Sea Security Belt 2025: हाईजैक जहाज को आतंकियों से छुड़ाने की कोशिश! रूस, चीन और ईरान ने ओमान में किया संयुक्त नौसैनिक अभ्यास, सामने आया चौंकाने वाला VIDEO
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Sea Security Belt 2025: रूस, चीन और ईरान की नौसेनाओं ने मिलकर बड़े पैमाने पर गर्ल्फ ऑफ ओमान में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास किया. इस दौरान जंगी जहाजों ने लाइव-फायर ड्रिल के साथ-साथ समुद्री आतंकवाद से निपटने का अभ्यास किया. रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस अभ्यास में रूस की पैसिफिक फ्लीट के युद्धपोत Rezky, Hero of the Russian Federation Aldar Tsydenzhapov और Pechenga नामक मध्यम समुद्री टैंकर शामिल रहे.

वहीं, चीनी और ईरानी नौसेनाओं ने भी अपनी पूरी ताकत से इस अभियान में भाग लिया.

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रूस, चीन और ईरान ने किया संयुक्त नौसैनिक अभ्यास

कैसा था यह अभ्यास?

इस युद्धाभ्यास का मुख्य आकर्षण एक हाईजैक जहाज को आतंकियों से छुड़ाने का ऑपरेशन रहा. इस दौरान तीनों देशों की नौसेनाओं ने मिलकर पूरी रणनीति के साथ कार्रवाई की और "आतंकियों" से कब्जा मुक्त करने की प्रक्रिया को अंजाम दिया. इसके अलावा, ड्रोन और मानवरहित नावों को निशाना बनाकर लाइव-फायर ड्रिल भी की गई. इसमें भारी मशीनगनों और छोटे हथियारों का इस्तेमाल कर दुश्मन के संभावित खतरों को नष्ट करने का अभ्यास किया गया.

यह ड्रिल दिन और रात दोनों समय चली, ताकि विभिन्न परिस्थितियों में युद्ध कौशल को मजबूत किया जा सके.

ईरानी बंदरगाह पर समापन समारोह

दो दिनों तक चले इस अभ्यास के बाद सभी भागीदार युद्धपोत ईरान के चाबहार बंदरगाह लौटे, जहां समापन समारोह आयोजित किया गया. इस नौसैनिक अभ्यास के जरिए रूस, चीन और ईरान ने समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.

अभ्यास का महत्व

‘Sea Security Belt 2025’ का आयोजन ऐसे समय पर हुआ है, जब पश्चिम एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर चुनौतियां बढ़ रही हैं. यह अभ्यास इन तीनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को भी दर्शाता है, जिससे क्षेत्र में शक्ति संतुलन और सामरिक रणनीतियों पर असर पड़ सकता है.