पुणे के स्कूल का अजीबोगरीब फरमान: स्टूडेंट्स को दिया खास रंग के इनरवियर पहनने का आदेश
पुणे के मीर एमआईटी स्कूल ने अपने स्टूडेंट्स के लिए अजीबोगरीब नियम बनाए है. इस शिक्षण संस्थान ने छात्रों के इनरवियर से लेकर पानी पीने तक का वक्त तय किया है. इतना ही नहीं स्कूल प्रशासन ने स्टूडेंट्स के टॉयलेट जाने का भी टाइम बनाया है.
मुंबई: पुणे के मीर एमआईटी स्कूल ने अपने स्टूडेंट्स के लिए अजीबोगरीब नियम बनाए है. इस शिक्षण संस्थान ने छात्रों के इनरवियर से लेकर पानी पीने तक का वक्त तय किया है. इतना ही नहीं स्कूल प्रशासन ने स्टूडेंट्स के टॉयलेट जाने का भी टाइम बनाया है. वहीं स्टूडेंट्स के लिए बनाए गए इस बेतुके फरमान का अभिभावक जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे है.
स्कूल मैनेजमेंट का कहना है कि यह सारे कदम यहां पढनेवाली लड़कियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है. संस्थान की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुचित्रा कराड नागरे ने इसे सही ठहराया है. उन्होंने कहा कि स्कूल डायरी में ऐसे विशिष्ट निर्देश देने का इरादा बहुत साफ था. हमने अतीत में कुछ अनुभव किए थे जिससे हमने यह निर्णय लिया. हमारे पास कोई छुपा एजेंडा नहीं था.
Parents of students of Maeer's MIT School,Pune stage protest over school's diktat for girl students to wear innerwear of specific colour, say,"They're asking us to sign the diary which mentions this. Children are not even allowed to use toilet multiple times here." #Maharashtra pic.twitter.com/4ZYYc0nd0A— ANI (@ANI) July 4, 2018
यहां पढ़ने वाले सभी छात्र-छात्राएं स्कूल के इस व्यवहार से काफी खफा हैं. इस आदेश का विरोध कर रहे छात्राओं के माता-पिता का कहना है कि ''वे हमें उस डायरी पर हस्ताक्षर करने के लिए कह रहे हैं जिसमें इस बात का उल्लेख है. यहां बच्चों को कई बार शौचालय का उपयोग करने की भी इजाजत नहीं है.
क्या है नए नियम-
-छात्रों को टॉयलेट इस्तेमाल करने के लिए विशेष समय तय किया गया है
- पानी पीने के लिए भी समय दिया गया है इसके अलावा स्टूडेंट्स को पानी पीने की अनुमति नहीं होगी
- लड़कियों को तय साइज का ईयरिंग पहनना होगा
-छात्राओं के ड्रेस के नीचे के इनरवियर के रंग सफेद और शरीर के रंग के अलावा किसी और रंग के नहीं होने चाहिए
- मेडकिल स्थिति और इमरजेंसी के अलावा स्कूल के टॉयलेट्स एक निश्चित समय पर जा सकते है
-सेनेटरी पैड्स को सही तरह से उसके लिए तय डब्बे में नहीं डालने पर 500 रुपये का जुर्माना देना होगा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्कूल ने बच्चों के पेरेंट्स को भारतीय दंड संहिता के उल्लेख सहित एक एफिडेविट भी साइन करवाया है जिसके तहत अगर अभिभावक नियमों को नहीं मानते हैं तो उनके खिलाफ स्कूल शिकायत दर्ज कर सकता है. स्कूल का नया शैक्षणिक टर्म 15 जून से शुरू हुआ था और छात्रों को 2 जुलाई को ये स्कूल डायरी दी गई.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 04, 2018 09:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

