Aaj Ka Panchang, 02 October 2024: क्या है आज का पंचांग? जानें सर्वपितृ अमावस्या का मुहूर्त, राहुकाल, शुभ-अशुभ काल, सूर्योदय-सूर्यास्त, पर्व एवं अमावस्या श्राद्ध के उपाय आदि!
हिंदू पंचांग का ज्योतिष शास्त्र में बहुत महत्व है. हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है, जिसमें तिथि, वार, करण, योग और नक्षत्र का जिक्र होता है. इसकी मदद से दिन के हर पलों के शुभ एवं अशुभ समय का पता लगाते हैं.
Aaj Ka Panchang, 02 October 2024: हिंदू पंचांग का ज्योतिष शास्त्र में बहुत महत्व है. हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है, जिसमें तिथि, वार, करण, योग और नक्षत्र का जिक्र होता है. इसकी मदद से दिन के हर पलों के शुभ एवं अशुभ समय का पता लगाते हैं. उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं.
आज 2 अक्टूबर 2024 बुधवार का दिन है. आश्विन माह कृष्ण पक्ष अमावस्या 12.18 तक है, सूर्य- सूर्य कन्या राशि में है, योग-व्यतिपात योग 01.26 AM तक, उसके बाद वरीयान योग, करण-चतुष्पद 10.59 AM तक, बाद नाग 12.19 AM तक, बाद किस्तुघ्न है, आज का दिन बहुत ही शुभ फलदायक है. देखिए आज का पूरा पंचांग... ये भी पढ़े:Aaj Ka Panchang, 01 October 2024: क्या है आज का पंचांग? जानें क्या है चतुर्दशी श्राद्ध का मुहूर्त, राहुकाल, शुभ-अशुभ मुहूर्त, सूर्योदय-सूर्यास्त, पर्व एवं उपाय इत्यादि!
आज 02 अक्टूबर 2024 का शुभ मुहूर्त (पंचांग के अनुसार)
आश्विन कृष्ण पक्ष की अमावस्या श्राद्ध तिथि
02 अक्टूबर 2024 को 12.19 PM तक उसके बाद प्रतिपदा लग जाएगा.
आज 2 अक्टूबर 2024 को सूर्य ग्रहण 0913 PM से 03.17 AM (कुल अवधि 06 घंटे 03 मिनट तक) रहेगा.
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र नक्षत्र 02 अक्टूबर 2024 को 12.23 PM तक, उसके बाद हस्त नक्षत्र लग जाएगा
पितृ पक्ष 2024- 02 अक्टूबर 2024 को सर्वपितृ अमावस्या श्राद्ध सम्पन्न किया जाएगा.
02 अक्टूबर 2024 अशुभ मुहूर्त
राहुकालः 12.16 PM से 01.44 PM
यमगण्ड: 07.19 AM - 08.48 AM
गुलिकाः 11. 49 PM – 13.20 PM
दुष्टमुहूर्तः 11.23 AM – 12.10 PM
गंडमूल नहीं है
भद्रा कालः नहीं है
सूर्योदय: 06.15 AM
सूर्यास्त: 06.05 PM
आज आश्विन अमावस्या (बुधवार) के उपाय
गरुड़ पुराण के अनुसार हरियाली अमावस्या के दिन गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करने के बाद पितरों के नाम का पिंडदान अथवा तर्पण अवश्य करें. किसी कारण से पिंडदान नहीं कर पा रहे हैं तो पितृ सूक्त पाठ, गरुड़ पुराण, गजेंद्र मोक्ष पाठ, पितृ गायत्री पाठ, पितृ कवच आदि का पाठ करें. पितरों की खीर किसी पशु को खिला दें. सफेद चंदन की लकड़ी नीले धागे में बांधकर पहन लें. पारिवारिक समस्या के लिए स्नान करके नारंगी वस्त्र धारण करें.
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तिथि |
अमावस्या (02 अक्टूबर 12.19 PM तक इसके बाद प्रतिपदा लग जाएगा लग जाएगा |
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पक्ष |
कृष्ण |
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वार |
बुधवार |
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नक्षत्र |
उत्तरा फाल्गुनी 12.23 PM के बाद हस्त नक्षत्र |
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योग |
ब्रह्म योग 03.21 AM तक उसके बाद इंद्र योग |
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राहुकाल |
12.10 PM - सुबह 01.39 PM |
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सूर्योदय-सूर्यास्त |
06.22 AM - 06.09 PM |
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चंद्रोदय-चंद्रास्त |
05.46 AM - 06.00 PM |
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दिशा शूल |
उत्तर की ओर |
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चंद्रमा |
कन्या राशि पर संचार करेंगे |
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सूर्य राशि |
कन्या राशि पर है |
शुभ मुहूर्त, 02 अक्टूबर 2024
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ब्रह्म मुहूर्त |
04.35 AM - 05.23 AM |
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अभिजीत मुहूर्त |
11.56 AM से 12.44 PM |
| गोधुलि बेला |
12.01 PM से 01:37 PM |
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विजय मुहूर्त |
02.10 AM से- 03.03 AM |
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अमृत काल |
03.06 AM - 04.31 AM |
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निशिता काल मुहूर्त |
11.29 PM - 12.16 AM |
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 02, 2024 04:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

