Mann Ki Baat में पीएम मोदी ने यास-ताऊते चक्रवात से लेकर कोरोना संकट पर कही अपनी बात, सरकार के 7 साल पूरे होने पर गिनाई ये उपलब्धियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में देशवासियों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि अभी-अभी पिछले 10 दिनों में ही देश ने फिर 2 बड़े चक्रवात 'ताऊ-ते' और पूर्वी तट पर चक्रवात यास का सामना किया. इन दोनों चक्रवातों ने देश के कई राज्यों को प्रभावित किया. देश और देश की जनता इनसे पूरी ताकत से लड़ी और कम से कम जनहानि सुनिश्चित की.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' (Mann Ki Baat) में देशवासियों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि अभी-अभी पिछले 10 दिनों में ही देश ने फिर 2 बड़े चक्रवात 'ताऊ-ते' (Cyclone Tauktae) और पूर्वी तट पर चक्रवात 'यास' (Cyclone Yaas) का सामना किया. इन दोनों चक्रवातों ने देश के कई राज्यों को प्रभावित किया. देश और देश की जनता इनसे पूरी ताकत से लड़ी और कम से कम जनहानि सुनिश्चित की. उन्होंने कहा कि विपदा की इस कठिन और असाधारण परिस्थिति में चक्रवात से प्रभावित हुए सभी राज्यों के लोगों ने जिस प्रकार से साहस का परिचय दिया है. उसके लिए मैं आदरपूर्वक सभी नागरिकों की सराहना करना चाहता हूं. यह भी पढ़ें- EDLI and EPFO Scheme: कोरोना के कारण अपनी जान गंवाने वालों के आश्रितों को ESIC के तहत दी जाएगी फैमिली पेंशन.
पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र, राज्य सरकारें और स्थानीय प्रशासन सभी एक साथ मिलकर इस आपदा के सामने करने में जुटे हैं. मैं उन सभी लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अपने करीबियों को खोया है. उन्होंने कहा कि हम सभी इस मुश्किल घड़ी में उन लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं, जिन्होंने इस आपदा का नुकसान झेला है.
ANI का ट्वीट-
I express my deepest condolences to those who have lost their loved ones. We all stand steadfastly with those who have suffered losses: PM Modi during Mann Ki Baat
— ANI (@ANI) May 30, 2021
कोरोना संकट को लेकर पीएम मोदी ने कही ये बातें-
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि कोरोना की शुरुआत में देश में सिर्फ एक ही टेस्टिंग लैब थी, लेकिन आज ढाई हजार से ज्यादा लैब्स काम कर रही हैं. शुरू में कुछ सौ टेस्ट एक दिन में हो पाते थे, अब 20 लाख से ज्यादा टेस्ट एक दिन में हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि कितने ही फ्रंटलाइन वर्क्स, सैंपल कलेक्शन के काम में लगे हुए हैं. संक्रमित मरीजों के बीच जाना, उनका सैंपल लेना, ये कितनी सेवा का काम है. उन्होंने कहा कि आप सोचिए, हमारे देश में इतना बड़ा संकट आया, इसका ऐसे देश की हर एक व्यवस्था पर पड़ा. कृषि व्यवस्था ने खुद को इस हमले से काफी हद तक सुरक्षित रखा. सुरक्षित ही नहीं रख, बल्कि प्रगति भी की, आगे भी बढ़ी.
सरकार के 7 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने गिनाई ये उपलब्धियां-
पीएम मोदी ने कहा कि आज 30 मई को हम 'मन की बात' कर रहे हैं और संयोग से ये सरकार के 7 साल पूरे होने का भी समय है. इन वर्षों में देश 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के मंत्र पर चला है. इन 7 वर्षों में जो कुछ भी उपलब्धि रही है, वो देश की रही है, देशवासियों की रही है. कितने ही राष्ट्रीय गौरव के क्षण हमने इन वर्षों में साथ मिलकर अनुभव किए हैं.
उन्होंने बताया कि मुझे कितने ही देशवासियों के संदेश, उनके पत्र देश के कोने-कोने से मिलते हैं. कितने ही लोग देश को धन्यवाद देते हैं कि 70 साल बाद उनके गांव में पहली बार बिजली पहुंची है. कितने ही लोग कहते हैं कि हमारा भी गांव अब पक्की सड़क से, शहर से जुड़ गया है. एक आदिवासी इलाके से कुछ साथियों ने मुझे एक संदेश भेजा था कि सड़क बनने के बाद पहली बार उन्हें ऐसा लगा कि वो भी बाकी दुनिया से जुड़ गए हैं. ऐसे ही कहीं कोई बैंक खाता खुलने की ख़ुशी साझा करता है. इन 7 सालों में आप सबकी ऐसी करोड़ों खुशियों में, मैं शामिल हुआ हूं.
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि आजादी के बाद 7 दशकों में हमारे देश के केवल साढ़े तीन करोड़ ग्रामीण घरों में ही पानी के कनेक्शन थे. लेकिन पिछले 21 महीनों में ही साढ़े चार करोड़ घरों को साफ पानी के कनेक्शन दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि एक नया विश्वास देश में आयुष्मान योजना से भी आया है. जब कोई गरीब मुफ्त इलाज से स्वस्थ होकर घर आता है तो उसे लगता है कि उसे नया जीवन मिला है.
पीएम मोदी ने कहा कि इन 7 सालों में भारत ने डिजिटल लेनदेन में दुनिया को नई दिशा दिखाने का काम किया है. हम रिकॉर्ड सैटेलाइट भी प्रक्षेपित कर रहे हैं और रिकॉर्ड सड़कें भी बना रहे हैं. न 7 वर्षों में ही देश के अनेक पुराने विवाद भी पूरी शांति और सौहार्द से सुलझाए गए हैं. पूर्वोत्तर से लेकर कश्मीर तक शांति और विकास का एक नया भरोसा जगा है.
उन्होंने कहा कि इन 7 सालों में हमने साथ मिलकर ही कई कठिन परीक्षाएं भी दी हैं और हर बार हम सभी मजबूत होकर निकले हैं. कोरोना महामारी के रूप में, इतनी बड़ी परीक्षा तो लगातार चल रही है. इस वैश्विक महामारी के बीच भारत, 'सेवा और सहयोग' के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है. अंत में पीएम मोदी ने कहा कि हमने पहली लहर में भी पूरे हौसले के साथ लड़ाई लड़ी थी, इस बार भी वायरस के खिलाफ चल रही लड़ाई में भारत विजयी होगा. दो गज दूरी, मास्क से जुड़े नियम हों या फिर वैक्सीन, हमें ढिलाई नहीं करनी है. यही हमारी जीत का रास्ता है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 30, 2021 11:59 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

