GainBitcoin Scam: बिटकॉइन मामले में राज कुंद्रा की बढ़ीं मुश्किलें, मुंबई की PMLA कोर्ट ने भेजा समन; 19 जनवरी को तलब
मुंबई की एक विशेष PMLA अदालत ने 'गेनबिटकॉइन' घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए व्यवसायी राज कुंद्रा को समन्स जारी किया है। कुंद्रा को 19 जनवरी 2026 को अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया है
GainBitcoin Scam: बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और व्यवसायी राज कुंद्रा की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. मुंबई की एक विशेष PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) अदालत ने सोमवार, 5 जनवरी 2026 को राज कुंद्रा और दुबई स्थित व्यवसायी राजेश सतीजा को समन्स जारी किया है. यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गेनबिटकॉइन (GainBitcoin) पोंजी घोटाले में दाखिल की गई पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद की गई है. अदालत ने दोनों आरोपियों को 19 जनवरी 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है.
क्या है 285 बिटकॉइन का पूरा मामला?
ED की जांच के अनुसार, राज कुंद्रा को इस घोटाले के मुख्य सूत्रधार अमित भारद्वाज (जिसकी 2022 में मृत्यु हो गई) से 285 बिटकॉइन प्राप्त हुए थे। यह सौदा यूक्रेन में एक 'बिटकॉइन मायनिंग फार्म' स्थापित करने के लिए किया गया था. हालांकि, यह प्रोजेक्ट कभी धरातल पर नहीं उतरा। जांच एजेंसी का आरोप है कि कुंद्रा के पास वर्तमान में भी ये 285 बिटकॉइन मौजूद हैं, जिनकी बाजार कीमत 150 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है.
ED के गंभीर आरोप: 'बिचौलिये नहीं, असली लाभार्थी'
अदालत में दाखिल चार्जशीट में ED ने राज कुंद्रा के उन दावों को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने खुद को केवल एक 'मध्यस्थ' बताया था. एजेंसी के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
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सबूतों को छिपाना: कुंद्रा ने उन बिटकॉइन वॉलेट के एड्रेस देने से इनकार कर दिया जहां फंड ट्रांसफर किया गया था. उन्होंने दावा किया कि उनका 'iPhone X' खराब हो गया है, जिसे ED ने साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश माना है.
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मनी लॉन्ड्रिंग का तरीका: आरोप है कि कुंद्रा ने अपनी पत्नी शिल्पा शेट्टी के साथ मिलकर संपत्तियों के संदिग्ध सौदे किए ताकि अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) को कानूनी रूप दिया जा सके.
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स्मृति पर सवाल: ED का कहना है कि कुंद्रा को सात साल पहले हुए लेनदेन की सटीक संख्या याद है, जो यह साबित करता है कि वह महज बिचौलिये नहीं बल्कि 'बेनेफिशियल ओनर' थे.
अब तक की कार्रवाई
यह मामला 'वेरिएबल टेक प्राइवेट लिमिटेड' और अमित भारद्वाज के खिलाफ दर्ज कई एफआईआर (FIR) से शुरू हुआ था, जिसमें करीब 8,000 निवेशकों से धोखाधड़ी का आरोप है.
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अप्रैल 2024: ED ने इस मामले में कुंद्रा और शेट्टी की 97.79 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की थीं. इसमें जुहू स्थित उनका फ्लैट और पुणे का बंगला शामिल था.
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दिसंबर 2025: अदालत ने दुबई में मौजूद अवैध संपत्तियों की कुर्की के लिए 'लेटर ऑफ रिक्वेस्ट' जारी करने की अनुमति दी थी.
निवेशकों के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी
गेनबिटकॉइन घोटाला भारत के सबसे बड़े क्रिप्टो पोंजी स्कीमों में से एक माना जाता है.अमित भारद्वाज और उसके सहयोगियों ने निवेशकों को बिटकॉइन मायनिंग के जरिए हर महीने 10% रिटर्न का लालच दिया था. निवेशकों से लिए गए बिटकॉइन को मायनिंग में लगाने के बजाय आरोपियों ने उन्हें गुप्त ऑनलाइन वॉलेट में छुपा दिया.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 06, 2026 05:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

