Credit-(PTI )
खावड़ा/मुंद्रा, 7 मार्च : लक्जमबर्ग, रोमानिया और स्लोवेनिया सहित नौ देशों की महिला राजदूतों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुजरात में अदाणी समूह की नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य परियोजनाओं का दौरा किया. प्रतिनिधिमंडल ने इन संयंत्रों में महिला कार्यबल की भागीदारी की सराहना की. कच्छ जिले के खावड़ा में अदाणी ग्रीन एनर्जी के 30 गीगावाट क्षमता वाले स्वच्छ ऊर्जा संयंत्र में महिला इंजीनियरों के साथ बातचीत करते हुए, प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि कार्यस्थलों पर विविधता को बढ़ावा देना किसी देश के आर्थिक विकास की कुंजी है.
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस से पहले बुधवार को संयंत्र के दौरे के दौरान सात राजदूतों और दो उच्चायुक्तों ने समूह की परमार्थ इकाई अदाणी फाउंडेशन द्वारा समर्थित स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिला सदस्यों के साथ भी बातचीत की. अदाणी समूह ने एक बयान में कहा, ''राजदूतों ने प्रत्यक्ष रूप से देखा कि किस तरह नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को टिकाऊ वृद्धि के साथ जोड़ रही है. इसमें महिला इंजीनियरों द्वारा संचालित ऊर्जा नेटवर्क संचालन केंद्र (ईएनओसी) भी शामिल है.'' यह भी पढ़ें : ओडिशा विधानसभा में बीजू पटनायक के ‘अनादर’ का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने हंगामा किया
मुंद्रा बंदरगाह पर आने वाले राजदूतों ने मुंद्रा विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर (ईएमसी) का दौरा भी किया, जहां वैश्विक कंपनियां उन्नत विनिर्माण में निवेश कर रही हैं. रोमानियाई राजदूत सेना लतीफ ने पीटीआई- से कहा, ''अदाणी फाउंडेशन के कार्यबल को देखना प्रभावशाली था. हमने देखा कि युवा इंजीनियरों को कैंपस से भर्ती करके यहां प्रयोगशालाओं में लाया गया है. वे भारत के संपूर्ण सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान दे रहे हैं.''
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खावड़ा/मुंद्रा, 7 मार्च : लक्जमबर्ग, रोमानिया और स्लोवेनिया सहित नौ देशों की महिला राजदूतों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुजरात में अदाणी समूह की नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य परियोजनाओं का दौरा किया. प्रतिनिधिमंडल ने इन संयंत्रों में महिला कार्यबल की भागीदारी की सराहना की. कच्छ जिले के खावड़ा में अदाणी ग्रीन एनर्जी के 30 गीगावाट क्षमता वाले स्वच्छ ऊर्जा संयंत्र में महिला इंजीनियरों के साथ बातचीत करते हुए, प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि कार्यस्थलों पर विविधता को बढ़ावा देना किसी देश के आर्थिक विकास की कुंजी है.
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस से पहले बुधवार को संयंत्र के दौरे के दौरान सात राजदूतों और दो उच्चायुक्तों ने समूह की परमार्थ इकाई अदाणी फाउंडेशन द्वारा समर्थित स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिला सदस्यों के साथ भी बातचीत की. अदाणी समूह ने एक बयान में कहा, ''राजदूतों ने प्रत्यक्ष रूप से देखा कि किस तरह नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को टिकाऊ वृद्धि के साथ जोड़ रही है. इसमें महिला इंजीनियरों द्वारा संचालित ऊर्जा नेटवर्क संचालन केंद्र (ईएनओसी) भी शामिल है.'' यह भी पढ़ें : ओडिशा विधानसभा में बीजू पटनायक के ‘अनादर’ का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने हंगामा किया
मुंद्रा बंदरगाह पर आने वाले राजदूतों ने मुंद्रा विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर (ईएमसी) का दौरा भी किया, जहां वैश्विक कंपनियां उन्नत विनिर्माण में निवेश कर रही हैं. रोमानियाई राजदूत सेना लतीफ ने पीटीआई- से कहा, ''अदाणी फाउंडेशन के कार्यबल को देखना प्रभावशाली था. हमने देखा कि युवा इंजीनियरों को कैंपस से भर्ती करके यहां प्रयोगशालाओं में लाया गया है. वे भारत के संपूर्ण सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान दे रहे हैं.''