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पीयूष गोयल ने भारतीय उद्योग जगत से जीएसटी दरों में कटौती का पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की अपील की

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को भारतीय उद्योग जगत से विभिन्न वस्तुओं की श्रेणियों में घोषित जीएसटी दरों में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की अपील की, जिससे मांग को बढ़ाया जा सके और अर्थव्यवस्था में विकास को गति मिले.

पीयूष गोयल ने भारतीय उद्योग जगत से जीएसटी दरों में कटौती का पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की अपील की

नई दिल्ली, 4 सितंबर : केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने गुरुवार को भारतीय उद्योग जगत से विभिन्न वस्तुओं की श्रेणियों में घोषित जीएसटी (GST) दरों में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की अपील की, जिससे मांग को बढ़ाया जा सके और अर्थव्यवस्था में विकास को गति मिले. राष्ट्रीय राजधानी में भारत न्यूट्रावर्स एक्सपो 2025 को संबोधित करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जीएसटी दरों में कटौती से उपभोग मांग को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा. उद्योग अब अधिक बिक्री की आकांक्षा रख सकते हैं, जिससे सभी के लिए मुनाफे वाली स्थिति बनेगी.

गोयल ने आगे कहा कि हालांकि, यह तभी संभव हो सकता है जब जीएसटी का पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा. केंद्रीय मंत्री ने देश को दिए गए "फेस्टिव गिफ्ट" के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को घोषणा की थी कि जीएसटी के मोर्चे पर एक बड़ा बदलाव और अच्छी खबर आने वाली है. उन्होंने कहा कि किसी ने भी यह उम्मीद नहीं की थी कि बुधवार को घोषित परिवर्तनकारी सुधारों से उत्पादों, वस्तुओं और सेवाओं की इतनी विस्तृत श्रृंखला को लाभ मिलेगा. यह भी पढ़ें : Supreme Court: बाढ़ और अवैध पेड़ कटाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर को नोटिस

गोयल ने उद्योग जगत से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि जीएसटी में कटौती से बचाई गई हर एक रुपए की राशि उपभोक्ताओं तक पहुंचे. नए ढांचे के तहत, कई श्रेणियों पर जीएसटी को घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में पर्याप्त बचत हुई है. यह मांग को मजबूत बढ़ावा देगा, क्योंकि कम कीमतें स्वाभाविक रूप से खपत को बढ़ावा देती हैं और उद्योग के विकास को गति प्रदान करती हैं.

केंद्रीय मंत्री ने उद्योग जगत से प्रधानमंत्री के प्रति दो मजबूत प्रतिबद्धताएं रखने का आग्रह किया, जिसमें पहली, जीएसटी में कटौती से हुई बचत का हर एक रुपया उपभोक्ताओं तक पहुंचाना और दूसरी, भारतीय उत्पादों को सक्रिय रूप से बढ़ावा देना. उन्होंने मेहनती भारतीयों के पसीने और परिश्रम से बने उत्पादों, भारत की मिट्टी में पोषित उत्पादों को समर्थन देने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि जब ऐसे उत्पाद देश के कोने-कोने तक पहुंचते हैं, तो वे न केवल आर्थिक मूल्य, बल्कि राष्ट्रीय गौरव और आत्मनिर्भरता का भी प्रतीक होते हैं.

गोयल ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि स्वामित्व किसी भारतीय उद्यमी के पास है या किसी विदेशी निवेशक के पास, जरूरत इस बात की है कि उत्पाद भारत में निर्मित हों, भारतीय युवाओं के लिए रोजगार पैदा करें, स्थानीय समुदायों के लिए अवसर पैदा करें और देश की विकास गाथा में योगदान दें. उन्होंने आगे कहा कि भारत में निर्मित प्रत्येक उत्पाद 1.4 अरब लोगों की आकांक्षाओं को अपने साथ लेकर चलता है और विकसित भारत 2047 की ओर देश की यात्रा का प्रतीक है.

भारत के मजबूत आर्थिक प्रदर्शन का जिक्र करते हुए, उन्होंने बताया कि पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई. वैश्विक उथल-पुथल और अनिश्चितता के बावजूद, भारत सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में अगले दो दशकों तक अग्रणी बना रहेगा उन्होंने 2047 तक भारत के सकल घरेलू उत्पाद को 4 ट्रिलियन डॉलर से 30 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने के सरकार के दृष्टिकोण को दोहराया और इस बात पर जोर दिया कि भारत एक समृद्ध और विकसित राष्ट्र के रूप में उभरेगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 04, 2025 04:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).