जर्मनी में रहने वाले कई लोग मानते हैं कि उन्हें रोजमर्रा में भेदभाव झेलना पड़ता है.
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ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने अली खमेनेई के बेटे मोजतबा खमेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया है.
नेपाल चुनाव जीत कर भावी सरकार बनाने वाली आरएसपी के साथ संबंधों को लेकर भारत में उम्मीदें हैं तो कुछ आशंकाएं भी हैं.
परिवारवाद के घोर विरोधी रहे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने अंतत: जेडीयू की सदस्यता ग्रहण कर ली.
बाडेन-वुर्टेमबर्ग के चुनाव में चेम ओजडेमिर के नेतृत्व में ग्रीन पार्टी जीत गई है और चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स की कंजर्वेटिव सीडीयू को बेहद करीबी मुकाबले में पिछाड़ा है.
एग्जिट पोल के मुताबिक बाडेन-वुर्टेमबर्ग में ग्रीन पार्टी 32 प्रतिशत वोट के साथ सबसे आगे है, जिससे चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स की सीडीयू के साथ मौजूदा गठबंधन जारी रहने की संभावना मजबूत हो गई है.
मलेशियाई एयरलाइंस की फ्लाइट एमएच 370, 2014 में रडार से ओझल हो गई थी.
जर्मनी में डोएनर कबाब की कीमतें 2021 से 47 प्रतिशत बढ़ने के बावजूद उसकी मांग 15 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि टेकअवे बाजार में केवल 8 प्रतिशत वृद्धि हुई.
खाड़ी देशों का कहना है कि ईरान ने उनके पानी के संयंत्रों जैसे नागरिक ठिकानों पर हमले किए हैं.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने पड़ोसी देशों पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के लिए माफी मांगी है.
जर्मनी में आर्थिक तंगी और बढ़ती सामाजिक असंतुष्टि के बीच वाम और दक्षिणपंथी दलों की सदस्यता में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
नेपाल के आम चुनावों में, 2022 में बनी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को बहुमत मिलता दिख रहा है.
जर्मनी के एक नए सर्वे के अनुसार जर्मन मतदाता ईरान पर अमेरिका-इस्राएल हमलों और मध्य पूर्व की स्थिति के वैश्विक प्रभावों को लेकर चिंतित हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान पर किया गया हमला और वहां के सर्वोच्च नेता की हत्या संयुक्त राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन है.
अभी कोई नहीं जानता कि अमेरिका, इस्राएल और ईरान के बीच छिड़ी यह जंग कब खत्म होगी.
अमेरिका और इस्राएल के हवाई हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई और अन्य बड़े नेताओं के मारे जाने के बाद, अब अनुभवी नेता अली लारीजानी ही सारे बड़े फैसले ले रहे हैं.
5 मार्च को जर्मनी के कई शहरों में हजारों हाई स्कूल के छात्रों ने सड़कों पर उतरकर अनिवार्य सैन्य सेवा को देश में वापस लाए जाने पर जारी गंभीर विचार के विरोध में प्रदर्शन किया.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी कम सहयोगियों वाली ईरानी सरकार, अमेरिका और इस्राएल के जारी हमलों के बीच मॉस्को के समर्थन की उम्मीद कर रही थी.