Omicron Variant: कोविड-19 टीकाकरण में असमानता ने ओमीक्रोन को पैदा होने दिया
कनाडा में कोविड-19 रोधी टीकाकरण की दर 76 प्रतिशत है, जो अफ्रीका महाद्वीप में टीकाकरण की दर से दस गुना ज्यादा है. समृद्ध पश्चिमी देशों में जहां लोगों को टीकों की कई खुराकें मिल गई हैं, वहीं बड़ी संख्या में अफ्रीका में और भारतीय उपमहाद्वीप में ऐसे लोग हैं जिन्हें टीके की एक भी खुराक नहीं मिली है.
टोरंटो, 18 दिसंबर : कनाडा में कोविड-19 रोधी टीकाकरण की दर 76 प्रतिशत है, जो अफ्रीका महाद्वीप में टीकाकरण की दर से दस गुना ज्यादा है. समृद्ध पश्चिमी देशों में जहां लोगों को टीकों की कई खुराकें मिल गई हैं, वहीं बड़ी संख्या में अफ्रीका में और भारतीय उपमहाद्वीप में ऐसे लोग हैं जिन्हें टीके की एक भी खुराक नहीं मिली है. इसने वायरस को बढ़ने और म्यूटेशन की प्रक्रिया को तेज करने में मदद की है. जब भी कोविड-19 को थोड़ा ठहरने का मौका मिलता है, यह स्वरूप परिवर्तित करता है और आगे यात्रा करता है. यह प्रक्रिया तब तक चलती रहेगी जब तक साधन संपन्न देश उन लोगों के साथ टीके साझा नहीं करते जो इन्हें वहन करने की स्थिति में नहीं हैं. सृमद्ध देशों को अब भी दुनिया के अन्य देशों की टीकों तक पहुंच स्थापित करने संबंधी कोवैक्स पहल के लिए किए गए प्रण को पूरा करना बाकी है.
कनाडा के लिए घरेलू इस्तेमाल के लिए उपलब्ध टीकों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन्हें साझा करने के बीच संतुलन बनाने और क्षेत्रीय निर्माताओं को प्रोत्साहित करना पहले से अधिक मुश्किल हो गया है. पहले से ऑर्डर की गई टीकें की लाखों खुराकें कोविड-19 संकट जब शुरू हुआ था, प्रमुख निर्माताओं ने सरकारों को अपने टीके पहले ही बेच दिए थे. ये तब हुआ जब टीकों का परीक्षण भी शुरू नहीं हुआ था और ये बनने के क्रम में थे. ये एक प्रकार से अपने काम के लिए धन जुटाने जैसा था . कनाडा और अन्य विकसित देशों ने अन्य देशों के साथ अपने अतिरिक्त टीकों को साझा करने के वादे के साथ, लाखों खुराक का आर्डर दिया, यह संख्या उनकी आबादी को कई बार टीका लगाने की संख्या जितनी थी. यह इतनी जल्दी नहीं हुआ. साजो-सामान, कानूनी और अन्य बाधाओं ने टीकों के व्यापक वितरण में बाधा डाली, लेकिन उन्हें दूर करने के लिए इच्छाशक्ति की कमी प्रतीत होती है. यह भी पढ़ें : Omicron Variant: तमिलनाडु में जीनोम सीक्वेसिंग के लिए 28 नमूने भेजे गए
ओमीक्रोन का आना
ओमीक्रोन को बढ़ता देखना बेहद निराशाजनक है. संक्रमण की शुरूआत से ही यह स्पष्ट हो गया था कि कोविड-19के प्रसार को दुनियाभर में कम किया जाना जरूरी है,खासतौर पर इसके नए स्वरूपों को पैदा होने रोकने के लिए. अल्फा स्वरूप के सामने आने के साथ ही यह संदेश और स्पष्ट हो जाना चाहिए था, डेल्टा स्वरूप के सामने आने के बाद यह और अधिक स्पष्ट हो जाना चाहिए था. अगर संक्रमण के मामले अधिक हों और टीकाकरण की रफ्तार कम हो तो डेल्टा और ओमीक्रोन जैसे स्वरूप बढ़ेंगे.
वैश्विक स्वास्थ्य में निवेश
कनाडा ने ऐतिहासिक रूप से वैश्विक स्वास्थ्य, संक्रामक रोग अनुसंधान या टीका नवोन्मेष और उत्पादन में निवेश नहीं किया है. नतीजा यह हुआ कि हमारा देश वैश्विक आपूर्ति में योगदानकर्ता के बजाय टीकों का उपभोक्ता है. छोटी विनिर्माण सुविधाएं होने के बावजूद कनाडा में वैश्विक टीका प्रयास में सहायता के लिए इन सुविधाओं का पुन: उपयोग करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 18, 2021 02:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

