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यह ऐप बताता है कि चुनाव में कौन सी पार्टी आपके लिए ठीक रहेगी

मतदान को लेकर अकसर उलझन रहती है, खासतौर से उन लोगों के लिए जो पहली बार वोट डालते हैं.

यह ऐप बताता है कि चुनाव में कौन सी पार्टी आपके लिए ठीक रहेगी
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

मतदान को लेकर अकसर उलझन रहती है, खासतौर से उन लोगों के लिए जो पहली बार वोट डालते हैं. जर्मनी में एक ऐप लोगों को उनके लोकतांत्रिक कर्तव्यों को पूरा करने में मदद करती है, नाम है वाल-ओ-माट.इस ऐप की सेवाएं ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं. इसके नाम का मतलब है "वोटिंग मशीन." दो दशक पहले आया ऐप, आने के बाद से खासा लोकप्रिय है. दिग्गज राजनीतिक भी यह स्वीकार करते हैं कि वो किसी वीडियो गेम के प्रेमी की तरह उसके नए संस्करण का इंतजार करते हैं.

इस साल का संस्करण जिस दिन लॉन्च हुआ उसी दिन से इसे 90 लाख से ज्यादा लोग इस्तेमाल कर रहे हैं, जो एक रिकॉर्ड है. वाल-ओ-माट यूजर को जर्मनी की मौजूदा राजनीतिक सिरदर्दी से निकलने में मदद करता है. इसमें एक राजनीतिक क्विज जैसा होता है जिसका जवाब राजनीतिक दल देते हैं और आखिर में एक नतीजा निकलता है.

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कैसे काम करता है ऐप

इस साल इसमें 38 बयान हैं. इनमें "सारे मोटरवे स्पीड लिमिट वाले होने चाहिए" से लकर "जर्मनी को यूक्रेन की सैन्य मदद जारी रखनी चाहिए" जैसे बयान शामिल हैं. यूजर इन पर क्लिक करते हुए आगे बढ़ते हैं. उनके सामने जवाब देने के लिए तीन विकल्प होते हैं, "सहमत," "पक्की राय नहीं" और "असहमत."

इसकी मदद से अल्गोरिद्म उनकी राजनीतिक प्राथमिकताओं का अंदाजा लगा लेता है. दूसरे प्रस्तावों में यूरो मुद्रा से पीछा छुड़ाना, जर्मनी के परमाणु बिजली घरों को बंद करने की नीति से वापस आना, ट्रेन स्टेशनों पर फेशियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर वाले कैमरे लगाना शामिल हैं.

आखिर में वोटर उन मुद्दों पर अपनी राय मजबूत कर सकते हैं जो उन्हें ज्यादा जरूरी लगता है. इसके बाद वाल-ओ-माट उस पार्टी के बारे में बताता है जो उनकी राय से सबसे ज्यादा मेल खाते हैं. बहुत से लोगों का कहना है कि यह उन्हें कतार में खड़ी 29 पार्टियों के बारे में राज बताने में मदद करता है जो उनका वोट चाहती हैं. इतनी ज्यादा पार्टियों की कतार देख वोटरों का दिमाग घूम जाता है लेकिन फिर इसमें से छांट कर उन दलों का नाम निकाला जाता है जिनके संसद में पहुंचने की उम्मीद है.

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हर चुनाव के साथ बढ़ रहे हैं यूजर

कोलोन में 21 साल के यूनिवर्सिटी छात्र थुरे कुलेसा का कहना है, "मैंने अब तक जितने चुनावों में हिस्सा लिया है उन सबमें इसका इस्तेमाल किया है. यह मुझे किसी पार्टी की छवि को पुख्ता करने में मदद करता है और मैं यह उत्सुकता की वजह से भी करता हूं."

23 फरवरी को आम चुनाव से पहले कुलेसा को ऐप से जो नतीजे मिले हैं उसे देख कर उन्हें ज्यादा हैरानी नहीं हुई. उन्होंने बताया, "मैंने जिनकी उम्मीद की थी वही पार्टियां इसमें सबसे ऊपर है."

पार्टियों की पूरी लिस्ट में उनकी पसंद पिराटेस है. यह पार्टी ऑनलाइन अधिकारों और राजनीतिक पारदर्शिता के पक्ष में प्रचार करती है. इसके हिसाब से जिन पार्टियों की विचारधारा मेल खाती है वे मध्य वामपंथी सोशल डेमोक्रैटिक पार्टी और ग्रीन पार्टी है.

वाल-ओ-माट को राजनीतिक शिक्षा की संघीय एजेंसी ने 2002 के चुनाव से पहले लॉन्च किया था. हर चुनाव के साथ इसका इस्तेमाल करने वालों की संख्या बढ़ती गई. इस तरह से यह बढ़ते-बढ़ते 2021 में 2.1 करोड़ तक पहुंच गई.

राजनीतिक पार्टियों की भागीदारी

ऐप के लिए सवालों को यूनिवर्सिटियों के 38 विशेषज्ञ तैयार करते है. ये सभी एजेंसी के कर्मचारी हैं. इसके साथ ही 24 युवा वोटरों का एक पैनल भी है. वास्तव में इन्हीं को लक्ष्य करके ऐप अपनी सेवाएं तैयार करता है.

पार्टियों के मैनिफेस्टो की जिन बातों को इसमें शामिल किया जाता है उन्हें पार्टियों को भेजा जाता है ताकि वो चेक कर सकें. असली मैनिफेस्टो क्विज नीदरलैंड्स में इसी तरह के एक प्रोजेक्ट के लिए तैयार किया गया था. कई और लोकतांत्रिक देशों में भी इस तरह की सेवाएं हैं.

जर्मनी में राजनीतिक शिक्षा की संघीय एजेंसी के प्रमुख थॉमस क्रुएगर ने बताया कि इस बार के चुनाव के लिए नया वाल-ओ-माट रिकॉर्ड टाइम में तैयार किया गया. यह जल्दबाजी इसलिए हुई क्योंकि चांसलर ओलाफ शॉल्त्स की सरकार कार्यकाल पूरा नहीं कर सकी और नए चुनावों का एलान समय से करीब छह महीने पहले ही कर दिया गया. क्रुएगर ने बताया कि आमतौर पर टीम ऐप को तैयार कर जारी करने में 9 महीने का समय लेती है.

एनआर/एवाई (एएफपी)

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 17, 2025 02:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).