BMC Budget 2026 Date: एशिया की सबसे अमीर महानगरपालिका, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपना वार्षिक बजट 25 फरवरी को पेश करने की तैयारी में है. राजनीतिक गलियारों में इस बजट को लेकर काफी चर्चा है, क्योंकि करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद यह बजट निर्वाचित सत्ता (बीजेपी और शिंदे नीत शिवसेना) के प्रभाव में पेश होने जा रहा है. 2022 में पार्षदों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से अब तक प्रशासक ही बजट की कमान संभाल रहे थे, लेकिन इस बार मुंबईकरों को गठबंधन सरकार से बड़ी राहतों और नई योजनाओं की उम्मीद है.
₹62,000 करोड़ के पार जा सकता है बजट
जानकारों का मानना है कि इस साल का कुल बजट परिव्यय (Outlay) 62,000 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर सकता है. यह पिछले वर्ष की तुलना में एक बड़ी बढ़ोतरी होगी. इस वित्तीय योजना का मुख्य केंद्र मेगा-इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, शहरी हरियाली और शहर के प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाना होगा. यह भी पढ़े: BMC में 44 साल बाद BJP की वापसी, रितु तावड़े बनीं मुंबई की पहली बीजेपी मेयर, संजय घाडी को मिली डिप्टी मेयर की कमान; VIDEO
बजट प्रस्तुति का समय और प्रक्रिया
निर्वाचित सत्ता (बीजेपी और शिंदे नीत शिवसेना) के प्रभाव में यह बजट मुंबई स्थित बीएमसी मुख्यालय में पेश किया जायेगा . परंपरा के अनुसार, सुबह के सत्र में सबसे पहले 'शिक्षा बजट' पटल पर रखा जाएगा. इसके बाद दोपहर के सत्र में मुख्य 'सामान्य बजट' की घोषणा की जाएगी. चूंकि 2017 में चुने गए सदन का कार्यकाल मार्च 2022 में समाप्त हो गया था, इसलिए इस बार बजट की चर्चा और उसमें जनता के प्रतिनिधियों की भागीदारी पर सबकी नजरें टिकी हैं.
बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी पर जोर
मुंबई को ट्रैफिक और जलजमाव जैसी समस्याओं से निजात दिलाने के लिए बजट में भारी निवेश की उम्मीद है.
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कोस्टल रोड फेज 2: तटीय सड़क परियोजना के दूसरे चरण को गति देने के लिए विशेष फंड का प्रावधान किया जा सकता है.
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गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR): पूर्व और पश्चिमी उपनगरों को जोड़ने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए बड़ा हिस्सा आवंटित होने की संभावना है.
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सौंदर्यीकरण: फुटपाथों के सुधार, आधुनिक स्ट्रीट लाइटिंग और पार्कों के पुनर्विकास के लिए नई निधियां जारी की जा सकती हैं.
जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण नियंत्रण
मुंबई की भौगोलिक स्थिति और मानसून की चुनौतियों को देखते हुए बीएमसी 'क्लाइमेट एक्शन फंड' पर ध्यान केंद्रित करेगी.
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बाढ़ नियंत्रण: हिंदमाता और मिलन सबवे जैसे संवेदनशील इलाकों में पानी जमा होने से रोकने के लिए नए भूमिगत जल भंडारण टैंकों का निर्माण प्रस्तावित है.
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वायु गुणवत्ता: शहर में धूल और प्रदूषण को कम करने के लिए मैकेनिकल स्वीपर मशीनों और स्मॉग टावरों की संख्या बढ़ाई जा सकती है.
स्वास्थ्य और शिक्षा का विस्तार
बीएमसी अपनी 'आपली चिकित्सा' योजना के दायरे को बढ़ाने की तैयारी में है, ताकि नागरिकों को उनके घर के पास सस्ती डायग्नोस्टिक सुविधाएं मिल सकें. इसके अलावा, केईएम और सायन जैसे प्रमुख अस्पतालों पर बोझ कम करने के लिए उपनगरीय पेरिफेरल अस्पतालों को अत्याधुनिक बनाया जाएगा. शिक्षा के क्षेत्र में, नगर निगम के स्कूलों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़कर डिजिटल लर्निंग पर फोकस किया जाएगा.
राजस्व और वित्तीय प्रबंधन
बीएमसी की आय का प्रमुख स्रोत वर्तमान में राज्य सरकार से प्राप्त जीएसटी मुआवजा और प्रॉपर्टी टैक्स है. हालांकि बीएमसी के पास बैंकों में भारी मात्रा में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) जमा है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि वे विकास कार्यों और आवश्यक नागरिक सेवाओं के बीच संतुलन बनाने के लिए 'वित्तीय अनुशासन' का पालन करेंगे. बढ़ती महंगाई को देखते हुए कुछ सेवाओं के शुल्क में मामूली बदलाव की भी अटकलें लगाई जा रही हैं.












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