Lohri 2025 Wishes: लोहड़ी के इन प्यार भरे हिंदी WhatsApp Messages, Quotes, Facebook Greetings को भेजकर अपनों को दें शुभकामनाएं
लोहड़ी लोगों के बीच एकजुटता, भाईचारा, कृतज्ञता और एकता की भावना को बढ़ाना देने वाला एक जीवंत त्योहार है. लोहड़ी का पर्व अलाव जलाकर मनाया जाता है, जो सर्दियों के अंत और गर्म दिनों के आगमन का प्रतीक है. मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाए जाने वाले इस पर्व की इन प्यार भरे हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर आप अपनों को लोहड़ी की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Lohri 2025 Wishes in Hindi: गन्ना, गेहूं और सरसों जैसी सर्दियों के फसलों की कटाई के प्रतीक के तौर पर उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में लोहड़ी (Lohri) के त्योहार को धूमधाम से मनाया जाता है. यह किसानों (Farmers) के प्रमुख पर्वों में से एक है, जो कृषि समृद्धि और सर्दियों के मौसम से पहले बोई गई फसलों की पर्याप्त कटाई के लिए सूर्य देव और अग्नि देव के प्रति आभार व्यक्त करने का उत्सव है. इस साल 13 जनवरी 2025 को लोहड़ी का त्योहार मनाया जा रहा है. इस पर्व के जश्न के दौरान लोहड़ी की आग के चारों तरफ लोग पांरपरिक पंजाबी डांस भांगड़ा और गिद्दा करते हैं. इसके साथ सरसों दा साग और मक्के की रोटी के साथ गजक व रेवड़ी जैसे पारंपरिक व्यंजनों का सेवन किया जाता है. मकर संक्रांति (Makar Sankranti) से ठीक एक दिन पहले मनाए जाने वाले इस पर्व को सभी धर्मों के लोग धूमधाम से मनाते हैं.
लोहड़ी लोगों के बीच एकजुटता, भाईचारा, कृतज्ञता और एकता की भावना को बढ़ाना देने वाला एक जीवंत त्योहार है. लोहड़ी का पर्व अलाव जलाकर मनाया जाता है, जो सर्दियों के अंत और गर्म दिनों के आगमन का प्रतीक है. मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाए जाने वाले इस पर्व की इन प्यार भरे हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर आप अपनों को लोहड़ी की शुभकामनाएं दे सकते हैं.





लोहड़ी एक ऐसा अनोखा पर्व है जो फसलों के मौसम का जश्न मनाने और अच्छी फसल के लिए प्रकृति का आभार व्यक्त करने के लिए परिवारों और समुदायों को एक साथ लाता है. यह पंजाब (Punjab), हरियाणा (Haryana), हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh), राजस्थान (Rajasthan), जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir) जैसे भारतीय राज्यों में सबसे अधिक मनाए जाने वाले त्योहारों मं से एक है. इस पर्व को रबी की फसलों की कटाई और शीतकालीन संक्रांति के अंत को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है, जिसका मतलब है कि इस पर्व से दिन लंबे और रातें छोटी होने लगती हैं. इस दिन लोहड़ी की अग्नि में लोग प्रार्थना करते हुए मूंगफली, गुड़, तिल और मक्के जैसी चीजें डालते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 12, 2025 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

