International Democracy Day 2025: लोकतंत्र क्या है? जानें अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस का इतिहास, सेलिब्रेशन एवं इससे जुड़े कुछ रोचक फैक्ट्स!

International Democracy Day 2025: लोकतंत्र एक ऐसी शासन व्यवस्था है, जिसमें नागरिक मतदान के माध्यम से इच्छित पार्टी एवं व्यक्ति को सत्ता सौंपते हैं. लोकतंत्र समावेशिता की नींव पर टिका होता है. समान व्यवहार और भागीदारी इसके महत्वपूर्ण घटक हैं, लोकतंत्र शांति और मानवाधिकारों की आधारशिला भी है. लोकतांत्रिक देशों में एक संविधान होता है, जो अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा का वातावरण बनाने में मदद करता है. ऐसे देश में आतंकवादियों के पनपने की संभावना कम होती है. वे वैश्विक अर्थव्यवस्था में भी अधिक सक्रिय होते हैं. लोकतंत्र की महत्ता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने 15 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाने का निर्णय लिया. आइये जानते हैं लोकतांत्रिक व्यवस्था, इसकी महत्ता एवं इतिहास आदि के बारे में..

अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस का इतिहास

8 नवंबर 2007, को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 15 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाने की घोषणा की. सभा ने इस दिवस को मनाने के लिए 46 राष्ट्रीय सांसदों एवं संगठनों को आमंत्रित किया गया, साथ ही सरकारों से लोकतंत्र को बढ़ावा देने के अपने अनुभव साझा करने का भी आह्वान किया. यह तिथि नए या पुनर्स्थापित लोकतंत्रों के पहले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की 20वीं वर्षगांठ थी. इस दिवस को कारगर बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र हर वर्ष अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के लिए एक नया विषय निर्धारित करता है. गत वर्षों में ‘लोकतंत्र के लिए आवाजों को मजबूत करना’, ‘युवाओं को लोकतंत्र से जोड़ना’ और ‘लोकतंत्र की नींव के रूप में समावेश और भागीदारी’ जैसे प्रभावशाली विषय चुने गये, जिसका अच्छा प्रतिसाद मिला. यह भी पढ़े: International Democracy Day 2019: लोकतंत्र के जश्न का पर्व है अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस, जानिए इसका इतिहास और महत्व

कैसे मनाएं अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस?

अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर, दुनिया भर के संगठन लोकतंत्र को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करते हैं. इन कार्यक्रमों में मुख्य वक्ताओं के साथ विविध विषयों पर चर्चाएं और सम्मेलन आयोजित किये जाते हैं. ये वक्ता आमतौर पर लोकतांत्रिक सरकारों का समर्थन करने वाले नेता या शिक्षक होते हैं. लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संबंधों पर चर्चा करने वाली जानकारी प्रसारित की जाती है.

लोकतंत्र दिवस पर कुछ रोचक फैक्ट

* कुछ देशों में विभिन्न तिथियों में लोकतंत्र दिवस मनाया जाता है. मसलन 15 सितंबर को भारत में अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाया जाता है, तो नेपाल में 19 फरवरी, नाइजीरिया में 12 जून मनाया जाता है, जबकि अमेरिका में लोकतंत्र दिवस नहीं लेकिन स्वतंत्रता दिवस 4 जुलाई को लोकतांत्रिक मूल्यों का पर्व मनाया जाता है.

* लोकतंत्र की मूल भावना ‘जनता के लिए, जनता द्वारा, जनता का शासन’ होती है, यह विचार अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन द्वारा दिया गया था.

* दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र एथेंस (ग्रीस) है. 5वीं सदी ईसा पूर्व में एथेंस में लोकतांत्रिक प्रणाली शुरू हुई थी, यद्यपि यह सीमित था और सभी नागरिकों को समान अधिकार नहीं थे.

* दुनिया के 167 देशों में लोकतंत्र है, लेकिन यहां भी केवल 23 प्रतिशत पूर्ण लोकतंत्र हैं.

इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के बहुत से देश ‘हाइब्रिड’ या ‘दोषपूर्ण लोकतंत्र’ की श्रेणी में आते हैं.

* भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है. ताजे आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में भारत में

लगभग 99.1 करोड़ से अधिक मतदाता हैं. यह लोकतंत्र की विविधता और आकार दोनों में सबसे बड़ा है.

* लोकतंत्र में सूचना का अधिकार (RTI) एक बड़ा हथियार है, जो नागरिकों को सरकार से सवाल पूछने और पारदर्शिता की मांग करने का अधिकार देता है.

* सोशल मीडिया का लोकतंत्र पर गहरा प्रभाव पड़ा है, आज नागरिक अपनी राय सीधे साझा कर सकते हैं, लेकिन फेक न्यूज और जनमत को भटकाने के खतरे भी बढ़े हैं.