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मिस्र के पिरामिडों के नीचे मिला एक और 'खुफिया शहर', क्या बदल जाएगा इतिहास?

इटली के शोधकर्ताओं ने गीज़ा के पिरामिडों के नीचे एक और 'खुफिया शहर' खोजने का दावा किया है. यह खोज 4,500 साल पुरानी मिस्र की सभ्यता के इतिहास को चुनौती देती है और एक 38,000 साल पुरानी उन्नत सभ्यता की ओर इशारा करती है. हालांकि, इस दावे पर पुरातत्व समुदाय में बहस छिड़ गई है और इसे साबित करने के लिए और सबूतों का इंतजार है.

मिस्र के पिरामिडों के नीचे मिला एक और 'खुफिया शहर', क्या बदल जाएगा इतिहास?

गीज़ा के महान पिरामिडों ने हमेशा से ही दुनिया को हैरान किया है, लेकिन अब एक ऐसी खोज सामने आई है जो हमारे होश उड़ा सकती है. इटली के कुछ वैज्ञानिकों की एक टीम ने दावा किया है कि उन्होंने गीज़ा के पिरामिडों के नीचे एक और 'खुफिया शहर' खोज निकाला है.

यह एक बहुत बड़ी खोज है, क्योंकि यह ज़मीन से लगभग 2,000 फीट नीचे मिला है. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह कोई छोटा-मोटा ढांचा नहीं, बल्कि एक विशाल भूमिगत कॉम्प्लेक्स (ज़मीन के नीचे बना एक बहुत बड़ा नेटवर्क) हो सकता है जो सभी पिरामिडों को आपस में जोड़ता है.

क्या है यह पूरा मामला?

यह पहली बार नहीं है जब इस टीम ने ऐसा दावा किया है. इससे पहले भी उन्होंने खाफरे पिरामिड के नीचे ऐसी ही बड़ी संरचनाएं खोजने की बात कही थी, जिस पर काफी बहस हुई थी. मिस्र के जाने-माने पुरातत्वविद (archaeologist) डॉ. ज़ाही हवास जैसे कई बड़े विशेषज्ञ इन दावों को सच नहीं मानते. उनका कहना है कि जिस रडार तकनीक (ग्राउंड-पेनेट्रेटिंग रडार) का इस्तेमाल किया जा रहा है, उसकी अपनी सीमाएं हैं और वह इतनी गहराई में सही जानकारी नहीं दे सकती.

लेकिन इटली के शोधकर्ता अपनी बात पर अड़े हुए हैं. उनका तर्क है कि यह नया खुफिया शहर इस बात का सबूत है कि पिरामिडों को बनाने वाली सभ्यता हमारी सोच से कहीं ज़्यादा उन्नत थी.

4,500 साल नहीं, 38,000 साल पुराना इतिहास?

यह खोज इतिहास की किताबों को पूरी तरह से बदल सकती है. अब तक हम यही मानते आए हैं कि गीज़ा के पिरामिड लगभग 4,500 साल पुराने हैं और उन्हें प्राचीन मिस्र के लोगों ने बनाया था.

लेकिन ये शोधकर्ता एक नई थ्योरी दे रहे हैं. उनका मानना है कि पिरामिड और उनके नीचे का यह नेटवर्क 38,000 साल पुराना हो सकता है. वे कहते हैं कि शायद कोई बहुत उन्नत सभ्यता थी जो किसी भयानक तबाही (जैसे बाढ़ या कोई प्रलय) में खत्म हो गई और उसके बनाए ये पिरामिड ही बच पाए. इस तरह की घटनाओं का ज़िक्र मिस्र की प्राचीन किताब 'बुक ऑफ द डेड' में भी मिलता है.

दुनिया में मची हलचल 

इस खोज ने पुरातत्व की दुनिया में हलचल मचा दी है. कुछ लोग बहुत उत्साहित हैं, तो कुछ इसे सिर्फ एक कहानी बता रहे हैं क्योंकि अभी तक इसका कोई ठोस, जांचा-परखा सबूत सामने नहीं आया है.

हालांकि, यह सच है कि मिस्र में हाल के दिनों में कई बड़ी खोजें हुई हैं. अब दुनिया भर की नज़रें गीज़ा पर टिकी हैं. देखना यह है कि क्या यह खुफिया शहर वाकई में मिस्र के किसी गहरे राज से पर्दा उठाएगा और हमें इतिहास को एक नए नज़रिए से देखने पर मजबूर कर देगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 11, 2025 02:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).