Kaziranga Rhino Video: ग्रामीणों पर बढ़ा खतरा! काजीरंगा नेशनल पार्क का जंगली गेंडा माजुली पहुंचा, वन विभाग ने नागरिकों को किया सतर्क
असम के माजुली में काजीरंगा नेशनल पार्क से निकला एक जंगली गेंडा पहुंच गया है. जिसके कारण लोगों में दहशत फ़ैल गई है.
माजुली, असम: काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से निकला एक बड़ा जंगली गैंडा हाल ही में असम के माजुली जिले के विभिन्न रेत द्वीपों और 'चापोरियों' में घूमता देखा गया, जिससे स्थानीय लोगों में भय और चिंता का माहौल बन गया है. यह गैंडा बुधवार को बोकुरा और काकोरिकाटा गांवों में देखा गया, जहां कई ग्रामीणों ने सुबह-सुबह इसकी मौजूदगी दर्ज की. गेंडे के यहां पहुंचने के बाद अब वन विभाग ने लोगों को सावधान किया है. तो वही गेंडे के आने की वजह से अब ग्रामीणों में भी डर का माहौल है.
हालांकि वन विभाग उसको दूर भगाने की कोशिश कर रहा है और गेंडे अपर नजर रखी जा रही है. ये भी पढ़े:Video: सड़क पार करते समय तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आया गेंडा, असम के सीएम सरमा ने वीडियो शेयर कर दी चेतावनी
जंगली गेंडा पहुंचा गांव के पास
#WATCH | Assam | Rhinoceros roaming in Majuli sparks concern among locals as forest department monitors the situation
Forest Range Officer Abhijit Doley says, "... Often rhinoceros from Kaziranga National Park stray out near Majuli division... Two days ago, an adult rhinoceros… pic.twitter.com/t6pofnGIw1
— ANI (@ANI) May 31, 2025
आबादी के नजदीक पहुंचा गेंडा
वन विभाग के अधिकारियों ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत एक्शन लिया ताकि यह गेंडा घनी आबादी वाले क्षेत्रों में न पहुंच सके.हालांकि बुधवार को गैंडे को वापस जंगल की ओर खदेड़ने की कोशिशें असफल रहीं और रातभर में यह जानवर औनियाटी सतरा, महकीना और बालेसिद्धिया गांवों से होता हुआ अंततः डोरिया गांव के पीछे के एक जंगल में जा छिपा.
पटाखों से डराकर हटाया गया गेंडा
गुरुवार सुबह वन अधिकारियों ने गैंडे के पैरों के निशान के आधार पर उसकी लोकेशन का पता लगाया और पूरे दिन उसकी निगरानी की. शाम होते ही स्थानीय बस्तियों से दूर भगाने के लिए पटाखों का सहारा लिया गया, जिससे गेंडा डरकर फिर से काकोरिकाटा और बोकुरा गांवों के बीच के झाड़ी क्षेत्र में लौट गया.
वन अधिकारियों का बयान
माजुली डिवीजन के वन रेंज अधिकारी अभिजीत डोले ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, 'माजुली द्वीप काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के काफी करीब है. यहां अक्सर गैंडे और हाथी जैसे जानवर सपोर्ट एरिया से मुख्य भूमि की ओर चले आते हैं. बीते कुछ वर्षों में हमने देखा है कि 4–5 गैंडे पूरे साल माजुली डिवीजन के सपोर्ट एरिया में रह रहे हैं.इसलिए यह कोई असामान्य घटना नहीं है.
प्राकृतिक संसाधनों की तलाश में हो रहा वन्यजीवों का विस्थापन
वन विशेषज्ञों का मानना है कि काजीरंगा में बढ़ती वन्यजीव जनसंख्या के कारण भोजन की कमी और आवास का दबाव बढ़ा है. इस वजह से जानवर अब ब्रह्मपुत्र नदी पार कर माजुली जैसे इलाके में नए ठिकानों की तलाश में निकलते हैं.यहां का जैव विविधता से भरपूर शांत वातावरण उन्हें आकर्षित करता है.
वन विभाग की अपील
वन विभाग ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे गैंडे के आसपास न जाएं और बचाव कार्य के दौरान अधिकारियों का सहयोग करें. विभाग ने यह भी आश्वासन दिया है कि वे इंसानों और जानवरों दोनों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गैंडे को धीरे-धीरे वापस उपयुक्त प्राकृतिक आवास की ओर ले जाने के प्रयास कर रहे हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on May 31, 2025 06:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

