SC Takes Objection to CM Revanth Reddy Remarks: सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी की टिप्पणी पर गंभीर आपत्ति जताई, कहा, संवैधानिक पद पर बैठकर ऐसा बोलने से बचें
सुप्रीम कोर्ट ने आबकारी नीति घोटाला मामलों में बीआरएस नेता के कविता को जमानत देने पर तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी की टिप्पणी पर गंभीर आपत्ति जताई.
SC Takes Objection to CM Revanth Reddy Remarks: सुप्रीम कोर्ट ने आबकारी नीति घोटाला मामलों में बीआरएस नेता के कविता को जमानत देने पर तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी की टिप्पणी पर गंभीर आपत्ति जताई. कोर्ट ने सीएम के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह के बयान देने से बचना चाहिए. सर्वोच्च न्यायालय को किसी की आलोचना से कोई फर्क नहीं पड़ता और जज अपनी अंतरात्मा के अनुसार अपने कर्तव्यों का पालन करते रहेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि क्या वह किसी राजनीतिक दल से परामर्श करके अपने आदेश पारित करें.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट से बीआरएस नेता के कविता को जमानत मिलने पर सीएम रेवंत रेड्डी ने संदेह जताया था. उन्होंने कहा था कि एमएलसी कविता को पांच महीने में जमानत मिलना शक पैदा करता है, क्योंकि इसी मामले में मनीष सिसोदिया को 15 महीने बाद जमानत मिली. और केजरीवाल को अभी तक जेल में हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस ने 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा की जीत के लिए काम किया. ऐसी भी चर्चा है कि कविता को बीआरएस और भाजपा के बीच समझौते की वजह से जमानत मिली है.
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सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी की टिप्पणी पर गंभीर आपत्ति जताई
Supreme Court takes strong exception on a statement made by Telangana CM Revanth Reddy regarding the top court. SC criticises statements by the CM and remarks that a constitutional functionary is speaking in such a manner. SC says it is not bothered about someone criticizing but… pic.twitter.com/951qGgrjsw
— ANI (@ANI) August 29, 2024
हालांकि, केंद्रीय मंत्री बंदी संजय ने भी बीआरएस नेता के कविता को दी गई जमानत की आलोचना की थी. उन्होंने बीआरएस और कांग्रेस के बीच राजनीतिक मिलीभगत का आरोप लगाया था. इसके खिलाफ बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने सुप्रीम कोर्ट से टिप्पणियों पर कार्रवाई करने का आग्रह किया और उन्होंने कहा कि ऐसे बयान न्यायिक अखंडता को कमजोर करते हैं.
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिन दिल्ली आबकारी नीति मामले में बीआरएस नेता के कविता को जमानत दी, जिसमें पासपोर्ट जमा करने और नियमित सुनवाई में उपस्थित होने जैसी शर्तें लगाई गईं. अदालत ने कहा कि उनकी पांच महीने की हिरासत अत्यधिक और अनावश्यक थी. जांच पूरी हो चुकी है और विचाराधीन हिरासत को सजा नहीं बनना चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 29, 2024 04:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

