Cyclone Remal IMD Update: भयानक तबाही का डर! तेजी से बढ़ रहा है चक्रवाती तूफान 'रेमल', बंगाल की खाड़ी में तटों पर दहशत का माहौल
मौसम विभाग का कहना है कि 'रेमल' रविवार की मध्यरात्रि तक 'गंभीर चक्रवाती तूफान' का रूप ले लेगा. यह बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों से होकर गुजरेगा.
Cyclone Remal Update: बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवाती तूफान तेजी से बढ़ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, यह मानसून से पहले बंगाल की खाड़ी में बनने वाला पहला तूफान है, जिसे 'रेमल' नाम दिया गया है. मौसम विभाग का कहना है कि यह शाम तक चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा और रविवार की मध्यरात्रि तक 'गंभीर चक्रवाती तूफान' का रूप ले लेगा.
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी पर, सगर द्वीप (पश्चिम बंगाल) से लगभग 380 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और खेपुपर (बांग्लादेश) से 490 किलोमीटर दक्षिण में बना दाब इसी क्षेत्र में गहरा अवसाद बन गया है. यह 25 जून की शाम तक चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा और रविवार, 26 मई की मध्यरात्रि तक 'गंभीर चक्रवाती तूफान' का रूप ले लेगा. यह बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों से होकर गुजरने की संभावना है.
Depression over East central BoB intensified to Deep Depression over same region about 380km S SE of Sagar Islands(WB) 490km S of Khepupara(Bangladesh). To intensify into a cyclonic storm by 25 evening and cross between Bangladesh and WB coasts around 26 midnight as SCS. pic.twitter.com/xhow79TzcR
— India Meteorological Department (@Indiametdept) May 25, 2024
मौसम विभाग ने 26 और 27 मई को पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों और उत्तरी ओडिशा के संगत जिलों में ज्यादातर स्थानों पर हल्की बारिश के साथ बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है. 26 मई को पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है. 26 मई को मिजोरम, त्रिपुरा और दक्षिण मणिपुर में ज्यादातर स्थानों पर हल्की बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. 27 और 28 मई को असम और मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा में हल्की बारिश होने की संभावना है. 24 मई को अंडमान द्वीपसमूह में ज्यादातर स्थानों पर हल्की या भारी बारिश हो सकती है.
चक्रवाती तूफान तब बनते हैं जब समुद्र के ऊपर गर्म और नम हवा उठती है. इससे समुद्र की सतह के निकट हवा कम हो जाती है क्योंकि यह हवा ऊपर उठती है और इससे दूर हो जाती है. जब ये हवाएँ ऊपर की ओर बढ़ती हैं तो उनके नीचे एक कम दाब वाला क्षेत्र बनता है. जब चारों ओर की हवाओं के कारण कम दाब वाले क्षेत्र का दाब बढ़ता है, तो यह चक्रवात का रूप लेना शुरू कर देता है. एक चक्रवात कुछ दिन या कुछ हफ़्ते तक चल सकता है.
यह समझना महत्वपूर्ण है कि 'रेमल' जैसे चक्रवाती तूफान काफी खतरनाक हो सकते हैं और इससे भारी बारिश, तेज़ हवाएँ और तटीय क्षेत्रों में जल प्रलय आ सकता है. मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना और सावधानी बरतना ज़रूरी है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 25, 2024 11:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

