देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर धान खरीद केंद्रों और गौशालाओं में दौड़ लगा रहे यूपी के टॉप ब्यूरोक्रेट्स

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर किसानों का सुख-दुख जानने के लिए सूबे के टॉप ब्यूरोक्रेट्स अपना अधिकतर समय फील्ड पर ही बीता रहे है. राज्य के तमाम वरिष्ठ अधिकारी इन दिनों खुद ग्राउंड जीरो पर उतरे है और गांव-गांव जाकर किसानों का हाल-चाल ले रहे है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर धान खरीद केंद्रों और गौशालाओं में दौड़ लगा रहे यूपी के टॉप ब्यूरोक्रेट्स
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Photo Credits: Facebook)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के निर्देश पर किसानों (Farmers) का सुख-दुख जानने के लिए सूबे के टॉप ब्यूरोक्रेट्स अपना अधिकतर समय फील्ड पर ही बीता रहे है. राज्य के तमाम वरिष्ठ अधिकारी इन दिनों खुद ग्राउंड जीरो पर उतरे है और गांव-गांव जाकर किसानों का हाल-चाल ले रहे है. जबकि सभी अफसरों को आज (29 दिसंबर) विकास कार्यों की रिपोर्ट देने के लिए भी कहा गया है. मुख्‍यमंत्री ने विभिन्‍न जिलों में चल रहे विकास कार्यों की निगरानी के लिए अफसरों को व्‍यापक दौरा कर आज (29 दिसंबर) रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है. जिसके बाद से वरिष्ठ अधिकारी ठंड की परवाह किये बिना सुबह से ही गन्ना एवं धान खरीद केंद्रों तथा निराश्रित गोआश्रम स्थलों का निरीक्षण कर रहें हैं. योगी सरकार कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को लेकर हुई सजग, बनाई जा रही खास रणनीति

नए कृषि कानूनों के विरोध के बीच मुख्यमंत्री योगी ने राज्य में किसानों की समस्याओं को जानने के लिए ग्राउंड जीरो पर टॉप ब्यूरोक्रेसी को उतार दिया है. जिसके तहत मुख्यमंत्री ने धान और गन्ना खरीद, गोआश्रयों की हकीकत का पता लगाने को लेकर सूबे के सभी 75 जिलों में वरिष्ठ आईएएस अफसरों को नोडल अफसर बनाकर भेजा है. राज्य में यह पहला मौका है, जब सूबे के सीनियर आईएएस अफसरों को सभी 75 जिलों का नोडल अफसर बनाकर भेजा गया है.

लापरवाहों पर होगी सख्त कार्रवाई-

सीएम योगी ने निर्देश पर 27 से 29 दिसंबर तक नोडल अधिकारी जिलों में ही रुके है और गन्ना-धान खरीद केंद्र व निराश्रित गोशालाओं का निरीक्षण कर वहां की समस्याओं को जान रहे है. इस दौरान फसलों की सिंचाई, नहरों में पानी की उपलब्धता, बिजली आपूर्ति, वरासत अभियान तथा पुलिस संबंधी शिकायतों की भी समीक्षा कर रहे है. सीएम योगी ने अफसरों को धान खरीद में किसी तरह की शिकायत व जांच में पुष्टि होने पर जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है.

मौके पर ही किसानों की समस्याओं का निदान-

नोडल अधिकारी के तौर पर यूपी के टॉप ब्यूरोक्रेट्स धान क्रय केंद्रों, गन्ना खरीद केंद्रों तथा गोआश्रय स्थलों का दौरा कर लोगों की समस्याओं को सुन रहे हैं. मौके पर ही किसानों की समस्याओं का निदान किया जा रहा है. यही नहीं नोडल अधिकारी जिले में गोआश्रय स्थलों की व्यवस्था, विशेष वरासत अभियान, विद्युत आपूर्ति और किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सिंचाई सुविधा की भी समीक्षा कर रहे हैं. कुल मिलाकर बीत रहे साल के अंतिम दिनों में कड़ाके की ठंड में किसान के द्वार पर पहुंच कर सरकार के आला अफसर किसानों की समस्याओं की जानकारी कर उसका निदान कर रहें हैं.

