पटना/सीवान, 1 मई: बिहार (Bihar) से मानवता को झकझोर देने वाली एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें नाबालिग लड़कियों (Minor Girls) के साथ क्रूरता और नवजात शिशुओं की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है. दैनिक भास्कर की एक खोजी रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में सक्रिय एक गिरोह ऑर्केस्ट्रा संचालकों, बिचौलियों और कुछ डॉक्टरों के साथ मिलकर लड़कियों को देह व्यापार और बच्चा बेचने के कारोबार में धकेल रहा था. इस गिरोह के तार सिवान और सारण जैसे जिलों से जुड़े बताए जा रहे हैं, जहाँ मासूमों को महज एक 'वस्तु' की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था. यह भी पढ़ें: S*x Racket Busted in Navi Mumbai: स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़, 4 थाई नागरिकों समेत 7 महिलाएं बचाई गईं
हार्मोनल इंजेक्शन का खौफनाक खेल
इस रिपोर्ट का सबसे विचलित करने वाला पहलू नाबालिग लड़कियों को दिए जाने वाले हार्मोनल इंजेक्शन हैं. गिरोह के सदस्य 'क्वैक्स' (झोलाछाप डॉक्टरों) की मदद से कम उम्र की लड़कियों को बार-बार ऐसे इंजेक्शन देते थे जिससे उनका शारीरिक विकास तेजी से हो और वे अपनी उम्र से बड़ी दिखें. ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके और उन्हें ऑर्केस्ट्रा या देह व्यापार के लिए तैयार किया जा सके. रिपोर्ट में पीड़ित लड़कियों के बयान भी शामिल हैं, जिन्होंने इस दर्दनाक प्रक्रिया की पुष्टि की है.
गर्भावस्था के बाद बच्चा बेचने का सौदा
जांच में यह भी सामने आया है कि लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर या जबरन गर्भवती किया जाता था। एक बार जब लड़की गर्भवती हो जाती, तो उस बच्चे को एक व्यावसायिक अवसर की तरह देखा जाता था. स्टिंग ऑपरेशन के दौरान एक एजेंट ने कथित तौर पर बताया कि नवजात बच्चों को 5 लाख रुपये या उससे अधिक की कीमत पर बेचा जाता है. इस पूरे सौदे में अस्पतालों और डॉक्टरों की मिलीभगत का भी आरोप है, जो डिलीवरी और बच्चे को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के खरीदारों तक पहुंचाने का काम करते थे.
ऑर्केस्ट्रा की आड़ में अनैतिक देह व्यापार
रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क ऑर्केस्ट्रा सेटअप के माध्यम से संचालित होता था, जो असल में रेड-लाइट क्षेत्रों की तरह काम करते थे. यहाँ बाहर के जिलों और राज्यों से लड़कियों को लाया जाता था. एजेंट विक्की नामक व्यक्ति के साथ हुए एक कथित स्टिंग में सीवान के एक डॉक्टर के शामिल होने की बात भी सामने आई है, जो पुलिस की किसी भी परेशानी के बिना डिलीवरी और बच्चे को 'एडजस्ट' करने का आश्वासन देता पाया गया. यह भी पढ़ें: Tanishq Spa Busted: मीरा रोड में 'तनिष्क स्पा' पर पुलिस का छापा; जिस्मफरोशी के रैकेट का भंडाफोड़, 14 महिलाएं बचाई गईं (Watch Video)
प्रशासनिक सतर्कता और कानूनी चिंताएं
हाल ही में सारण जिले में एक 24 दिन के बच्चे की बरामदगी ने इन आरोपों को और पुख्ता किया है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऑक्सीटोसिन जैसे हार्मोन का दुरुपयोग न केवल कानूनी रूप से अपराध है, बल्कि यह लड़कियों के जीवन के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है. भारत में ऐसे इंजेक्शनों पर पहले से ही कड़े नियम लागू हैं, लेकिन इस रिपोर्ट ने जमीनी स्तर पर इनके दुरुपयोग की भयावह तस्वीर पेश की है.
यह मामला केवल अपराध का नहीं, बल्कि एक बड़े संगठित सिंडिकेट का है जो गरीबी और मजबूरी का फायदा उठाकर मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है.













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