सभी प्रकार की खबरें लिखने का शौक रखती हूं. खबरों के अलावा कविता और कहानियां लिखने में भी रूचि रखती हूं.
आज पूरे देश में छठ पूजा मनाई जा रही है, शाम को जगह-जगह घाटों और तालाबों के पास बहुत भीड़ इकठ्ठा होगी. इस दिन महिलाएं सज धजकर टोकरी और सुपली में सूर्य देव को चढ़ाने के लिए तरह तरह की मिठाई और फल लेकर जाती हैं. छठ चार दिनों का त्योहार है, इस व्रत में भगवान सूर्य की उपासना करते हैं.
कल पूरे देश में छठ का त्योहार मनाया जाएगा. चार दिनों तक मनाया जानेवाला त्योहार सूरज देवता को समर्पित है. इसकी शुरुआत पहले दिन निकलते डूबते हुए सूरज को अगर देकर और दूसरे दिन भोर में निकलते हुए सूरज को अरग देकर संपन्न होती है. छठ पूजा बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक उत्साह से मनाया जाने वाला त्योहार है.
छठ पूजा जिसे सूर्य षष्ठी के रूप में भी जाना जाता है, ये सूर्य और उनकी बहन उषा यानी छठी मैया की पूजा का त्योहार है. यह दिवाली के छह दिन बाद मनाया जाता है. छठ पूजा प्राचीन हिंदू त्योहारों में से एक है और इसलिए हिंदू समुदाय के लिए बहुत महत्व रखता है. यह पूजा पृथ्वी पर जीवन को बनाए रखने के लिए सूर्य देव का आभार व्यक्त करने के लिए की जाती है.
छठ पूजा भगवान सूर्य को समर्पित त्योंहार है. सूर्य ऊर्जा और जीवन शक्ति का देवता है और इनकी बहन शशि देवी, जिन्हें आमतौर पर छठी मैया भी कहा जाता है. छठ पूजा को सूर्य षष्ठी, छठ, छठ पर्व, डाला पूजा और डाला छठ आदि नामों से भी जाना जाता है. इस साल यह त्योहार 2 नवंबर शनिवार को मनाया जाएगा.
मध्यप्रदेश आज अपना 64 वां स्थापना दिवस पारंपरिक गौरव और भव्यता के साथ मना रहा है. मध्य प्रदेश की स्थापना 1 नवंबर, 1956 को हुई थी और ये क्षेत्रफल की दृष्टि से देश 3 लाख 8 हजार वर्ग किलोमीटर का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है.
आज छत्तीसगढ़ का 20वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है. आज ही के दिन 1 नवंबर साल 2000 को छत्तीसगढ़ की स्थापना की गई थी. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट के जरिए बधाई दी है. अपने ट्वीट के जरिए पीएम मोदी ने कहा कि,' प्राकृतिक सौंदर्य के धनी राज्य छत्तीसगढ़ के निवासियों को स्थापना दिवस की बहुत-बहुत बधाई.
दिवाली आनेवाली है, सभी घरों में जोरों शोरों से इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. त्योहार से पहले, महिलाएं अपनी हथेलियों पर मेहंदी लगाती हैं क्योंकि यह शुभ माना जाता है और सौभाग्य का संकेत देता है. मेहेंदी की उत्पत्ति प्राचीन भारत में हुई थी और यह देश की संस्कृति और परंपरा का एक अभिन्न अंग है.
दिवाली भारत के सबसे भव्य त्योहारों में से एक है. झिलमिलाती रोशनी का यह त्योहार हर घर में खुशियां लाता है. इस अवसर पर सभी घर के कोने-कोने की सजावट करते हैं. दिवाली के पहले सभी की कोशिश यहीं रहती हैं कि उनका घर अच्छा और सुंदर दिखाई दे.
कुछ दिनों में दिवाली की शुरुआत होनेवाली है, इस अवसर पर घरों को सजाया जाता है और लड्डू, जलेबी, चकली से लेकर नानखटाई जैसी नमकीन और मीठे पकवान तैयार किए जाते हैं. दिवाली के त्योहार के बहाने मेहमानों और घर के लोगों को अच्छे-अच्छे पारंपरिक पकवान खाने को मिलते हैं.
नमकीन स्नैक्स के बिना कोई भी त्योहार अधूरा होता है, खासकर दिवाली में. दिवाली के त्योहार को कुछ दिन बचे हैं. महिलाएं इस अवसर पर पारंपरिक मीठे पकवान बनाती हैं, लेकिन नमकीन के बिना दिवाली का त्योहार अधूरा है. अगर आप इस दिवाली नमकीन स्नैक्स बनाने को लेकर दुविधा में हैं.
