The Secret Power of Durga: ‘शक्ति’ मंदिरों या मूर्तियों में नहीं, आपके भीतर है! आज की औरत जानें दुर्गा की उस ‘गुप्त’ शक्ति को!
आपका एक गढ़ा हुआ रूप है, जो दुनिया द्वारा नियंत्रित है, दुनिया के वश में है, जिसने सहमत होना, संयमित होना और धार को नरम करना ही सीखा है, ताकि दूसरे सहज महसूस करें, लेकिन दुर्गा दुर्गा है, वह सिकुड़ती नहीं, संकोच नहीं करती, शक्ति प्रदर्शन की अनुमति नहीं मांगती, क्योंकि वह दिव्य ऊर्जा है, शक्तिशाली है, निडर है, खुद में कम होने में रुचि नहीं रखती, फिर आज की स्त्री की दिनचर्या ऐसी क्यों? जैसे अपने अस्तित्व के लिए माफी मांग रही हो.