Nylon Manja Ban: मीरा-भायंदर और वसई-विरार पुलिस का बड़ा एक्शन, मकर संक्रांति पर नायलॉन मंझा पूरी तरह बैन, बेचने और बनाने पर भी लगी रोक
(Photo Credits WC)

Nylon Manja Ban: आगामी मकर संक्रांति त्योहार के दौरान पतंगबाजी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए, मीरा-भयंदर, वसई-विरार (MBVV) पुलिस आयुक्तालय ने नायलॉन मांझे के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है. पुलिस प्रशासन ने यह कदम पक्षियों, जानवरों और इंसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया है. प्रतिबंध लगाने के बाद उप पुलिस आयुक्त (मुख्यालय और विशेष शाखा) अशोक वीरकर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 (1) और (2) के तहत यह निषेधाज्ञा जारी की है.

जानलेवा साबित होता है नायलॉन मांझा

हर साल 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर बड़े पैमाने पर पतंगबाजी की जाती है. अक्सर देखा गया है कि प्लास्टिक या सिंथेटिक सामग्री से बना नायलॉन मांझा पक्षियों और जानवरों के लिए घातक साबित होता है. इंसानों, विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी यह गंभीर चोट या मृत्यु का कारण बनता रहा है. यह भी पढ़े: January 2026 Vrat And Festivals: मकर संक्रांति, वसंत पंचमी और गणतंत्र दिवस सहित जनवरी में पड़ेंगे कई बड़े व्रत व त्योहार, देखें पूरी लिस्ट

पर्यावरण और बुनियादी ढांचे को खतरा

पुलिस द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नायलॉन मांझा गैर-बायोडिग्रेडेबल (अक्षय) होता है, जो लंबे समय तक पर्यावरण में बना रहता है। यह नालियों में फंसकर जल निकासी व्यवस्था को बाधित करता है.

इसके अलावा, इसके मजबूत और सिंथेटिक होने के कारण यह बिजली की लाइनों और सबस्टेशनों में फंस जाता है, जिससे बिजली आपूर्ति ठप होने, उपकरणों को नुकसान पहुंचने और बड़े हादसों का खतरा बना रहता है.

 बिक्री पर भी रोक

MBVV पुलिस ने केवल उपयोग ही नहीं, बल्कि नायलॉन मांझे के निर्माण, बिक्री और भंडारण पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी है. आदेश में कहा गया है कि दुर्लभ और लुप्तप्राय पक्षियों की रक्षा करना प्रशासन की प्राथमिकता है. प्लास्टिक या किसी भी सिंथेटिक सामग्री से बना मांझा अब कानूनी रूप से वर्जित होगा.

उल्लंघन पर होगी जेल और कार्रवाई

यह प्रतिबंधात्मक आदेश 14 जनवरी 2026 की रात 12:01 बजे से प्रभावी होगा और 13 मार्च 2026 की आधी रात तक लागू रहेगा.इस आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 (ए) और (बी) के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

जन जागरूकता के लिए सूचना

चूंकि व्यक्तिगत रूप से सभी को नोटिस देना संभव नहीं है, इसलिए पुलिस ने इसे 'एकपक्षीय आदेश' (Ex-parte order) के रूप में जारी किया है. इसकी जानकारी मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाई जा रही है और संबंधित पुलिस स्टेशनों और सहायक पुलिस आयुक्तों के कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर भी प्रदर्शित की गई है.