अफसरों ने ग्राउंड जीरो पर उतर कर जाना हाल-

अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी शाहजहांपुर में निराश्रित गोआश्रम का निरीक्षण किया, वो धान क्रय केंद्र पर भी गए और किसानों से उनकी दिक्कतों के बारे पूछा. अपर मुख्य सचिव हेमंत राव ने औरैया में धान क्रय केंद्र का दौरा किया. अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने बरेली में वैक्सीनेशन की तैयारियों की समीक्षा की और प्रतिदिन तीन हजार लोगों के सैंपल लेकर जांच करने का निर्देश दिया. उन्होंने विदेश से आने वालों की कोविड जांच करने का भी निर्देश दिया और अस्पताल में भर्ती मरीजों से मिले. मरीजों से उन्होंने पूछा कि डॉक्टर आपका ख्याल रख रहे हैं या नहीं. बहेड़ी के धान खरीद केंद्र का भी उन्होंने निरीक्षण किया और उसके बाद समीप के गुड्वारा गांव में सरकारी स्कूल में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं को भी उन्होंने सुना. Uttar Pradesh: सड़कों की सेहत सुधारने उतरेगी योगी सरकार की रोड एंबुलेंस

इसी प्रकार अपर मुख्य सचिव गन्ना एवं चीनी उद्योग संजय भूसरेड्डी, प्रमुख सचिव डिंपल वर्मा तथा कानपुर के मण्डलायुक्त राजशेखर ने भी धान खरीद केंद्र का निरीक्षण किया और वरासत अभियान की प्रगति की जानकारी ली. ग्रामीणों की समस्याओं के बारे में भी इस अफसरों के जानकारी प्राप्त की.

चौपाल लगाकर सुनी फरियाद- 

बरेली जिले के नोडल अधिकारी अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल में बहेड़ी में धान खरीद सेंटर का निरीक्षण किया. किसानों से भी बात की. जिस पर किसानों ने धान की तौल कम होने के शिकायत की. किसानों ने बताया कि बहेड़ी में धान खरीद के सेंटर कम होने से किसानों को धान तौलवाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है. एक हफ्ते में तौल का नंबर आता है. अपर मुख्य सचिव ने डीएम बरेली से धान खरीद के सेंटर बढ़ाने को कहा. उन्होंने धान खरीद के लिए किए गए प्रबंधों को देखने के बाद, गुड़वारा गांव में सरकारी स्कूल में चौपाल लगा कर ग्रामीणों की समस्याओं को भी सुना. ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि उनके गांव में जब से हाइवे बना है, बारिश का गांव में पानी भर जाता है तो परेशानी बढ़ जाती हैं, अगर स्टेट हाइवे वाले फोरलेन रोड के दोनों ओर नाले बनवा दें तो जलभराव की समस्या खत्म हो जाएगी. ग्रामीणों ने बिजली समस्या, सरकारी आवास नहीं मिलने आदि की समस्या भी नोडल अधिकारी के सामने रखी. जिसके बाद अपर मुख्य सचिव ने सीडीओ बरेली से गांव के समस्याओं का निस्तारण करने के आदेश दिए. उसके बाद नवनीत सहगल ने बहेड़ी में बने गोशाला केंद्र व सरकारी अस्पताल का निरीक्षण किया, जिसमें जो भी खामियां मिलीं, उन्हें तुरंत सुधारने के निर्देश दिए.

किसानों-ग्रामीणों ने की सराहना-

फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ग्रामीणों के बीच कड़ाके की ठंड में पहुंचे सूबे की आला अफसरों को धान खरीद केंद्रों पर अपने बीच में देखकर सूबे के किसान हतप्रभ हैं, क्योंकि इसके पहले कोई बड़ा अधिकारी धान खरीद केंद्रों पर नहीं आता था. लेकिन आज धान खरीद केंद्रों पर सूबे के आला अफसरों ने किसान की छोटी बड़ी दिक्कतों के बारे में पूछा. फसलों की सिंचाई, नहरों में पानी की उपलब्धता, बिजली आपूर्ति आदि के बारे में भी किसानों से जानकारी प्राप्त की. इसी क्रम में पुलिस संबंधी शिकायतों के बारे में भी ग्रामीणों से फीडबैक लिया. कुल मिलकर मुख्यमंत्री के इस फैसले की ग्रामीणों के बीच सराहना हो रही है.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 29, 2020 05:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).