दिवाली का त्योहार मनाने के उत्साह में हम सतर्क रहना भूल जाते हैं. दिवाली सताकर रहकर दिवाली मनाना चाहिए ताकि बच्चे और बड़े बूढ़े सुरक्षित रहें. दिवाली के दौरान कुछ चीजें ऐसी हैं जो दुर्घटनाओं से बचने के लिए करनी चाहिए.
कल 25 अक्टूबर धनतेरस से दिवाली की शुरुआत हो जाएगी, कल का दिन बड़ा ही शुभ है, इस दिन नए कार्य या बिजनेस की शुरुआत से सफलता मिलती है. धनतेरस के त्योहार के शुभ मुहूर्त का लोग सालों से इंतजार करते हैं. इस त्योहार को लेकर लोग नई-नई प्लानिंग करते हैं. धनतेरस छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्थी के एक दिन पहले मनाया जाता है.
दिवाली रोशनी का त्योहार है और इस दिन लोग आकर्षक कपड़े और सुंदर दिखने की कोशिश करते हैं. दिवाली पर हर कोई पारंपरिक तरीके से सजना सवरना पसंद करता है. अगर त्योहार के दौरान मेहंदी लगा ली जाए तो सोने पे सुहागा हो जाता है. सभी भारतीय त्योहार मेहंदी के बिना अधूरे हैं.
अमेजन और फ्लिपकार्ट पर इस हफ्ते दिवाली 2019 स्पेशल फेस्टिव सेल चल रहा है. अमेजन की ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल और फ्लिपकार्ट की बिग दिवाली सेल 25 अक्टूबर यानी धनतेरस तक खुली रहेगी. दोनों सेल्स भारी कीमतों पर इलेक्ट्रॉनिक्स पर डिस्काउंट दे रही है. समय आ गया है कि आप अपने स्मार्ट फोन अपग्रेड करें, क्योंकि इससे बेहतर ऑफर आपको कहीं नहीं मिलेगा.
भारतीय त्योहारों का भोजन के साथ घनिष्ठ संबंध है. हर त्योहार की एक महशूर सब्जी, अनाज, या मांस का पकवान होता है जो पारंपरिक रूप से एक विशिष्ट त्योहार पर खाया जाता है.चाहे वह मकर संक्रांति पर गुड़ की खिचड़ी हो या लोहड़ी पर रेवड़ी-मूंगफली या ईद पर सेवई हो. उत्तर प्रदेश में दिवाली तब तक पूरी नहीं होती है जब तक शाम के वक्त दिवाली पूजा के बाद सुरन की सब्जी न बने.
इस साल धनतेरस 25 अक्टूबर को मनाया जा रहा है. इस दिन सोने, चांदी या धातु की वस्तु लेना शुभ माना जाता है. धनतेरस से दिवाली की शुरूआत हो जाती है. धनतेरस को महाराष्ट्र में धनत्रयोदशी भी कहा जाता है. पौराणिक कथानुसार इस दिन माता लक्ष्मी और कुबेर समुद्र मंथन के दौरान दुधिया सागर से निकले थे.
जल्द ही दिवाली का त्योहार दस्तक देनेवाला है. हर जगह इसकी तैयारियां जोरों शोरों पर हैं. सभी इस दिवाली कुछ ख़ास करना चाहते हैं. पांच दिन तक मनाए जानेवाला दिवाली का त्योहार हिन्दुओं का बड़ा ही महत्वपूर्ण त्योहार है. इस अवसर पर पूरे घर को डिस्को लाइट और कंदील से सजाया जाता है.
दिवाली रोशनी का त्योहार है. लोग मिट्टी के दिए में तेल डालकर दीपक जलाते हैं, पटाखे फोड़कर और पारंपरिक पकवान के जरिए दिवाली का त्योहार मनाते हैं. इस बार दिवाली का त्योहार 27 अक्टूबर रविवार को मनाया जाएगा. यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतिक है. भारत में दिवाली का त्योहार मनाने को लेकर अलग-अलग पौराणिक कथाएं हैं.
कोई भी त्योहार हो हर अवसर पर घर में काजू कतली जरुर आती है, खासकर दिवाली के अवसर पर घर में रिश्तेदारों या दोस्तों के घर से दिवाली के दौरान काजू कतली आती है और देखते ही देखते खत्म हो जाती है. दिवाली में घरों में लोग तरह तरह के पारंपरिक मीठे और नमकीन पकवान बनाते हैं, लेकिन काजू कतली बनाने की जहमत कोई नहीं उठाता.
नरक चतुर्दशी (Naraka Chaturdashi 2019) को छोटी दिवाली (Chhoti Diwali 2019), रूप चौदस (Roop Chaudas) और काली चौदस (Kali Chaudas) के नाम से भी जाना जाता है, ये त्योहार पांच दिवसीय दिवाली त्योहार के दूसरे दिन आती है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्रागज्योतिषपुर का शासक नरकासुर गोपियों का अपहरण कर उनके साथ दुर्व्यवहार करता था.