देश

प्रज्ञा सिंह केस में बड़ी सफलता: नंदा देवी एक्सप्रेस से रहस्यमय तरीके से लापता हुई महिला 6 दिन बाद बिहार के बेगूसराय में मिली सुरक्षित

केदारनाथ यात्रा से लौटते समय नंदा देवी एक्सप्रेस ट्रेन से अचानक गायब हुई 29 वर्षीय प्रज्ञा सिंह 6 दिन बाद बिहार के बेगूसराय में सुरक्षित मिल गई हैं. पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि वह चलती ट्रेन से बिहार कैसे पहुँचीं.

प्रज्ञा सिंह केस में बड़ी सफलता: नंदा देवी एक्सप्रेस से रहस्यमय तरीके से लापता हुई महिला 6 दिन बाद बिहार के बेगूसराय में मिली सुरक्षित
प्रज्ञा सिंह (Photo Credits: File Image)

रुड़की/बेगूसराय, 11 मई: पिछले कुछ दिनों से उत्तर भारत के सबसे चर्चित और पेचीदा लापता मामलों में से एक 'प्रज्ञा सिंह केस' (Pragya Singh Case) में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. केदारनाथ तीर्थयात्रा से लौटते समय नंदा देवी एक्सप्रेस (Nanda Devi Express) से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई 29 वर्षीय प्रज्ञा सिंह को 6 दिन बाद बिहार (Bihar) के बेगूसराय (Begusarai) में सुरक्षित ढूंढ लिया गया है. पुलिस ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया है और उनके परिवार को सूचित कर दिया गया है. हालांकि, कई एजेंसियों के सामने अब भी सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि प्रज्ञा चलती ट्रेन से गायब होकर सैकड़ों किलोमीटर दूर बिहार कैसे पहुँच गईं?

नंदा देवी एक्सप्रेस से कैसे लापता हुईं प्रज्ञा?

घटना 5 मई की रात की है. प्रज्ञा सिंह अपने पति मनीष के साथ केदारनाथ यात्रा पूरी करने के बाद नंदा देवी एक्सप्रेस (देहरादून से गाजियाबाद) में सफर कर रही थीं. मनीष के अनुसार, हरिद्वार स्टेशन तक दोनों के बीच सामान्य बातचीत हो रही थी, जिसके बाद मनीष को नींद आ गई. जब मुजफ्फरनगर स्टेशन के पास उनकी आँख खुली, तो प्रज्ञा अपनी सीट पर नहीं थीं.

शुरुआत में मनीष ने सोचा कि वह वॉशरूम गई होंगी, लेकिन काफी देर तक न लौटने पर उन्होंने पूरी ट्रेन और पास के कोचों में उनकी तलाश की. प्रज्ञा का मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ था। अगले स्टेशन पर भी उनकी कोई जानकारी नहीं मिली, जिसके बाद रेलवे पुलिस को अलर्ट किया गया और रुड़की पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई.

CCTV कैमरों की खराबी ने बढ़ाई मुश्किल

जांच की शुरुआत में ही पुलिस को एक बड़ी बाधा का सामना करना पड़ा. रुड़की और मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरे कथित तौर पर खराब थे. इस वजह से पुलिस यह पता लगाने में असमर्थ रही कि प्रज्ञा स्वेच्छा से ट्रेन से उतरी थीं या उन्हें जबरन उतारा गया था. पति मनीष ने भी आरोप लगाया कि कैमरों की खराबी के कारण शुरुआती जांच में काफी देरी हुई.

दृश्य साक्ष्य (Visual Evidence) न होने के कारण पुलिस ने रेलवे ट्रैक के किनारे कई किलोमीटर तक तलाशी अभियान चलाया, लेकिन प्रज्ञा का कोई सुराग नहीं मिला. उनके कॉल रिकॉर्ड्स और व्हाट्सएप चैट्स की जांच में भी कोई संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई थी.

6 दिनों की तलाश के बाद बेगूसराय में मिलीं

उत्तराखंड पुलिस, रेलवे पुलिस और कई अन्य एजेंसियों की कड़ी मशक्कत के बाद, पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि प्रज्ञा बिहार के बेगूसराय में हैं. पुलिस की एक टीम ने तुरंत वहां पहुँचकर उन्हें सकुशल बरामद कर लिया। मनीष ने पुष्टि की है कि उन्हें अधिकारियों द्वारा जानकारी दे दी गई है और प्रज्ञा को जल्द ही लक्सर वापस लाया जाएगा. पिछले 6 दिनों से रुड़की में डेरा डाले हुए प्रज्ञा के परिवार ने इस खबर के बाद राहत की सांस ली है.

जांच का अगला पड़ाव: क्या हुआ था उस रात?

प्रज्ञा के मिलने के बाद अब जांच एजेंसियां इस बात पर ध्यान केंद्रित करेंगी कि उनके लापता होने की असली वजह क्या थी। क्या यह अपहरण का मामला था या कोई अन्य कारण? पुलिस जल्द ही प्रज्ञा का बयान दर्ज करेगी, जिससे इस रहस्यमयी घटनाक्रम पर से पर्दा उठने की उम्मीद है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 11, 2026 05:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).