Muzaffarpur Shocker: पत्नी की मौत, गरीबी, बेरोजगारी के चलते शख्स ने उठाया भयानक कदम, 5 बच्चों संग लगाई फांसी, 2 ने भागकर बचाई खुद की जान
The man hanged himself along with his five children.

Muzaffarpur News: बिहार (Bihar) के मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) जिले से एक बेहद दर्दनाक (Incident) सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. सकरा थाना क्षेत्र के नवालपुर मिश्रौलिया गांव में एक पिता ने कथित तौर पर अपने पांचों बच्चों को फांसी लगाने की कोशिश की और बाद में खुद भी आत्महत्या कर ली.इस घटना में उसकी तीन मासूम बेटियों की मौत हो गई, जबकि दो छोटे बेटे किसी तरह बच गए.रविवार देर रात ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस (Police) को सूचना दी गई.

मौके पर पहुंची पुलिस ने घर को सील कर जांच शुरू की. मृतकों की पहचान अमरनाथ राम लगभग 35–40 वर्ष और उनकी तीन बेटियों के रूप में हुई है. शवों को (Post-Mortem) के लिए भेज दिया गया है.ये भी पढ़े:Bhagalpur Shocker: 4 बच्चों की मां ने ब्रेकअप के बाद की आत्महत्या, भागलपुर की महिला को हुआ था सोशल मीडिया पर युवक से प्यार, जानें क्या है पूरा मामला?

पांचों बच्चों को फांसी लगाने की कोशिश

पुलिस के अनुसार, आरोपी पिता ने घर के अंदर बच्चों को एक संदूक पर खड़ा कर उनके गले में रस्सी डाली और कूदने को कहा. तीन बेटियों ने डर के मारे ऐसा कर लिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. वहीं दो बेटे घबरा गए और कूदने से मना कर दिया, जिससे उनकी जान बच गई.

बचे बेटे ने सुनाई खौफनाक आपबीती

घटना में बचे बड़े बेटे शिवम ने बताया कि उनके पिता ने एक-एक कर सभी बच्चों को फांसी लगाने की कोशिश की. किसी तरह उसने रस्सी ढीली कर खुद को बचाया और छोटे भाई को भी खोलकर घर से बाहर भागा. इसके बाद दोनों बच्चों ने गांव वालों को पूरी बात बताई.ग्रामीणों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अमरनाथ राम की पत्नी का करीब एक साल पहले निधन हो गया था. इसके बाद से वह गहरे मानसिक सदमे (Mental Stress) में था. आर्थिक तंगी, बेरोजगारी और पांच बच्चों की जिम्मेदारी ने उसे अंदर से तोड़ दिया था.स्थानीय लोगों ने बताया कि परिवार बेहद खराब हालात में रह रहा था.आय का कोई स्थायी साधन नहीं था और बच्चों की पढ़ाई भी बंद हो चुकी थी. घर में जरूरी सहूलियत (Basic Facilities) तक की कमी थी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई थी.

पुलिस कर रही हर एंगल से जांच

मुजफ्फरपुर के डीएसपी (DSP) मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है. घटनास्थल से सबूत जुटाने के लिए (FSL Team) को भी बुलाया गया है. दो जीवित बच्चों के बयान से पूरे मामले की कड़ी जोड़ने की कोशिश की जा रही है.

इलाके में शोक और सवाल

इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि समय रहते अगर परिवार को मदद मिली होती, तो शायद इतनी बड़ी (Tragedy) टाली जा सकती थी. यह मामला एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता की जरूरत पर गंभीर सोच की मांग करता है.

आत्महत्या रोकथाम के लिए और मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर पर मदद के लिए कॉल करें:

Tele Manas (Ministry of Health) – 14416 or 1800 891 4416; NIMHANS – + 91 80 26995000 /5100 /5200 /5300 /5400; Peak Mind – 080-456 87786; Vandrevala Foundation – 9999 666 555; Arpita Suicide Prevention Helpline – 080-23655557; iCALL – 022-25521111 and 9152987821; COOJ Mental Health Foundation (COOJ) – 0832-2252525.