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Mira-Bhayandar Hospital Shocker: मीरा-भायंदर अस्पताल की बड़ी लापरवाही, वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रही एक 89 वर्षीय बुजुर्ग महिला को चूहे ने काटा, सुरक्षा पर उठे सवाल

मीरा भयंदर के पंडित भीमसेन जोशी अस्पताल के आईसीयू में वेंटिलेटर पर मौजूद एक 89 वर्षीय महिला को चूहे द्वारा काटे जाने का मामला सामने आया है. इस घटना ने सरकारी अस्पताल की स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर

Mira-Bhayandar Hospital Shocker: मीरा-भायंदर अस्पताल की बड़ी लापरवाही, वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रही एक 89 वर्षीय बुजुर्ग महिला को चूहे ने काटा, सुरक्षा पर उठे सवाल
(Photo Credits Pixabay)

Mira-Bhayandar Hospital Shocker:  महाराष्ट्र के मीरा भयंदर स्थित पंडित भीमसेन जोशी अस्पताल से एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. यहां आईसीयू (ICU) में वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रही एक 89 वर्षीय बुजुर्ग महिला को चूहे ने काट लिया. इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की सतर्कता, स्वच्छता और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. पीड़ित परिवार ने अस्पताल के कर्मचारियों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

क्या है पूरा मामला?

पीड़ित महिला की पहचान 89 वर्षीय सुहासिनी माथेकर के रूप में हुई है. उन्हें स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों के बाद 12 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल की चौथी मंजिल पर स्थित आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा था.  यह भी पढ़े; गलत इंजेक्शन से नवजात बच्ची का सड़ गया हाथ, अब काट कर करना होगा अलग, ग्रेटर नोएडा में अस्पताल की बड़ी लापरवा

घटना 13 मार्च की सुबह की है, जब परिवार के सदस्य उनसे मिलने आईसीयू पहुंचे. परिजनों ने देखा कि एक चूहे ने बुजुर्ग महिला के हाथ पर काट लिया था. परिजनों के हस्तक्षेप के बाद ही वहां से चूहा भागा. इस दृश्य को देखकर परिवार के सदस्य स्तब्ध रह गए.

अस्पताल प्रशासन और स्टाफ पर गंभीर आरोप

पीड़ित परिवार ने ऑन-ड्यूटी डॉक्टरों और नर्सों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि आईसीयू जैसे संवेदनशील और अत्यधिक निगरानी वाले क्षेत्र में चूहे का मौजूद होना ही प्रशासन की विफलता है. परिवार ने पूछा कि रात की ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने इस ओर ध्यान क्यों नहीं दिया.

परिवार के एक सदस्य ने बयान में कहा, "यह बेहद चौंकाने वाला है कि आईसीयू जैसे स्टेराइल ज़ोन में ऐसी घटना हो सकती है. यह पूरी तरह से प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम है."

स्वच्छता और संक्रमण का बढ़ता खतरा

आईसीयू में चूहों की मौजूदगी न केवल सुरक्षा में चूक है, बल्कि यह गंभीर संक्रमण (Infection) का खतरा भी पैदा करती है. विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल के सबसे महत्वपूर्ण विभाग में इस तरह की गंदगी मरीजों की जान जोखिम में डाल सकती है. इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में भी भारी रोष देखा जा रहा है.

परिवार ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग

पीड़ित परिवार ने आधिकारिक तौर पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  • घटना के समय ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.
  • अस्पताल की साफ-सफाई और पेस्ट कंट्रोल (Pest Control) उपायों का तत्काल ऑडिट हो.
  • भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस सुरक्षा तंत्र विकसित किया जाए.

फिलहाल, अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले पर विस्तृत स्पष्टीकरण का इंतजार है. यह घटना सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की एक डरावनी तस्वीर पेश करती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 16, 2026 03:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).