तीन तलाक बिल पास: भारत सहित दुनिया के 23 देशों में बैन है ट्रिपल तलाक, देखिए पूरी लिस्ट
तीन तलाक बिल को लेकर संसद ने इतिहास रच दिया है. लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी तीन तलाक बिल पास हो गया है. बिल के पक्ष में 99 और विपक्ष में 84 वोट पड़े. अब इस बिल को राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा. बता दें कि भारत से पहले दुनिया में ऐसे 22 देश हैं जहां पर तीन तलाक बैन है. भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी 3 तलाक पर बैन लगा हुआ है.
नई दिल्ली. तीन तलाक बिल (Triple Talaq Bill) को लेकर संसद ने इतिहास रच दिया है. लोकसभा (Lok Sabha) के बाद अब राज्यसभा (Rajya Sabha) से भी तीन तलाक बिल पास हो गया है. बिल के पक्ष में 99 और विपक्ष में 84 वोट पड़े. अब इस बिल को राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा. वोटिंग के दौरान विपक्ष के कई सांसद नदारद रहे. जेडीयू (JDU), अन्नाद्रमुक के अलावा टीआरएस (TRS) और बसपा (BSP) भी सदन में मौजूद नहीं थी. बता दें कि भारत से पहले दुनिया में ऐसे 22 देश हैं जहां पर तीन तलाक बैन है. भारत (India) के पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) और बांग्लादेश (Bangladesh) में भी 3 तलाक पर बैन लगा हुआ है. मिस्र दुनिया का पहला ऐसा देश था जहां तीन तलाक को पहली बार बैन किया गया था. साल 1929 में मुस्लिम जजों की खंडपीठ ने सर्वसम्मति से तीन तलाक को असंवैधानिक करार दे दिया था.
साल 1929 में ही मिस्र को देखते हुए सूडान (Sudan) की अदालत ने अपने देश में तीन तलाक (Triple Talaq) को बैन कर दिया. इन सभी देशों के अलावा साइप्रस, जॉर्डन, अल्जीरिया, इरान, ब्रुनेई, मोरक्को, कतर और यूएई (UAE) में भी तीन तलाक पर बैन है. यह भी पढ़े-तीन तलाक अब होगा अपराध, लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पास हुआ बिल
इन देशों में बैन है ट्रिपल तलाक-
-सऊदी अरब
-पाकिस्तान
-बांग्लादेश
-श्रीलंका
-तुर्की
-सायप्रस
-तुनिशिया
-अल्जेरिया
-मलेशिया
-जॉर्डन
-मिस्त्र
-ईरान
-इराक
-ब्रूनेई
-यूएई
-इंडोनेशिया
-लीबिया
-सूडान
-लेबनॉन
-मोरक्को
-कुवैत
-यमन
ज्ञात हो कि पाकिस्तान (Pakistan) में तीन तलाक (Triple Talaq) पर 1961 में ही पाबंदी लग गई थी. पाकिस्तान में मुस्लिम फैमिली लॉ ऑर्डिनेंस के तहत इस कानून को खत्म किया था.
बता दें कि इस बिल के अनुसार तत्काल तीन तलाक (Triple Talaq) अपराध संज्ञेय यानी इसे पुलिस सीधे गिरफ्तार कर सकती है. लेकिन यह तभी संभव होगा जब महिला खुद शिकायत करेगी. इसके साथ ही खून या शादी के रिश्ते वाले सदस्यों के पास भी केस दर्ज करने का अधिकार रहेगा. पड़ोसी या कोई अनजान शख्स इस मामले में केस दर्ज नहीं कर सकता है. इस बिल के अनुसार तीन तलाक (Triple Talaq) देने पर पति को तीन साल की सजा का प्रावधान रखा गया. वही इस बिल में मौखिक, लिखित, इलेक्ट्रॉनिक (एसएमएस, ईमेल, वॉट्सऐप) को अमान्य करार दिया गया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 30, 2019 11:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

