Venezuela US Conflict: वेनेजुएला (Venezuela) में शनिवार तड़के शुरू हुआ अमेरिकी सैन्य अभियान (American Military Operation) 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' (Operation Absolute Resolve) अब एक खूनी संघर्ष में बदल गया है. वेनेजुएला के एक वरिष्ठ अधिकारी ने द न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि अमेरिकी बमबारी में कम से कम 40 लोग मारे गए हैं, जिनमें सैन्य कर्मियों के साथ-साथ आम नागरिक भी शामिल हैं. वहीं दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इस अभियान को 'ऐतिहासिक सफलता' (Historic Success) बताते हुए पुष्टि की है कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolás Maduro) और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोर्स (Celia Flores) को उनके 'किलेनुमा' घर से गिरफ्तार कर लिया गया है. यह भी पढ़ें: Venezuela-US Conflict: वेनेजुएला ने जारी किया पहला आधिकारिक बयान, काराकास में धमाकों के बाद अमेरिका पर लगाया 'गंभीर सैन्य हमले' का आरोप
बता दें कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी, सीलिया फ्लोरेस को ले जा रहा विमान शनिवार (स्थानीय समय) को न्यूयॉर्क में स्टीवर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस पर उतरा. उन्हें वेनेजुएला के काराकास में अमेरिका के बड़े मिलिट्री हमले के बाद पकड़ा गया था. वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी, सीलिया फ्लोरेस को काराकास में पकड़ा गया और इंटेलिजेंस एजेंसियों और अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के एक जॉइंट ऑपरेशन में देश से बाहर ले जाया गया.
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो गिरफ्तार
Venezuelan President Nicolas Maduro has arrived in New York after being captured by the US military in a large-scale operation in Caracas.
He faces charges of narco-terrorism conspiracy among others and will soon face the US justice system. pic.twitter.com/KFFr36MuzN
— Sky News (@SkyNews) January 3, 2026
भीषण बमबारी और मादुरो की गिरफ्तारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार तड़के करीब 2:00 बजे 150 से अधिक अमेरिकी विमानों ने वेनेजुएला के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया. राजधानी काराकास धमाकों से दहल उठी. अमेरिकी सेना की एलीट 'डेल्टा फोर्स' ने मादुरो के आवास पर धावा बोला. ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में बताया कि मादुरो एक स्टील के दरवाजों वाले सुरक्षा कक्ष (Safe Space) में छिपने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अमेरिकी विशेष बलों ने उन्हें इतनी तेजी से दबोचा कि वे उसे बंद नहीं कर पाए.
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले में नागरिकों समेत 40 लोगों की मौत
⚡️ 40 KILLED IN US ATTACK ON VENEZUELA INCLUDING CIVILIANS — NYT pic.twitter.com/d5YBqxWb8g
— RT (@RT_com) January 3, 2026
हताहतों की संख्या पर विरोधाभास
जहां वेनेजुएला सरकार 40 मौतों का दावा कर रही है, वहीं पेंटागन और राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि इस ऑपरेशन में किसी भी अमेरिकी सैनिक की जान नहीं गई है. हालांकि, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने स्वीकार किया कि एक अमेरिकी हेलीकॉप्टर पर फायरिंग हुई थी और कुछ सैनिक घायल हुए हैं, लेकिन सभी विमान सुरक्षित वापस लौट आए हैं. यह भी पढ़ें: Venezuela Crisis: मादुरो की गिरफ्तारी पर छिड़ा राजनीतिक घमासान, न्यूयॉर्क के मेयर जोहराम ममदानी ने ट्रंप सरकार की कार्रवाई को बताया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन
न्यूयॉर्क में चलेगा मुकदमा
गिरफ्तारी के बाद निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को एक सैन्य विमान से सीधे न्यूयॉर्क ले जाया गया है. ट्रंप प्रशासन के अनुसार, मादुरो पर 'नार्को-टेररिज्म' (नशीली दवाओं की तस्करी और आतंकवाद) के गंभीर आरोप हैं.
- ट्रंप का बयान: 'वे जल्द ही अमेरिकी धरती पर अमेरिकी न्याय की पूरी ताकत का सामना करेंगे.'
- प्रशासनिक नियंत्रण: ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक एक उचित और सुरक्षित सत्ता हस्तांतरण नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका ही वेनेजुएला का शासन संभालेगा.
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: इजरायल ने की सराहना
इस सैन्य कार्रवाई पर दुनिया दो धड़ों में बंटी नजर आ रही है. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर ट्रंप को इस 'साहसिक और ऐतिहासिक' कदम के लिए बधाई दी. वहीं, कई अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने इसे एक संप्रभु राष्ट्र की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताते हुए इसकी कानूनी वैधता पर सवाल उठाए हैं.
वेनेजुएला के भीतर स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है. राजधानी में कई जगहों पर बिजली और संचार सेवाएं ठप हैं, और नागरिक भय के साये में जीने को मजबूर हैं.













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