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यमुना में बढ़ा अमोनिया का स्तर, हरियाणा है जिम्मेदार : दिल्ली जल बोर्ड

दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने यमुना में गंदगी फैलाने का एक वीडियो जारी किया है. दिल्ली जल बोर्ड के मुताबिक, यह वीडियो हरियाणा का है. हरियाणा में बिना 'ट्रीट' किया गया दूषित पानी यमुना में छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी में अमोनिया का स्तर बढ़ रहा है. राघव ने मंगलवार को कहा, "साफ पानी दिल्ली का हक है.

यमुना में बढ़ा अमोनिया का स्तर, हरियाणा है जिम्मेदार : दिल्ली जल बोर्ड
प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credit- Twitter)

नई दिल्ली, 30 दिसंबर : दिल्ली जल बोर्ड (Delhi Jal Board) के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने यमुना में गंदगी फैलाने का एक वीडियो जारी किया है. दिल्ली जल बोर्ड के मुताबिक, यह वीडियो हरियाणा का है. हरियाणा में बिना 'ट्रीट' किया गया दूषित पानी यमुना में छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी में अमोनिया (Ammonia) का स्तर बढ़ रहा है. राघव ने मंगलवार को कहा, "साफ पानी दिल्ली का हक है. दिल्ली को वैसे भी जरूरत से कम पानी मिल रहा है. उसमें भी इतना अमोनिया मिल रहा है कि हमारे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट्स (Water treatment plants) में बार-बार दिक्कतें आ रही हैं. कई बार प्लांट बंद भी करना पड़ता है. सोमवार को यमुना के पानी में 7 पीपीएस तक अमोनिया था, जिस वजह से हमारे वजीराबाद, चंद्रावल प्लांट की क्षमता 50 फीसदी तक कम हो गई और ओखला प्लांट पर भी काफी असर पड़ा."

दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष ने कहा कि पिछले एक साल से, यमुना नदी में अमोनिया के स्तर में काफी उतार-चढ़ाव रहा है. हरियाणा सिंचाई विभाग के संबंधित अधिकारियों को कई बार सूचित करने के बावजूद सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई और सुधार नहीं हुआ है. फरवरी, मार्च, जुलाई, अक्टूबर, नवंबर और अब दिसंबर में वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला प्लांट के उत्पादन में हरियाणा द्वारा सप्लाई किए जा रहे कच्चे पानी में मौजूद अमोनिया की वजह से 25 से 80 फीसदी तक की कमी आई है. यह भी पढ़ें : Farmers Protest: दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता का आप सरकार पर निशाना, कहा-राजधानी में MSP लागू ना कर किसानों के दुश्मन बने बैठे हैं केजरीवाल

दिल्ली जल बोर्ड के मुताबिक, हरियाणा के इस व्यवहार की वजह से दिल्ली की परेशानी काफी बढ़ जा रही है. पिछले 2 साल में ये अमोनिया का सबसे उच्चतम स्तर है, यमुना में अमोनिया 7पीपीएम तक बढ़ गया है जबकि प्लांट्स में अधिकतम 0.8 पीपीएम तक अमोनिया का ही ट्रीटमेंट किया जा सकता है. राघव चड्ढ़ा ने कहा, "दिल्ली सरकार और दिल्ली जल बोर्ड के लगातार अनुरोध के बावजूद हरियाणा सरकार कोई एक्शन नहीं ले रही है. यमुना में नालों के जरिए इंडस्ट्री से निकलने वाला अमोनिया लगातार घुल रहा है. मैं सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और अपर यमुना रिवर बोर्ड से की अपील करता हूं कि हरियाणा सरकार की लापरवाही को ध्यान में रखकर उन पर तुरंत कार्रवाई करें." यह भी पढ़ें : Cold Wave: दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर भारत के कई हिस्सों में 1 जनवरी 2021 तक गंभीर शीतलहर का अनुमान

यमुना नदी के पानी में अमोनिया का स्तर बढ़ने से दिल्ली के जिन इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित होगी उनमें सिविल लाइंस, हिंदू राव हॉस्पिटल और इसके आसपास के इलाके, कमला नगर, शक्ति नगर, करोल बाग, पहाड़गंज, एनडीएमसी एरिया, ओल्ड और न्यू राजेंद्र नगर, पटेल नगर (ईस्ट वेस्ट), बलजीत नगर, प्रेम नगर, इंद्रपुरी और इसके आस पास के इलाके, कालका जी, गोविंदपुरी, तुगलकाबाद, संगम विहार, अंबेडकर नगर, पह््रलादपुर और आसपास के इलाके, रामलीला मैदान, दिल्ली गेट, सुभाष पार्क, मॉडल टाउन, गुलाबी बाग, पंजाबी बाग, जहांगीरपुरी, मूलचंद, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश, बुराड़ी और कैंट इलाके और दक्षिणी दिल्ली के कुछ अन्य इलाके शामिल हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 30, 2020 09:19 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).