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Haryana Banquet Controversy: रेस्ट रूम साइन के रूप में ‘छत्रपति शिवाजी महाराज’ और ‘रानी पद्मिनी’ के चित्र दिखने पर मचा बवाल, सोशल मीडिया पर आक्रोश

यह विवाद एक बार फिर दिखाता है कि भारत में ऐतिहासिक हस्तियों का सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व कितना गहरा है. डिजिटल दौर में कोई भी दृश्य तेजी से वायरल हो सकता है और व्यापक प्रतिक्रिया पैदा कर सकता है. अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित पक्ष की ओर से क्या स्पष्टीकरण और कार्रवाई सामने आती है.

Haryana Banquet Controversy: रेस्ट रूम साइन के रूप में ‘छत्रपति शिवाजी महाराज’ और ‘रानी पद्मिनी’ के चित्र दिखने पर मचा बवाल, सोशल मीडिया पर आक्रोश
Shivaji Maharaj, Rani Padmini’s’ Portraits

Haryana Banquet Controversy: हरियाणा के सिकरी स्थित मिलन बैंक्वेट हॉल एक वायरल वीडियो को लेकर विवादों में घिर गया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तेजी से शेयर किए जा रहे एक क्लिप में कथित तौर पर छत्रपति शिवाजी महाराज और रानी पद्मिनी के चित्रों को वॉशरूम साइन के रूप में इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है. वीडियो में फ्रेम किए गए चित्र पुरुष और महिला रेस्ट रूम के दरवाजों पर लगे नजर आ रहे हैं. कुछ ही घंटों में यह वीडियो वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं. हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. Chhatrapati Shivaji Maharaj Jayanti 2022: छत्रपति शिवाजी महाराज, जिन्होंने स्वराज्य के लिए किया सर्वस्व न्योछावर, जानें उनके जीवन से जुडी अहम बातें

क्यों भड़का विवाद

छत्रपति शिवाजी महाराज को स्वराज और वीरता के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है, जबकि रानी पद्मिनी त्याग और सम्मान से जुड़ी ऐतिहासिक कथाओं के लिए जानी जाती हैं. ऐसे में उनके चित्रों को रेस्ट रूम के दरवाजों पर लगाए जाने की खबर ने कई लोगों की भावनाओं को आहत किया. कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे भारत की ऐतिहासिक विरासत का अपमान बताया और इसे असंवेदनशील कृत्य करार दिया.

सोशल मीडिया पर जवाबदेही की मांग

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठने लगी. कुछ यूजर्स ने इसे जानबूझकर किया गया कृत्य बताया और बैंक्वेट हॉल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की.

एक यूजर ने लिखा, “क्या उन्हें यह समझ नहीं है कि महान हस्तियों की तस्वीरें कहां लगानी चाहिए?" दूसरे पोस्ट में कहा गया कि इस तरह का इस्तेमाल “लाखों लोगों की भावनाओं पर चोट" जैसा है. कई लोगों ने तुरंत चित्र हटाने और संबंधित प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

अब तक नहीं आया आधिकारिक बयान

फिलहाल मिलन बैंक्वेट हॉल प्रबंधन या स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. यह स्पष्ट नहीं है कि ये चित्र जानबूझकर जेंडर मार्कर के रूप में लगाए गए थे या सजावट का हिस्सा थे, जिन्हें बाद में इस्तेमाल किया गया. आधिकारिक स्पष्टीकरण की अनुपस्थिति ने सोशल मीडिया पर अटकलों को और तेज कर दिया है.

डिजिटल युग में तेजी से फैलता आक्रोश

यह विवाद एक बार फिर दिखाता है कि भारत में ऐतिहासिक हस्तियों का सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व कितना गहरा है. डिजिटल दौर में कोई भी दृश्य तेजी से वायरल हो सकता है और व्यापक प्रतिक्रिया पैदा कर सकता है. अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित पक्ष की ओर से क्या स्पष्टीकरण और कार्रवाई सामने आती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 23, 2026 08:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).