Mukul Roy Dies: पूर्व रेल मंत्री व TMC नेता मुकुल रॉय का 71 साल की उम्र में निधन, बंगाल की राजनीति के ‘चाणक्य’ के रूप में थी पहचान; जानें उनका राजनीतिक सफर
तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्य और पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री मुकुल रॉय का 71 वर्ष की आयु में कोलकाता के एक अस्पताल में निधन हो गया है. वे पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे.
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Mukul Roy Dies: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के संस्थापक सदस्य और पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री मुकुल रॉय का सोमवार, 23 फरवरी 2026 की सुबह कोलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. 71 वर्षीय रॉय पिछले काफी समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे. उनके बेटे शुभ्रांशु रॉय ने पुष्टि की कि रविवार रात तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया था, जहां सुबह लगभग 8:30 बजे कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) पड़ने से उनका निधन हो गया.
TMC के शिल्पकार और संगठन के स्तंभ
मुकुल रॉय को पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक कुशल रणनीतिकार और 'ऑर्गेनाइजेशन मैन' के रूप में जाना जाता था. 1998 में जब ममता बनर्जी ने कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस का गठन किया, तब मुकुल रॉय उसके पहले महासचिव बने थे. 2011 में बंगाल में वाम मोर्चा के 34 साल के शासन को उखाड़ फेंकने में उनकी संगठनात्मक शक्ति की बड़ी भूमिका रही थी. वे पार्टी के भीतर ममता बनर्जी के बाद दूसरे सबसे शक्तिशाली नेता माने जाते थे. यह भी पढ़े: BREAKING: मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना का 68 साल की उम्र में US में निधन, अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म मर्द में आई थीं नजर
रेल मंत्री से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक का सफर
मुकुल रॉय का राजनीतिक ग्राफ यूपीए-II सरकार के दौरान अपने चरम पर था. उन्होंने जहाजरानी राज्य मंत्री और बाद में केंद्रीय रेल मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं. जब ममता बनर्जी बंगाल की मुख्यमंत्री बनीं और उन्होंने रेल मंत्रालय छोड़ा, तब उन्होंने मुकुल रॉय पर भरोसा जताते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी थी. राष्ट्रीय स्तर पर वे टीएमसी के सबसे प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे थे.
राजनीतिक उतार-चढ़ाव और भाजपा में गमन
मुकुल रॉय का राजनीतिक सफर काफी चर्चाओं में रहा. 2015 में सारदा और नारद जैसे विवादों के बाद उनके और टीएमसी नेतृत्व के बीच दूरियां बढ़ने लगी थीं. इसके बाद 2017 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया. भाजपा में रहते हुए उन्हें 2019 के लोकसभा चुनावों में बंगाल में पार्टी के शानदार प्रदर्शन का मुख्य सूत्रधार माना गया. हालांकि, 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद वे वापस टीएमसी में लौट आए थे.
स्वास्थ्य में गिरावट और अंतिम समय
पिछले एक साल से मुकुल रॉय डिमेंशिया (स्मृति लोप) और अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से पीड़ित थे. उनकी सक्रिय राजनीति से दूरी बन गई थी, हालांकि वे कृष्णानगर उत्तर से विधायक के पद पर बने रहे. अस्पताल के प्रवक्ता के अनुसार, सोमवार सुबह उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था.
उनके निधन पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है. उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास और पार्टी मुख्यालय ले जाया जाएगा, जिसके बाद राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 23, 2026 10:01 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

