Saraswati Puja 2024: बसंत पंचमी पर सरस्वती-पूजा के दरमियान बासंती भोग अर्पित कर ज्ञान की देवी सरस्वती से मनोवांछित फल प्राप्त करें, जाने ऐसे पांच विशिष्ट भोग!
भारत में बसंत पंचमी ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है, इसी दिन से शीत ऋतु की विदाई, और गर्मी का आगमन शुरू होने लगता है. साल भर का सबसे बेहतरीन मौसम होने के कारण ही इसे ‘ऋतुओं का राजा’ भी कहा जाता है, लेकिन सनातन धर्म में इस दिन को कुछ विशेष ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि पौराणिक ग्रंथों के अनुसार इसी दिन संपूर्ण सृष्टि को माँ सरस्वती ने स्वर और संगीत अर्पित किया था.