PM Modi Gifts Thirukkural To Putin: पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को भेंट की तिरुक्कुरल की रूसी अनुवादित प्रति, जानें क्यों है यह ग्रंथ खास
तिरुक्कुरल दुनिया की सबसे अधिक अनूदित गैर-धार्मिक पुस्तकों में शामिल है. इसका अनुवाद 40 से अधिक भाषाओं में किया जा चुका है. रूस में भी 19वीं और 20वीं शताब्दी से कई विद्वानों ने तिरुवल्लुवर की रचनाओं का रूसी भाषा में अनुवाद किया है.
PM Modi Gifts Thirukkural To Putin: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वें BRICS Summit से पहले नई दिल्ली में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान उन्हें प्राचीन तमिल ग्रंथ तिरुक्कुरल की रूसी भाषा में अनूदित प्रति भेंट की. इस विशेष उपहार के जरिए भारत ने अपनी समृद्ध साहित्यिक विरासत और सांस्कृतिक कूटनीति को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया. Delhi BRICS Summit 2026: 13 सितंबर तक आम जनता के लिए बंद रहेगा राष्ट्रपति भवन, अमृत उद्यान और संग्रहालय; चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी भी रद्द, 22 प्वाइंट्स पर ट्रैफिक डायवर्जन
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस पल को साझा करते हुए लिखा कि महान संत कवि तिरुवल्लुवर की अमर शिक्षाएं भाषा और सीमाओं से परे पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं. पुतिन को भेंट की गई यह प्रति सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ क्लासिकल तमिल द्वारा प्रकाशित की गई है, जिसमें मूल तमिल श्लोक, उनका लिप्यंतरण और रूसी अनुवाद शामिल है. इसका रूसी अनुवाद अनुवादक नायरा म्कर्टच्यान ने किया है.
भारत-रूस संबंधों को मिलेगा सांस्कृतिक आयाम
नई दिल्ली में हुई बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की. दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक सहयोग और लोगों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया.
भारत पिछले कुछ वर्षों से विदेशी नेताओं को अपनी सांस्कृतिक और साहित्यिक धरोहर से जुड़े उपहार भेंट करता रहा है. तिरुक्कुरल की रूसी अनुवादित प्रति भेंट करना भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य रक्षा और व्यापारिक संबंधों के साथ-साथ दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सभ्यतागत रिश्तों को भी मजबूत करना है.
पीएम मोदी ने पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया
Presented President Putin with a Russian translation of the Thirukkural, which carries the eternal wisdom of the great Thiruvalluvar across languages and borders. pic.twitter.com/rvk3rRDnvg
— Narendra Modi (@narendramodi) September 11, 2026
क्या है तिरुक्कुरल?
तिरुक्कुरल, जिसे संक्षेप में कुरल भी कहा जाता है, करीब 2,500 वर्ष पुराना प्राचीन तमिल ग्रंथ है. इसकी रचना महान संत कवि तिरुवल्लुवर ने की थी. इसे विश्व साहित्य की सबसे महत्वपूर्ण नीति और नैतिकता संबंधी कृतियों में गिना जाता है.
इस ग्रंथ में कुल 1,330 दो-पंक्तियों वाले श्लोक (कपलेट्स) हैं, जिन्हें 133 अध्यायों में विभाजित किया गया है.
तिरुक्कुरल के तीन प्रमुख भाग
अरम (Aram): नैतिकता, सदाचार, कर्तव्य और व्यक्तिगत चरित्र पर आधारित शिक्षाएं.
पोरुल (Porul): शासन, राजनीति, प्रशासन, अर्थव्यवस्था और राज्य संचालन से जुड़ी सीख.
इनबम (Inbam): प्रेम, पारिवारिक जीवन और मानवीय भावनाओं पर आधारित विचार.
पूरी दुनिया में लोकप्रिय है तिरुक्कुरल
तिरुक्कुरल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सार्वभौमिक सोच है. यह किसी एक धर्म, देवता या सामाजिक व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव जीवन, नैतिकता, सुशासन और अच्छे आचरण पर व्यावहारिक मार्गदर्शन देता है. यही वजह है कि यह ग्रंथ आज भी दुनिया भर में प्रासंगिक माना जाता है.
तिरुक्कुरल दुनिया की सबसे अधिक अनूदित गैर-धार्मिक पुस्तकों में शामिल है. इसका अनुवाद 40 से अधिक भाषाओं में किया जा चुका है. रूस में भी 19वीं और 20वीं शताब्दी से कई विद्वानों ने तिरुवल्लुवर की रचनाओं का रूसी भाषा में अनुवाद किया है.
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राष्ट्रपति पुतिन को इसकी रूसी अनुवादित प्रति भेंट करना भारत की बहुभाषी सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 11, 2026 05:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

