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Indian Railways: पैसेंजर ट्रेनों का किराया नहीं बढ़ेगा, भारतीय रेलवे ने दिया ये जवाब

कोरोना काल में रेल यात्रा महंगी होने वाली है. ऐसी खबरें कुछ दिनों से चर्चा में हैं. दरअसल कई मीडिया ने अपनी खबर के माध्यम से कहा है, रेलवे ने किराया बढ़ाने का फैसला किया है. आगामी 6 जनवरी से कई ट्रेनें जो फिर से शुरू होंगी उनमें किराया बढ़ जाएगा. लेकिन इन सभी के बीच भारतीय रेलवे ने किराया बढ़ाए जाने की खबरों का खंडन किया है. भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने कहा, मीडिया के कुछ वर्गों ने यात्री किराए (Hike in Passenger Fares) में कुछ बढ़ोतरी की संभावना के बारे में बताया है. यह खबर आधारहीन और बिना किसी तथ्यात्मक आधार के है. किराया बढ़ाने पर विचार का कोई प्रस्ताव नहीं है. मीडिया को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी रिपोर्टों को प्रकाशित या प्रसारित न करें.

Indian Railways: पैसेंजर ट्रेनों का किराया नहीं बढ़ेगा, भारतीय रेलवे ने दिया ये जवाब
भारतीय रेलवे ( फोटो क्रेडिट- PTI)

नई दिल्ली:- कोरोना काल में रेल यात्रा महंगी होने वाली है. ऐसी खबरें कुछ दिनों से चर्चा में हैं. दरअसल कई मीडिया ने अपनी खबर के माध्यम से कहा है, रेलवे ने किराया बढ़ाने का फैसला किया है. आगामी 6 जनवरी से कई ट्रेनें जो फिर से शुरू होंगी उनमें किराया बढ़ जाएगा. लेकिन इन सभी के बीच भारतीय रेलवे ने किराया बढ़ाए जाने की खबरों का खंडन किया है. भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने कहा, मीडिया के कुछ वर्गों ने यात्री किराए (Hike in Passenger Fares) में कुछ बढ़ोतरी की संभावना के बारे में बताया है. यह खबर आधारहीन और बिना किसी तथ्यात्मक आधार के है. किराया बढ़ाने पर विचार का कोई प्रस्ताव नहीं है. मीडिया को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी रिपोर्टों को प्रकाशित या प्रसारित न करें.

बता दें कि देश के अंदर कोरोना वायरस के फैलने के बाद जब लॉकडाउन लगाया गया. तो उसके बाद से रेल सेवा भी पूरी तरह से बंद हो गई थी. लेकिन जब थोड़ी राहत दी गई तो इस दौरान रेल सेवा को भी शुरू किया गया, जो अब देशभर में सुचारू रूप से चल रही है. इस बीच कयास लगाया जाने लगा कि भारतीय रेलवे रेल किराया बढ़ाने वाली है. लेकिन इन सभी अटकलों का खंडन करते हुए रेलवे ने अपना रुख साफ कर दिया. रेल मंत्री पियूष गोयल ने रेलवे का माल ढुलाई कारोबार बढ़ाने के लिये शुरू किया पोर्टल.

ANI का ट्वीट:- 

गौरतलब हो कि भारत में कोरोना वायरस के मद्देनजर 24 मार्च को लॉकडाउन लगाया गया था और 167 साल के रेलवे के इतिहास में पहली बार इसकी रेल सेवाएं पूरी तरह से बंद की गई. और इसका असर कुछ ऐसा हुआ कि देशभर में अधिकतर लोग अपने घर नहीं पहुंच पाए क्योंकि उन्हें उनके घर तक पहुंचाने वाली रेल बंद थी. हजारों प्रवासी मजदूरों सहित कई लोगों को हारकर पैदल ही अपने गंतव्यों की ओर निकलना पड़ा. इस दौरान लाखों टिकट रद्द भी की गईं, जो रेलवे के इतिहास का एक अनसुना रिकॉर्ड बना. इस दौरान एक मई से 30 अगस्त के बीच रेलवे ने 23 राज्यों में चार हजार से अधिक श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाईं और 63.15 लाख से अधिक मजदूरों को उनके घर पहुंचाया गया.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 05, 2021 07:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).