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दिल्ली को कोरोना संकट से बाहर निकालने के लिए एक्शन में आई मोदी सरकार, ले रही है ताबड़तोड़ फैसलें

दिल्‍ली में एक बार फिर कोरोना वायरस कहर बरपा रहा है. महामारी से उत्पन्न हुए हालात को काबू में करने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही है. कोविड-19 के बढ़ते मामलों और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा करने के बाद केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए है.

दिल्ली को कोरोना संकट से बाहर निकालने के लिए एक्शन में आई मोदी सरकार, ले रही है ताबड़तोड़ फैसलें
दिल्‍ली में कोविड-19 के बढ़ते मामलों की समीक्षा करने के उच्च स्तरीय बैठक (Photo Credits: PIB)

नई दिल्ली: दिल्‍ली में एक बार फिर कोरोना वायरस कहर बरपा रहा है. महामारी से उत्पन्न हुए हालात को काबू में करने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही है. कोविड-19 के बढ़ते मामलों और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा करने के बाद केंद्रीय मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए है. इसके तहत कोरोना अस्‍पताल की क्षमता तथा अन्‍य मेडिकल इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर की उपलब्‍धता में बढ़ोतरी की जा रही है. Lockdown Again In Delhi? कोरोना संकट के बीच दिल्ली में लॉकडाउन की खबरों को स्वास्थ मंत्री सत्येंद्र जैन ने किया खारिज, कहा-यहां इसकी कोई जरूरत नहीं

गृह मंत्री के निर्देश के बाद धौला कुआं स्थित डीआरडीओ (DRDO) की मौजूदा मेडिकल सुविधा में आईसीयू की सुविधा वाले 250 बेड और शामिल किए जा रहे है. यहां कुल उपलब्‍ध 1000 कोविड-19 बेड्स में से लगभग 250 बेड्स पर आईसीयू की सुविधा पहले से उपलब्ध है. जबकि दिल्ली एयरपोर्ट के करीब मौजूद कोविड अस्पताल में 35 और BIPAP बेड अगले 3 से 4 दिनों में बढ़ाये जाएंगे.

स्वास्थ्यकर्मियों की कमी को पूरा करने के लिए CAPF से 45 अतिरिक्‍त डॉक्टर और 160 पैरा मेडिकल स्टाफ दिल्ली पहुँच चुके है. उन्हें डीआरडीओ हॉस्पिटल और छतरपुर (Chhatarpur) कोविड केयर सेंटर में तैनात किया जायेगा. अगले कुछ दिनों में और डॉक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ राष्ट्रीय राजधानी में भेजे जायेंगे.

कोविड-19 संबंधी मेडिकल इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर की उपलब्‍धता तथा मरीजों की भर्ती की स्थिति के इंस्पेक्शन तथा पहले लिए निर्णय के अनुसार, बेड्स की उपलब्धता की सही स्थिति को स्‍पष्‍ट रूप से दर्शाने के लिए डेडिकेटेड बहु-विभागीय दस टीमें बनायी गयी है, जो दिल्‍ली के 100 से अधिक प्राइवेट अस्‍पतालों में जाएंगी.

वहीं, शकूर बस्ती (Shakur Basti) रेलवे स्टेशन पर 800 बेड वाले रेलवे कोच उपलब्ध कराये जाएंगे. सीएपीएफ के डॉक्टरों और पैरा-मेडिक्स को इन कोचों में तैनात किया जायेगा. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने बेंगलुरु से 250 वेंटिलेटर्स दिल्ली भेजे हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश के मुताबिक वेंटिलेटर्स इसी हफ्ते दिल्ली में पहुंचने की उम्मीद है. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने दिल्ली हवाई अड्डे के पास DRDO कोविड फैसिलिटी के लिए 35 BIPAP मशीनें दी है.

संपूर्ण दिल्ली में घर-घर सर्वेक्षण, AIIMS, दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगमों (एमसीडी) की टीमों द्वारा आयोजित किया गया है. इसके बाद, सर्वेक्षण में पाए गए सभी रोग-संबंधी व्यक्तियों का टेस्ट किया जाएगा और आवश्यक उपचार प्रदान किया जाएगा. सर्वे का काम 25 नवंबर तक पूरा हो जायेगा.

केंद्र सरकार के निर्देश पर दिल्‍ली में आरटी-पीसीआर टेस्‍ट के लिए टेस्टिंग क्षमता इस महीने के अंत तक 60,000 किया जायेगा. दिल्‍ली में लैब की क्षमता का अधिक से अधिक उपयोग करने और जिन क्षेत्रों में समाज के गरीब है, ऐसे लोग रहते हैं जिन्हे संक्रामण की अधिक संभावना, वहां स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय तथा आईसीएमआर के सहयोग से अगले हफ्ते 10 मोबाइल टेस्टिंग वैनों की तैनाती होगी. जिसकी क्षमता 20,000 टेस्ट करने की होगी.

उल्लेखनीय है कि दिल्ली में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को केंद्र से उन बाजारों में लॉकडाउन लागू करने का अधिकार देने की मांग की जो संक्रमण के केंद्र के रूप में उभर सकते हैं. मंगलवार को दिल्ली में कोरोना के 6,396 नए मामले सामने आए और संक्रमण से 99 और मरीजों की मौत हो गई. इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 4.95 लाख से अधिक हो गए और मृतकों की संख्या बढ़कर 7,812 हो गई. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक दिल्ली में संक्रमित होने की दर 13.04 फीसदी है. अभी दिल्ली में 42,004 संक्रमित उपचाराधीन हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 18, 2020 03:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).