Donald Trump’s Controversial Post: ट्रंप और पोप के बीच बढ़ा विवाद, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईसा मसीह के रूप में सोशल मीडिया पर साझा की AI जनरेटेड तस्वीर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपनी एक AI-जनरेटेड तस्वीर साझा की है, जिसमें उन्हें ईसा मसीह के समान दिखाया गया है। यह विवादित पोस्ट उन्होंने पोप लियो XIV की तीखी आलोचना करने के तुरंत बाद की है, जिससे व्हाइट हाउस और वेटिकन के बीच तनाव बढ़ गया है
Donald Trump’s Controversial Post: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पोप लियो XIV के बीच विवाद एक नए स्तर पर पहुंच गया है. पोप लियो की कड़ी आलोचना करने के कुछ समय बाद ही, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक एआई-जनरेटेड (AI-generated) तस्वीर साझा की, जिसमें उन्हें ईसा मसीह के समान एक करिश्माई और दिव्य व्यक्तित्व के रूप में दिखाया गया है. इस वायरल तस्वीर ने राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है.
तस्वीर में ट्रंप को लबादे पहने एक बीमार व्यक्ति पर हाथ रखकर 'चमत्कार' करते हुए दिखाया गया है। तस्वीर की पृष्ठभूमि में अमेरिकी झंडे, सैन्य विमान और देवदूत जैसी आकृतियां मौजूद हैं, जो इसके राजनीतिक संदेश को और अधिक गहरा बनाती हैं. यह भी पढ़े: US-Iran War: शांति वार्ता फेल होने और Trump की धमकी के बाद अमेरिका और ईरान के बीच फिर बढ़ी तनातनी, क्या दोबारा शुरू होगा युद्ध?
ट्रंप के पोस्ट
New media post from Donald J. Trump
(TS: 12 Apr 21:49 ET) pic.twitter.com/uWUoEG1bSQ
— Commentary: Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) April 13, 2026
पोप लियो XIV पर तीखे हमले
यह विवाद ट्रंप द्वारा पोप लियो XIV पर की गई कठोर टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, ट्रंप ने पोप की आलोचना करते हुए उन्हें "अपराध पर कमजोर" और "विदेशी नीति के लिए भयानक" करार दिया, उन्होंने आरोप लगाया कि पोप वामपंथी राजनीतिक विचारधाराओं की ओर झुक रहे हैं,
ट्रंप ने अपने बयान में कहा, "मैं ऐसा पोप नहीं चाहता जो ईरान के पास परमाणु हथियार होने को सही माने, मैं ऐसा पोप नहीं चाहता जो अमेरिका की वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई को गलत ठहराए, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पोप को उनकी वजह से ही यह पद मिला है, क्योंकि उनके अनुसार पोप लियो इस दौड़ में कहीं नहीं थे.
राजनीतिक हस्तक्षेप और वेटिकन की प्रतिक्रिया
ट्रंप ने आगे कहा कि पोप लियो को राजनीति के बजाय अपने धार्मिक कर्तव्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा, "पोप को कट्टरपंथी वामपंथियों का समर्थन करना बंद करना चाहिए। यह उनके लिए और कैथोलिक चर्च के लिए बेहद हानिकारक है।"
गौरतलब है कि पोप लियो XIV, जो पहले अमेरिकी मूल के पोंटिफ हैं, ने वैश्विक संघर्षों में कूटनीति और शांति का आह्वान किया है। ईरान और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर उनकी सुलह की नीति राष्ट्रपति ट्रंप के "अमेरिका फर्स्ट" एजेंडे से मेल नहीं खाती। ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें पोप लियो का काम करने का तरीका बिल्कुल पसंद नहीं है।
बढ़ते राजनयिक तनाव के मायने
यह घटनाक्रम व्हाइट हाउस और वेटिकन के बीच जारी बढ़ते तनाव का संकेत है। जहां एक ओर ट्रंप अपनी नीतियों को लेकर पोप की सीधी आलोचना कर रहे हैं, वहीं वेटिकन ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि इस तरह के सार्वजनिक विवादों का असर न केवल अमेरिका और वेटिकन के संबंधों पर, बल्कि दुनिया भर के कैथोलिक समुदाय की भावनाओं पर भी पड़ सकता है।
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 13, 2026 10:24 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

