नागरिकता संशोधन बिल 2019: असम के गुवाहाटी में छात्रों का प्रदर्शन हिंसक, डिब्रुगढ़ में की आगजनी
नागरिकता संशोधन बिल 2019 के लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बावजूद पास होने के बाद असम में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. जानकारी के लिए बताना चाहते है कि नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर गुवाहाटी में कई संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं. इस विरोध प्रदर्शन में छात्र संगठन भी शामिल हैं. जिसके चलते बाजार बंद रहे, जबकि डिब्रूगढ़ और जोरहाट में प्रदर्शन के दौरान आगजनी की खबर सामने आयी है. विरोध प्रदर्शन में असम एक्टर्स बरसा रानी और उत्पल भी दिखाई दिए.
नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन बिल 2019 (Citizenship Amendment Bill 2019) के लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बावजूद पास होने के बाद असम में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. जानकारी के लिए बताना चाहते है कि नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर गुवाहाटी में कई संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं. इस विरोध प्रदर्शन में छात्र संगठन भी शामिल हैं. जिसके चलते बाजार बंद रहे, जबकि डिब्रूगढ़ और जोरहाट में प्रदर्शन के दौरान आगजनी की खबर सामने आयी है. विरोध प्रदर्शन में असम एक्टर्स बरसा रानी और उत्पल भी दिखाई दिए.
उल्लेखनीय है सूबे में बंद के चलते स्कूल, कॉलेज भी बंद रखे गए हैं. इसके साथ ही कई यूनिवर्सिटी में होनेवाली परीक्षाएं भी रद्द करने का फैसला किया गया है. इससे पहले सोमवार को भी बंद का असर देखा गया था, जब आईपीएफटी समेत कई आदिवासी समूहों ने नागरिक संशोधन बिल 2019 के खिलाफ बंद बुलाया गया था, जिसके चलते त्रिपुरा ट्राइबल एरिया ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) के क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित रहा था. यह भी पढ़े-नागरिकता संशोधन बिल 2019 लोकसभा से पास, असम में बवाल, 16 संगठनों ने किया बंद का आह्वान
Assam: Protest continues on the streets of Guwahati against #CitizenshipAmendmentBill. https://t.co/H7BTks6s0T pic.twitter.com/ReD47KDzHA
— ANI (@ANI) December 10, 2019
गौरतलब है कि इससे पहले मालीगांव में प्रदर्शनकारियों ने एक सरकारी बस पर पत्थरबाजी की और एक स्कूटर को आग के हवाले कर दिया. त्रिपुरा में सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित है और हजारों यात्री फंसे हुए हैं। बंद समर्थक कार्यकर्ताओं ने वाहनों और गाड़ियों को आगे नहीं बढ़ने दिया.
वही लोकसभा में इस बिल के पास होने के बाद अब विधेयक को राज्यसभा में पेश किया जाएगा. इसके साथ ही संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिलने के बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने के साथ ही पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धर्म के चलते प्रताड़ित होकर भारत आए हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म के लोगों की नागरिकता का मार्ग साफ हो जाएगा.
(IANS इनपुट के साथ)
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 10, 2019 04:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

