'INDIA' अलायंस में सीट शेयरिंग पर माथापच्ची, दिल्ली से लेकर बिहार, बंगाल तक कांग्रेस पर दबाव
लोकसभा चुनाव 2024 अब नजदीक है. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी तैयारियों में जुटे हैं. सत्ता पक्ष जहां अपने कामों से जनता को अपने पाले में करने पर जुटा है वहीं विपक्ष के लिए सबसे बड़ा टास्क सीट शेयरिंग है.
नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2024 अब नजदीक है. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी तैयारियों में जुटे हैं. सत्ता पक्ष जहां अपने कामों से जनता को अपने पाले में करने पर जुटा है वहीं विपक्ष के लिए सबसे बड़ा टास्क सीट शेयरिंग है. विपक्षी गठबंधन INDIA में सीट शेयरिंग को लेकर अभी तक बात नहीं बन पाई है. विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक में सहयोगी पार्टियों के बीच सीट शेयरिंग को खींचतान और तनाव बना हुआ है. इस परिस्थिति में सबसे अधिक मुश्किलों का सामना कांग्रेस को करना पड़ रहा है. Rules for Citizenship Act Ready: लोकसभा चुनाव से पहले लागू होगा CAA? इन लोगों को मिलेगी नागरिकता.
गठबंधन में सबसे बड़ी और नेशनल पार्टी होने के कारण कांग्रेस को सभी दलों को साधने की चुनौती है. वहीं कांग्रेस को अधिक सीटें चाहिए ताकि उसका अस्तित्व बना रहे. लेकिन समस्या ये है कि सभी राज्यों की क्षेत्रीय पार्टी और उनके सहयोगी दल अपने-अपने प्रभाव वाले राज्यों में कांग्रेस पर दबाव बना रहे हैं. पश्चिम बंगाल, दिल्ली, पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश सभी जगह यही स्थिति दिख रही है. सीट शेयरिंग को लेकर हर राज्य में कांग्रेस पर एडजस्ट करने का दबाव है.
255 सीटें चाहती है कांग्रेस
कांग्रेस नेतृत्व ने राज्य इकाइयों से कहा कि पार्टी आगामी लोकसभा चुनावों में 255 सीटों पर फोकस करेगी. यानी कांग्रेस INIDA गठबंधन में खुद के लिए 255 सीटें चाहती है. कांग्रेस को इन सीटों पर लड़ने के लिए अपनी सहयोगी पार्टियों की हामी चाहिए. हालांकि, सीटों की यह संख्या 2019 के आम चुनावों की तुलना में कम है फिर भी कांग्रेस को इतनी सीटें मिलना थोड़ा मुश्किल है. नॉर्थ से लेकर साउथ तक सीट शेयरिंग पर तमाम राज्यों की पार्टियां कांग्रेस को किनारा कर रही हैं.
कांग्रेस की राष्ट्रीय गठबंधन समिति ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर उन्हें लोकसभा चुनाव में गठबंधन के घटक दलों के साथ सीट-बंटवारे पर राज्य इकाइयों की प्रतिक्रिया से अवगत कराया. समिति ने कहा कि INDIA के घटक दलों से राज्य वार बातचीत जल्द शुरू की जाएगी.
इस समिति के संयोजक मुकुल वासनिक हैं. समिति में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, मोहन प्रकाश और सलमान खुर्शीद सदस्य हैं. समिति ने पार्टी नेतृत्व को निर्णायक बातचीत के लिए आगे की राह सुझाई है. मुकुल वासनिक ने कहा, ‘‘हम जल्द ही गठबंधन सहयोगियों के साथ बातचीत शुरू करने जा रहे हैं. हम विभिन्न पार्टियों की सुविधा और उपलब्धता को देखेंगे और फिर चर्चा के साथ आगे बढ़ेंगे. सीटों का बंटवारा जल्द किया जाना है.’’
राज्यवार पार्टियों से बात करेगी कांग्रेस
मुकुल वासनिक ने कहा, "हम उन दलों के साथ बात करेंगे जिनका क्षेत्रों में प्रभाव है और उनके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए, हम अपनी बातचीत करेंगे. निश्चित रूप से यह एक राज्यवार चर्चा होगी और फिर हम आगे बढ़ेंगे.’’ पंजाब और दिल्ली में सीट बंटवारे के बारे में पूछे जाने पर वासनिक ने कहा कि वह विशिष्ट राज्यों और पार्टियों के बारे में बात करने की स्थिति में नहीं हैं." उन्होंने कहा, ‘‘हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोकसभा चुनाव के बाद ‘इंडिया’ गठबंधन सरकार बनाए.’’
वासनिक ने जोर देकर कहा कि पार्टी और इसका नेतृत्व सीट बंटवारे को प्राथमिकता दे रहा है. टीएमसी लोकसभा चुनाव को लेकर जल्द सीट बंटवारा समझौता करने पर जोर दे रही है. इसने सीट-बंटवारे की बातचीत के लिए 31 दिसंबर की समय सीमा रखी थी, लेकिन अभी सीट बंटवारा नहीं हुआ है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 05, 2024 10:41 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

