देश की खबरें | भारत की उत्तरी सीमा पर चीनी गतिविधियों को लेकर अमेरिकी अधिकारी ने कहा: ‘सतर्क’ नजर रख रहे हैं
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अमेरिका भारत की उत्तरी सीमा पर चीनी गतिविधियों को लेकर “सतर्क” है क्योंकि वह क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों से अपनी नजरें नहीं हटा सकता है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बुधवार को पूर्वी लद्दाख में 29 महीने से अधिक समय से जारी सीमा गतिरोध की पृष्ठभूमि में यह बात कही।
नयी दिल्ली, दो नवंबर अमेरिका भारत की उत्तरी सीमा पर चीनी गतिविधियों को लेकर “सतर्क” है क्योंकि वह क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों से अपनी नजरें नहीं हटा सकता है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बुधवार को पूर्वी लद्दाख में 29 महीने से अधिक समय से जारी सीमा गतिरोध की पृष्ठभूमि में यह बात कही।
नई दिल्ली में अमेरिकी रक्षा अताशे रियर एडमिरल मिशेल एल बेकर ने यह भी कहा कि दक्षिण चीन सागर में भी चीनी कार्रवाइयों के प्रति “सावधान” रहना महत्वपूर्ण है। उन्होंने भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को समग्र द्विपक्षीय संबंधों की “आधारशिला” के रूप में वर्णित किया।
उन्होंने संवाददाताओं के एक छोटे समूह को बताया, “यह निश्चित तौर पर हमारे लिये महत्वपूर्ण क्षेत्र है। हम सतर्क रहेंगे।”
रियर एडमिरल बेकर ने कहा, “हम इस क्षेत्र पर अपने विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करते हैं ताकि हमें यह सुनिश्चित हो सके कि क्या हो रहा है हमें इसकी स्पष्ट समझ है और मुझे लगता है कि यह एक ऐसा स्थान है, जो भारत और अमेरिका दोनों के लिए है। समय के साथ सतर्क रहें। हम क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों से अपनी नजरें नहीं हटा सकते।”
उनकी टिप्पणी तब आई जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका चीन के साथ भारत की सीमा पर घटनाक्रम पर नजर रख रहा है और आने वाले महीनों में चल रहे संघर्ष को अमेरिका कैसे देखता है ?
वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने यह भी कहा कि अमेरिका “भारत के लिए पसंद का भागीदार” बनना चाहता है और नई दिल्ली के पास अपने साथी चुनने की क्षमता है।
उनसे रूस के साथ भारत के दशकों पुराने रक्षा संबंधों के बारे में पूछा गया, जिसमें परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों से संबंधित परियोजनाएं भी शामिल हैं।
रियर एडमिरल बेकर ने कहा, “हम भारत के लिए पसंद के भागीदार बनना चाहते हैं। भारत में अपने साझेदारों को चुनने की क्षमता है और उसने पिछले एक दशक में और अधिक विविधता लाने का एक सचेत निर्णय लिया है। इसने आगे जाकर विविधीकरण जारी रखने का एक सचेत निर्णय लिया है। और उसने कई क्षेत्रों में अमेरिका के साथ साझेदारी करने का एक सचेत निर्णय लिया है।”
दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती सैन्य ताकत पर एक अन्य सवाल के जवाब में, रियर एडमिरल बेकर ने कहा कि पूरे क्षेत्र के देशों के पास सुरक्षा भागीदारों को चुनने के विकल्प के लिए सहायता करना महत्वपूर्ण है।
अमेरिका के वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने कहा, “दक्षिण चीन सागर में उनका बहुत आक्रामक रुख है। अमेरिका की इस पर भी एक स्पष्ट सार्वजनिक स्थिति है। यह कुछ ऐसा है जिससे हमें सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है।”
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के देश भारत या अमेरिका या दोनों जैसे किसी के साथ साझेदारी कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि हिंद-प्रशांत स्वतंत्र और मुक्त रहें, जो भारत और अमेरिका दोनों के लिए पारस्परिक लक्ष्य है।”
पिछले महीने भारत की परमाणु शक्ति संपन्न पनडुब्बी द्वारा बैलिस्टिक मिसाइल के सफल प्रक्षेपण पर एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि देश ने इसे 'जिम्मेदार तरीके से' किया है।
यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका चीन को रोकने के लिए भारत की मदद कर रहा है, उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन कहा, भारत का “अविश्वसनीय रूप से उज्ज्वल भविष्य” है क्योंकि उसके पास “शानदार भौगोलिक स्थिति और ऊंचे पहाड़” हैं जो सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 02, 2022 10:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

