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Maharashtra Govt New Regulation: महाराष्ट्र सरकार ने 9 साल बाद हटाया 'रेंट ए बाइक' योजना से प्रतिबंध, नए नियम किए लागू

9 साल पहले जिस रेंट-ए-बाइक योजना को बंद किया गया था. उसे अब फिर से शुरू करने का फैसला किया गया है. इस फैसले के अब फिर से एजेंसी दोपहिया वाहनों को किराएं पर दे सकेंगे.

Maharashtra Govt New Regulation: महाराष्ट्र सरकार ने 9 साल बाद हटाया 'रेंट ए बाइक' योजना से प्रतिबंध, नए नियम किए लागू
Credit-(Pixabay)

मुंबई, महाराष्ट्र: मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने 9 साल पुराने प्रतिबंध को हटाते हुए राज्य में रेंट-ए-बाइक योजना को फिर से लागू करने का ऐलान किया है.इस फैसले से राज्यभर में अब दोपहिया वाहन किराए पर देने की सेवाएं नियमित और वैध रूप से शुरू की जा सकेंगी. सरकार के इस कदम से खासतौर पर पर्यटकों, युवाओं और रोजगार तलाश रहे लोगों को लाभ होने की उम्मीद है.राज्य परिवहन विभाग ने योजना को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

इस योजना के शुरू होने के बाद सबसे ज्यादा लाभ ग्राहकों को होगा. क्योंकि उन्हें अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना होगा. ये भी पढ़े:Electric Vehicles New Rule: महाराष्ट्र में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अब नहीं देना होगा टोल टैक्स, मिलेगी 2 लाख रुपए की सब्सिडी और 25 किलोमीटर पर होंगे चार्जिंग पॉइंट

रेंटल सेवा चलाने के लिए जरूरी होंगे ये नियम

राज्य परिवहन विभाग ने योजना को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं जिनमें सेवा शुरू करने के लिए 1,000 रूपए वार्षिक लाइसेंस शुल्क देना अनिवार्य होगा.प्रत्येक ऑपरेटर के पास कम से कम 5 दोपहिया वाहन होने चाहिए.संचालन केवल लाइसेंसधारी के शहर या जिले तक ही सीमित रहेगा.अभी घंटे के हिसाब से किराया तय नहीं किया गया है, लेकिन जल्द ही इस पर भी स्पष्टता लाई जाएगी.

साल 2016 में लगा था प्रतिबंध

रेंट-ए-बाइक नीति को केंद्र सरकार ने 1997 में लागू किया था, लेकिन महाराष्ट्र में यह बिना स्पष्ट नियमों और निगरानी के चल रही थी. 2016 में इस पर रोक लगा दी गई थी क्योंकि पर्यटन स्थलों पर अनियमित संचालन और उपभोक्ताओं की शिकायतों की संख्या बढ़ गई थी. उस समय लाइसेंस भी अनियमित रूप से स्थानीय स्तर पर जारी हो रहे थे.भले ही योजना पर रोक लगी थी, लेकिन कई क्षेत्रों में यह अवैध रूप से चल रही थी. बताया जा रहा है कि कुछ स्थानीय परिवहन अधिकारियों की मौन सहमति से यह कारोबार जारी था.इससे न सिर्फ उपभोक्ताओं को असुविधा हुई, बल्कि राज्य सरकार को भी राजस्व की हानि झेलनी पड़ी.

अब जवाबदेही के साथ होगी शुरुआत

परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि, 'भले ही योजना पर रोक थी, लेकिन यह चल रही थी. अब हम इसे नियमित कर जवाबदेही तय कर रहे हैं ताकि पर्यटकों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

कोकण जैसे इलाकों में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

सरकारी मेमो के अनुसार, योजना से उन क्षेत्रों को खास फायदा होगा जहां परिवहन ढांचा कमजोर है, जैसे कि कोकण. वहां के पर्यटकों को ऑटो और टैक्सी चालकों द्वारा की जा रही अधिक वसूली से राहत मिल सकती है. सस्ती रेंटल बाइक सेवा से वे अधिक स्वतंत्र रूप से घूम सकेंगे.

अवैध ऑपरेटरों पर होगी कार्रवाई

राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने योजना को पुनर्जीवित किए जाने की पुष्टि की है. उन्होंने कहा, 'इस क्षेत्र को नियमित करने से उपभोक्ताओं और सरकार दोनों को फायदा होगा. अवैध रूप से संचालित हो रही सेवाओं पर अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

 

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 03, 2025 02:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).