VIDEO: बुरहानपुर के असीरगढ़ किले में मुगलों का खजाना लूटने पहुंची भीड़! 'छावा' फिल्म देखने के बाद फैली अफवाह, रातभर खुदाई करते रहे लोग
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर स्थित असीरगढ़ किले में सोने की खोज की अफवाहों ने स्थानीय लोगों को खुदाई के लिए आकर्षित किया, जिसकी शुरुआत एक निर्माण स्थल से निकली प्राचीन धातु के सिक्कों से हुई. विक्की कौशल की फिल्म 'छावा' में बुरहानपुर को 'सोने की खान' बताए जाने से इस अफवाह को और हवा मिली. प्रशासन और इतिहासकारों ने अनियंत्रित खुदाई से ऐतिहासिक धरोहरों को नुकसान होने की चेतावनी दी है और वैज्ञानिक खुदाई की मांग की है.
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर स्थित असीरगढ़ किले में हाल ही में सोने की खोज को लेकर भारी हंगामा मचा हुआ है. मशहूर अभिनेता विक्की कौशल की आगामी फिल्म 'छावा' में बुरहानपुर को 'सोने की खान' बताए जाने के बाद स्थानीय लोगों के बीच अफवाहें फैल गईं. इसके चलते बड़ी संख्या में लोग मशाल, छलनियां और यहां तक कि मेटल डिटेक्टर लेकर सोने की तलाश में पहुंच गए.
अफवाहों की शुरुआत कैसे हुई?
यह सब तब शुरू हुआ जब एक जेसीबी मशीन, जो एक राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य में लगी थी, ने दर्गाह के पास खुदाई की. बाद में, खुदाई से निकली मिट्टी को स्थानीय किसान हारून शेख के खेत में डंप किया गया. मजदूरों को वहाँ प्राचीन धातु के सिक्के मिलने की खबरें सामने आईं. कुछ लोगों का दावा है कि उन्हें मुग़लकालीन सोने-चाँदी के सिक्के भी मिले. इसके बाद, आसपास के गाँवों से लोग वहाँ पहुँचने लगे, उम्मीद में कि वे भी कुछ मूल्यवान वस्तुएँ पा सकते हैं.
फिल्म 'छावा' ने डाली आग में घी
फिल्म 'छावा' में बुरहानपुर का जिक्र एक ऐतिहासिक सैन्य अभियान से जुड़ा हुआ है, जिसमें छत्रपति संभाजी महाराज ने एक बड़ी लड़ाई लड़ी थी. फिल्म में बुरहानपुर को 'सोने की खान' बताने के कारण लोगों के बीच यह धारणा बनी कि यहाँ वास्तव में सोना दबा हो सकता है.
After watching bollywood film #Chhava, villagers near Asirgarh Fort in Burhanpur, (MP) launched a gold hunt after the dawn.
With flashlights & metal detectors, they’ve been digging fields, chasing rumors of Mughal-era treasure !
The gold diggers ran away when Police arrived. pic.twitter.com/LXBsugE1cG
— काश/if Kakvi (@KashifKakvi) March 7, 2025
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासी मोहम्मद वसीम ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "यहाँ हर रात भीड़ बढ़ती जा रही है. आसपास के गाँवों से लोग आ रहे हैं, और कई लोग दावा कर रहे हैं कि उन्हें सिक्के मिले हैं. प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है. मैंने पटवारी को सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. सरपंच को भी सब पता है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है."
इतिहासकारों की राय
इतिहासकारों के अनुसार, बुरहानपुर कभी एक समृद्ध मुग़ल शहर था, जहाँ सोने और चाँदी के सिक्के बनाने के लिए टकसालें थीं. युद्ध और संकट के समय, लोग अपने धन को ज़मीन में गाड़कर सुरक्षित रखते थे. इस ऐतिहासिक संदर्भ को देखते हुए यह संभव है कि खुदाई में पुराने सिक्के मिल रहे हों. हालाँकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अनियंत्रित खुदाई से ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान हो सकता है.
जिला पुरातत्व सदस्य शालिकराम चौधरी ने कहा, "यह सच है कि असीरगढ़ में पहले भी ऐसे सिक्के मिल चुके हैं. प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और वैज्ञानिक तरीकों से खुदाई कराई जानी चाहिए ताकि कोई भी ऐतिहासिक धरोहर नष्ट न हो."
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
इस मामले में विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी प्रशासन और पुलिस से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है ताकि अव्यवस्था को रोका जा सके. बुरहानपुर के पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने आश्वासन दिया कि किसी भी अवैध खुदाई को रोका जाएगा और आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 08, 2025 01:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

