Donald Trump on Prime Minister Narendra Modi: अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों और भारत की विदेश नीति को लेकर बड़ा बयान दिया है. फ्लोरिडा से वाशिंगटन लौटते समय एयरफोर्स वन विमान में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप (Trump) ने पीएम मोदी (PM Modi) को 'बहुत अच्छा इंसान' (Very Good Man) बताया. ट्रंप ने दावा किया कि भारत ने रूस से तेल के आयात में इसलिए कटौती की है क्योंकि पीएम मोदी जानते थे कि वाशिंगटन इस व्यापार से खुश नहीं है. यह भी पढ़ें: America and India Relations: 'भारत के बीच संबंध अच्छे हैं', अमेरिकी प्रवक्ता ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बचाव किया
'मुझे खुश करना जरूरी था' - ट्रंप का दावा
राष्ट्रपति ट्रंप ने विमान में चर्चा के दौरान कहा कि भारत ने अपनी नीति में बदलाव केवल इसलिए किया ताकि अमेरिका के साथ संबंधों में खटास न आए. ट्रंप ने कहा- 'मोदी एक बहुत अच्छे इंसान हैं. वे जानते थे कि मैं (रूसी तेल खरीद से) खुश नहीं था और उनके लिए मुझे खुश करना महत्वपूर्ण था। बुनियादी तौर पर वे मुझे खुश करना चाहते थे.'
ट्रंप ने आगे कहा कि भारत और अमेरिका के बीच बड़े पैमाने पर व्यापार होता है, लेकिन अगर चीजें उनकी योजना के अनुसार नहीं रहीं, तो अमेरिका भारतीय उत्पादों पर बहुत तेजी से टैरिफ (आयात शुल्क) बढ़ा सकता है.
लिंडसे ग्राहम ने टैरिफ को बताया प्रभावी हथियार
ट्रंप के साथ यात्रा कर रहे सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी इस दौरान भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ का बचाव किया. ग्राहम ने दावा किया कि ट्रंप प्रशासन के दबाव और शुल्कों के कारण ही भारत अब काफी कम रूसी तेल खरीद रहा है. उन्होंने कहा कि यह रणनीति पुतिन की 'वॉर मशीन' को कमजोर करने में सफल रही है.
ग्राहम ने यह भी जानकारी दी कि वह एक नया कानून लाने की तैयारी में हैं, जो राष्ट्रपति को उन देशों पर 0 से 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देगा, जो रूस से सस्ता तेल खरीद रहे हैं.
वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई और तेल की राजनीति
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब साल 2026 की शुरुआत में ही अमेरिका ने वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई की है और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया है. वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है. इस घटनाक्रम ने वैश्विक तेल बाजार में हलचल पैदा कर दी है और अमेरिका अब दुनिया भर के देशों, विशेषकर भारत और चीन पर रूस से तेल न खरीदने का दबाव और बढ़ा रहा है. यह भी पढ़ें: ट्रंप का भारत को बड़ा झटका! अमेरिका में महंगी होंगी भारतीय दवाएं, फार्मा सेक्टर पर 100% टैक्स का ऐलान
भारत का रुख और व्यापारिक चुनौतियां
हालांकि ट्रंप तारीफ कर रहे हैं, लेकिन भारत ने हमेशा कहा है कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देगा. बीते साल (2025) में भी ट्रंप ने दावा किया था कि पीएम मोदी ने उन्हें तेल न खरीदने का आश्वासन दिया है, जिसका भारत ने खंडन किया था. वर्तमान में, भारतीय सामानों पर अमेरिका द्वारा लगाया गया भारी टैरिफ (जो कुछ मामलों में 50% तक है) दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौतों में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है.











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