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जेट एयरवेज को अप्रैल-जून तिमाही में 1323 करोड़ रुपए का घाटा, लेकिन इनकम में मामूली बढ़ोत्तरी

खबरों की मानें तो ईंधन के बढ़ते खर्च की वजह से एयरलाइंस की वित्तीय हालत लगातार बिगड़ रही है. ईंधन का खर्च 53% बढ़कर 2,332 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है.

जेट एयरवेज को अप्रैल-जून तिमाही में 1323 करोड़ रुपए का घाटा, लेकिन इनकम में मामूली बढ़ोत्तरी
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Twitter/@jetairways)

नई दिल्ली. खराब दौर से गुजर रही जेट एयरवेज  को 30 जून, 2018 में समाप्त क्वार्टर के दौरान कुल 1,323 करोड़ रुपए का घाटा हुआ, 2018-19 की पहली तिमाही की रिपोर्ट जारी होने के बाद जेट एयरवेज के शेयर 2.3% की तेजी के साथ बंद हुए. हालांकि, एयरलाइंस ने जून 2017 की तिमाही में 53.50 करोड़ का मुनाफा कमाया था. बताना चाहते है कि क्वार्टर  के दौरान Jet Airways की कुल इनकम बढ़कर 6,010 करोड़ रुपए हो गई, जबकि बीते साल समान अवधि के दौरान यह आंकड़ा 5,648 करोड़ रुपए रहा था.

खबरों की मानें तो  ईंधन के बढ़ते खर्च की वजह से एयरलाइंस की वित्तीय हालत लगातार बिगड़ रही है. ईंधन का खर्च 53% बढ़कर 2,332 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है.

कंपनी ने खराब नतीजों के लिए फ्यूल की कीमतों में बढ़ोत्तरी, रुपए की कमजोरी और कम किराये सहित कई मैक्रोइकोनॉमिक फैक्टर्स को जिम्मेदार ठहराया.

रिजल्ट टालने पर BSE ने जेट एयरवेज से मांगी थी सफाई.

गौरतलब है की दो सप्ताह पहले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने जेट एयरवेज (Jet Airways) से जून तिमाही के नतीजे नहीं जारी करने पर सफाई मांगी थी. कंपनी ने वित्त वर्ष 2019 की पहली तिमाही के नतीजे टाल दिए थे. बताना चाहते है की नतीजे टालने की वजह से जेट एयरवेज का शेयर दो सप्ताह पहले 261 रु के स्तर पर आ गया था, जो उसका बीते एक साल का निचला स्तर था.

बता दें कि एयरलाइन ने इस दौरान कॉस्ट में कमी, रेवेन्यू मैनेजमेंट में बदलाव और एंसिलरी रेवेन्यू बढ़ाने जैसे कई कदम उठाए. इन कदमों से आगे एयरलाइन की ऑपरेटिंग परफॉर्मैंस में सुधार होने का अनुमान है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 27, 2018 10:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).