाया जाता है. गौरतलब है कि लुईस ब्राउन इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) के माध्यम से 25 जुलाई 1978 में जन्म लेने वाली पहली बच्ची थीं. लुईस ब्राउन के जन्म ने प्रजनन चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ ला दिया, जिसने साबित कर दिया कि बांझपन से जूझ रहे दम्पतियों को भी संतान सुख प्राप्त हो सकता है. इस तरह यह दिवस आईवीएफ के प्रति जागरूकता बढ़ाने, प्रजनन उपचारों में प्रगति का जश्न मनाने और इन उपचारों को संभव बनाने वाले पेशेवरों को सम्मानित करने का अवसर है. यह भी पढ़ें : Bal Gangadhar Tilak Jayanti 2025: लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जयंती पर शेयर करें उनके ये 10 महान विचार
विश्व भ्रूणविज्ञानी दिवस से जुड़े कुछ रोचक फैक्ट्सः
निषेचन से शुरू होता है मानव जीवनः भ्रूण विज्ञान जीवन की प्रारंभिक अवस्थाओं का अध्ययन करता है. शुक्राणु और अंडाणु के संलयन (fusion) से शुरू होकर युग्मनज (zygote) का निर्माण होता है, जो नए मानव जीवन की पहली कोशिका होती है.
हृदय का धड़कनाः निषेचन (fertilization) के 21 से 22 दिन बाद मां को इस एहसास से पूर्व की वह गर्भवती है, शिशु के दिल की धड़कन शुरू हो जाती है.
भ्रूण विज्ञान का इतिहास और अरस्तूः माना जाता है कि भ्रूण विज्ञान की नींव अरस्तू (384-322 ईसा पूर्व) ने रख दी थी, जिन्होंने एक चूजे के भ्रूण के विकास का अध्ययन किया और जीवन के निर्माण के बारे में अपने विचारों को लोगों के सामने रखा था.
भ्रूण में गलफड़े (gills) होते हैः एक अवस्था में, मानव भ्रूण में मछली के गलफड़ों जैसी संरचनाएं होती हैं, जिन्हें ग्रसनी चाप भी कहा जाता है, जो हमारे विकासवादी अतीत को दर्शाती हैं.
तंत्रिका नलिका का निर्माणः तंत्रिका नलिका, (मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी) के बनने में लगभग 22 दिन लगते हैं, और 28वें दिन तक बंद हो जाती है, जो स्पाइना बिफिडा जैसी स्थितियों की रोकथाम के लिए एक महत्वपूर्ण स्टेज होता है.
जुड़वा बच्चे 14 दिनों में भी बन सकते हैः समान एकयुग्मनज (Monozygotic) जुड़वा बच्चे निषेचन के 14 दिनों बाद तक बनते हैं, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि भ्रूण कब विभाजित होता है.
सूक्ष्मदर्शी से देखा गया पहला भ्रूणः 19वीं शताब्दी में पहला भ्रूण सूक्ष्मदर्शी से देखा गया, जिसने संपूर्ण जीव विज्ञान में क्रांति ला दी.













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